बहन जी को मान्यवर कांशीराम साहब ने उत्तराधिकारी क्यों बनाया?
इसका मुझे पता चला तो मैं सोचा आपको भी बता दूं बहुत इंटरेस्टिंग है कि हमारे नेता आदरणीय बहन जी कितने संघर्षों से मेहनत से आगे आई है और समाज को आगे बढ़ाया है,
हुआ यूं कि जब मान्यवर कांशीराम साहब ने बहन कुमारी मायावती जी को उत्तराधिकारी घोषित करना चाहा तो काफी पुरुषवादी सोच के लोग विरोध में खड़े हो गए जो मान्यवर साहब कांशीराम के ही पार्टी के थे वह बसपा के लोग थे नेता थे उस समय अपने अपने प्रदेश में धाकड़ नेता कह जाते थे,
उसमें कई नाम है सबसे पहले विरोध इन्हीं तीन लोगों ने किया पहले वामन मेश्राम दूसरा फूल सिंह बरैया तीसरा एक पंजाब के कोई सिंह थे नाम याद नहीं है,
मान्यवर कांशीराम साहब ने बोला इन तीन और बहन कुमारी मायावती जी को बुलाकर एक साथ बोला तुम चारों जो जिस प्रदेश का है उस प्रदेश में सरकार बना दोगे तो मैं उसे बसपा का उत्तराधिकारी घोषित कर दूंगा बहन जी उत्तर प्रदेश की थी फूल सिंह बरैया मध्य प्रदेश के मेश्राम महाराष्ट्र के और पंजाब के कोई सिंह थे इन तीनों से सरकार तो नहीं बन पाई और बहन जी ने उत्तर प्रदेश में सरकार बना कर दिखा दिया तब कांशीराम साहब ने बहन जी को स- सम्मान उत्तराधिकारी घोषित किया,
इनको तब से बुरा लगा और इन लोगों ने पार्टी छोड़कर बहन जी की बुराई शुरू कर दी।।
आज देखो यह लोग कहां है और बहन कुमारी मायावती जी कहा है इनका कोई पूछता नहीं बहन जी को लोग पूजता है।
ऐसे ही हम लोग लिखते हैं तो हमारे कुछ अपने ही हमें गाली देते हैं क्योंकि हम सच के साथ खड़े होते हैं अवसरवादी लालची लोग हमेशा आपका विरोध करेंगे।।
तरस गया था मैं आपके ऐसे ट्वीट के लिए @chitraaum जी आपका बहुत बहुत शुक्रिया देश की मूलभूत समस्याओ पर पोस्ट करने के लिए, देश का ब्राह्मण अगर चाह ले कि देश को विकसित बनाना है वैज्ञानिक चेतना बढ़ाना है तो यकीन मानिए देश को विश्व गुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता. अम्बेडकरवादियों को इतना संघर्ष करना ही नहीं पड़ेगा वह चैन से पढ़ाई लिखाई करेगा और देश निर्माण में पूरी ताकत से लग जाएगा, अभी उसकी आधी ताकत मनुवाद से लड़ने में जाया हो रही है. खैर
अब आते हैं मूल मुद्दे की तरफ जिसमें आपसे छोटी सी शिकायत है मेम
ऊपर–ऊपर से देखा जाय तो गैस सिलेंडर के 29 रुपए दाम फिर से बढ़ाने से कोई फर्क नहीं पड़ता है क्योंकि जब पेट्रोल–डीज़ल के दाम बढ़ाने से आपको कोई फ़र्क नहीं पड़ा तो अब क्यों फ़र्क पड़ना चाहिए?
हरियाणा में जातिगत भेदभाव चरम पर..
दिनांक 5 जून 2026 देर रात भिवानी के गांव दुल्हेड़ी के डॉ भीमराव अंबेडकर भवन में संचालित लाइब्रेरी के बच्चों को गांव के कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा डरा धमका और धमकी देकर कर वहां से भगा दिया गया, जातिवादी नहीं चाहते दलित समाज पढ़कर आगे बढ़े
भारत में जातिवाद की जड़े बहुत मजबूत है जिसका कारण ब्राह्मणवाद है यह लोग स्कूल कॉलेज सरकारी प्राइवेट संस्थान या कंपनियों तक में भी अपने प्रवृत्ति नहीं छोड़ते एक सीनियर मैनेजमेंट के बंदे के साथ ये व्यवहार आश्चर्यजनक नहीं है यहां राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री जज भी नहीं बच पाए जातिवाद से
नफरती चंटुओं से सावधान।
ये बंदा दावा कर रहा है कि "कॉकरोज जनता पार्टी" के नाम
पर अभिजीत दीपके को रोकने पर किसी ने दिल्ली पुलिस को देख लेने की चुनौती दी थी। यह सरासर झूठ है।
हमने हाथरस पीड़िता के लिए कैंडल मार्च निकालना चाहा था, तो दिल्ली पुलिस ने मुझ पर FIR दर्ज कर ली थी। अभी कुछ ही दिन पहले दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने हमें निर्दोष करार दिया और सभी आरोपों से डिस्चार्ज कर दिया। फिर ऐसे झूठे और भड़काऊ लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं करती? खैर, कुछ महीने पहले रुचि तिवारी के गुंडे दिल्ली पुलिस के थाने में घुसकर छात्राओं को रेप की धमकियां और मां-बहन की गालियां दे रहे थे। जब पुलिस ने उन लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं की, तो भला इन पर क्या ही कार्रवाई करेगी?
यह बंदा कह रहा है कि @Cockroachisback के प्रवक्ता के साथ उमर खालिद का फोटो क्यों है। चलो, उमर खालिद आरोपी है। उस पर दोष सिद्ध नहीं हुआ है। उसके साथ किसी का फोटो होना सामान्य बात है। तुम बताओ कि भाजपा के नरेंद्र मोदी समेत तमाम नेताओं के फोटो और वीडियो तो आसाराम, राम रहीम जैसे बलात्कारी हिंदू बाबाओं के साथ हैं। ये लोग कोर्ट द्वारा सजायाफ्ता हैं। क्या यह बंदा इसी तर्क पर नरेंद्र मोदी समेत तमाम भाजपा नेताओं से सवाल करेगा? नहीं।
इसका कारण यह है कि भाजपा ने दिल्ली-NCR के उन रीलबाज, दंगाई यूट्यूबर्स और नफरती चंटुओं को पाल रखा है, जिनका काम हर प्रदर्शन में घुसकर नफरती और भड़काऊ भाषण देना, हिंदू-मुसलमान करना और दलितों के खिलाफ जहर उगलना है, ताकि लोग उनसे बहस करें और वे गाली-गलौज करके स्वयं को हाइलाइट कर सकें। इतने से भी काम न चले, तो कार्यक्रम में हिंसा कर सकें, जिससे आयोजकों के खिलाफ अपना नफरती एजेंडा चलाया जा सके। अतः ऐसे ताली बजाने वाले असामाजिक तत्वों से सावधान रहें।
Pay back to Society के आज के कार्यक्रम में एक छात्र सौरभ ने यह फोटो दिखाई और इत्तेफाक से ट्विट्टर पर भी दिख गयी। नर्सिंग एक छात्र सौरभ जिनकी सहायता हम करते रहते है उन्होंने कहा कि हमारी भी स्तिथी ऐसी है लेकिन केवल और केवल;
"बसपा के कारण हमारे अंदर ऐसा महूसस होता है कि हम शिखर तक पहुच सकते है"
यह फोटो बहनजी की लखनऊ की हाल की रैली की है जब एक बुजुर्ग घर से पोटली में खाना लेकर सिर्फ इसलिए लखनऊ आया जिससे बहनजी को सुन सके।
यह ही बहुजन आंदोलन की जड़ है। नेता आते जाते रहते है, शीट आती जाती रहती है। लेकिन यह वर्ग बहुजन आंदोलन की रीढ़ की हड्डी है।
बहनजी की जब सरकार बनी तब एक वाक्या ने काफी सुर्खियां बटोरी थी;
"एक कार वाले ने रिक्शा वाले को टक्कर मारी और उल्टा गाली देने लगा, रिक्शा वाला उतरा, कार वाले का गिरेबान पकड़ा और कहा कि सुधर जा, नही तो बहनजी सुधार देगी"
समाज के गरीब से गरीब व्यक्ति की आश बहुजन मूवमेंट है।
विकास कुमार जाटव
@Mayawati@AnandAkash_BSP
बिजनौर के धामपुर क्षेत्र में एक नर्सिंग होम में कार्यरत नर्स जो कि दलित वर्ग से आती हैं उसके साथ नर्सिंग होम के मालिक डॉ फ़ैज़ान ने अकेला का फ़ायदा उठाया उसके साथ रेप किया और इस कृत्य का नारा ने विरोध जताया लेकिन डॉ फ़ैज़ान धमकाता रहा और नर्स को शादी का झांसा भी दिया और धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया।
इस मामले को लेकर भाजपा विधायक ओम कुमार वहाँ के उच्च प्रशासनिक अधिकारियों से मिले और आरोपी के ख़िलाफ़ सख्त कार्यवाही के लिए माँग की अब प्रशासन रेप और धर्म परिवर्तन वाले आरोपों की जांच में जुटी है।
बिजनौर और नगीना समीप लगे हुए जिले है जहां नए नए बने युवा नेता खाट डालकर बैठे हुए मगर मज़ाल है इन मामले को उन्होंने संज्ञान में लिया हो मैं बसपा के नेताओं से भी कहना चाहता हूँ कि इस मामले को आप लोग भी संज्ञान में लें और पीड़ित परिवार के साथ खड़े होकर न्याय के लिए लड़ाई लड़ें।
@PrabhatSharma30@ScienceJourney2 मुझे भी तेरी ओखत पता थी बेटा तेरी भाषा में जवाब दिया तो गान फटने लगी, तुम सियालों कलंक हो देश पर तुम्हारे पिछवाड़े ज़ब तक हंटर नहीं चलेगा तुम सुधरने वाले नहीं हो. धूर्त कहीं के
@PrabhatSharma30@ScienceJourney2 तेरी वेन की खूत खोदू ओखा त में रह वरना तेरी गान पे इतने लठ पडेगे कि महादर खोद अपनी माँ से बोलेगा जन्म क्यों दिया, भड़वे
"मैं सेक्स वर्कर हूँ। क्या इसका मतलब यह है कि वे मेरा गैंगरेप करेंगे?"
यह सवाल किसी एक महिला का नहीं, बल्कि उस समाज के मुंह पर तमाचा है जो आज भी महिलाओं की गरिमा को उनके पेशे से तौलता है।दिल्ली में एक महिला ने आरोप लगाया है कि चलती स्लीपर बस में उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। आरोपियों में बस का ड्राइवर और क्लीनर शामिल हैं। लेकिन इस घटना का सबसे भयावह हिस्सा केवल अपराध नहीं, बल्कि वह सोच है जिसने पीड़िता को यह सवाल पूछने पर मजबूर कर दिया कि क्या सेक्स वर्कर होने के कारण उसके साथ कुछ भी किया जा सकता है?नहीं!
सेक्स वर्कर होना किसी की सहमति छीन लेने का लाइसेंस नहीं है। किसी महिला का पेशा, कपड़े, जाति, धर्म या आर्थिक स्थिति किसी भी व्यक्ति को उसके शरीर पर अधिकार नहीं दे देती।बलात्कार, बलात्कार होता है चाहे पीड़िता कोई भी हो।
एक सभ्य समाज की पहचान इस बात से नहीं होती कि वह शक्तिशाली लोगों के साथ कैसा व्यवहार करता है, बल्कि इस बात से होती है कि वह सबसे कमजोर और हाशिए पर खड़े लोगों के अधिकारों की कितनी रक्षा करता है।
पीड़िता को न्याय मिले, दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिले, और समाज यह समझे कि "सहमति" हर महिला का अधिकार है, कोई विशेषाधिकार नहीं।
#JusticeForSurvivor #StopRapeCulture #WomenRights #HumanDignity
एक बुजुर्ग व्यक्ति अपने परिवार का पेट पालने के लिए कुकिंग का कार्य करता है, मगर बड़ी मछलीयों की और सिस्टम की हैवानियत देखिए उसे ही बलि का बकरा बना दिया, मेरा बस चलें तो ऐसे इन्वेस्टीगेशन करने वालों को तुरंत देश निकाला दे दू. 😡
3rd June Malviya Nagar fire tragedy | Delhi Police arrested one more accused - a cook of the hotel. Investigation revealed negligence by the cook to also be a cause of the fire. A few others have also been detained by the Police and are being questioned: Delhi Police
(Pic: Delhi Police)