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While a resignation acknowledges failure, it can't serve as quick exit strategy.
Protecting youth's future demands transparent reforms that delete recurring institutional lapses.
True governance must move beyond political damage control to rebuild trust, safeguard next generation
Rajesh Exports को लेकर राय बनाने से पहले सिर्फ एक बार चार्ट देख लीजिए।
लगातार अपर सर्किट बता रहे हैं कि बाजार की सोच और मीडिया की कहानी में कितना फर्क हो सकता है।
आखिर फैसला निवेशक अपने पैसों से करते हैं, खबरों से नहीं।
#InvestorsTrust#WeTrustRajeshExports
@ProfNoorul हर बड़ी खबर के पीछे एक नैरेटिव भी होता है।
समझदार निवेशक सुर्खियों से ज्यादा बैलेंस शीट, ऑर्डर बुक और आधिकारिक दस्तावेज़ पढ़ते हैं, निवेशकों ने मुहर लगा दी कि rajesh exports अच्छी कंपनी है ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून को सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। #PMModi ने 26 मई 2014 को पीएम पद की शपथ ली थी। आज उनके कार्यकाल के 4399 दिन पूरे हो गए।
इससे पहले यह रिकॉर्ड पूर्व पीएम जवाहरलाल नेहरू के पास था। वे 1952 में हुए पहले आम चुनाव के बाद 4398 दिनों तक इस पद रहे। मोदी का पीएम के तौर पर यह लगातार तीसरा कार्यकाल है।
#PM @narendramodi को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ कि वो इसी तरह देश और लोगों की सेवा करते रहे.
#LongestServingElectedPMModi
#NarendraModi #UpperZoneStock #Varta24
BBC को दिए गए इस इंटरव्यू में राजेश मेहता ने अपने दृष्टिकोण और तथ्यों को विस्तार से रखा है।
किसी भी विषय पर राय बनाने से पहले सभी पक्षों को सुनना और उपलब्ध तथ्यों को समझना आवश्यक है। लोकतंत्र में संवाद और पारदर्शिता ही सही निष्कर्ष तक पहुंचने का सर्वोत्तम माध्यम हैं।
वीडियो देखें और अपनी राय स्वयं बनाएं।
#RajeshExportsTruthOnBBC
अगर पुलिसकर्मी घायल व्यक्ति को खुद अस्पताल लेकर गए, तो यह तथ्य आपके ट्वीट में क्यों नहीं है? आधी जानकारी सबसे बड़ा भ्रम पैदा करती है। #DelhiPolice#FactCheck#TruthMatters
📍 सीकर
राजस्थान कांग्रेस मुखिया श्री Govind Singh Dotasra जी के निर्देशानुसार 21 मई को जयपुर में होने वाले विशाल NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन को लेकर सीकर विधानसभा की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई।
बैठक में शहर ब्लॉक अध्यक्ष श्री राजेश सैनी जी, ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष श्री जगदीश जी, पार्षद सुरेश जी सहित मंडल अध्यक्ष उपस्थित रहे।
सभी वार्ड अध्यक्षों, पंचायत अध्यक्षों एवं कार्यकर्ताओं को अधिकतम संख्या में जयपुर पहुंचने के निर्देश दिए गए।
युवा हितों की लड़ाई में कांग्रेस पूरी मजबूती से मैदान में है। ✊
युवराज वशिष्ठ
प्रभारी, सीकर विधानसभा
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी
“महामानव की उड़ान और लोकतंत्र का सन्नाटा”
जिस समय देश आर्थिक संकट से जूझ रहा है, पीएम जनता से सोना न खरीदने, तेल बचाने और विशेष यात्रा पर न जाने की सलाह दे रहे हैं ऐसे में प्रधानमंत्री का अचानक पांच देशों की यात्रा पर निकल जाना कई सवाल खड़े करता है।
सरकार की ओर से कोई ख़ास और स्पष्ट राष्ट्रीय एजेंडा सामने नहीं रखा गया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि इन यात्राओं का असली मकसद वैश्विक मंचों पर इज़राइल और ट्रंप लॉबी के पक्ष में रणनीतिक समर्थन जुटाना हो सकता है।
इसी बीच, जिस मित्र पूंजीपति के मुद्दे पर महीनों तक मीडिया में तूफान खड़ा था, वह अचानक मुख्यधारा की बहस से लगभग गायब हो गया है। सत्ता, मीडिया और कॉरपोरेट के इस रहस्यमयी समन्वय ने लोकतंत्र की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसा महसूस होने लगा है कि जनता को केवल घटनाओं का दृश्य दिखाया जा रहा है, तो क्या असली पटकथा पर्दे के पीछे लिखी जा रही है?
#Breaking
क्या बिना सियासी संरक्षण के संभव है ऐसा घोटाला?
NEET जैसी परीक्षा, जिस पर लाखों छात्रों का भविष्य टिका होता है, अगर बार-बार पेपर लीक और धांधली के आरोपों में घिर जाए तो सवाल सिर्फ परीक्षा प्रणाली पर नहीं, बल्कि पूरे तंत्र की विश्वसनीयता पर खड़ा होता है।
जिस स्तर पर संगठित तरीके से पेपर आउट होना, करोड़ों रुपये का नेटवर्क चलना, कई राज्यों तक फैला गिरोह सक्रिय होना और लंबे समय तक प्रशासनिक एजेंसियों की पकड़ से बाहर रहना दिखाई देता है, उससे यह शंका स्वाभाविक हो जाती है कि क्या इतना बड़ा खेल बिना किसी शक्तिशाली संरक्षण के संभव है?
आखिर साधारण छात्र तो परीक्षा केंद्र तक मोबाइल नहीं ले जा सकता, फिर पेपर परीक्षा से पहले बाजार में कैसे पहुंच जाता है? यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि उन लाखों मेहनती युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ है जो दिन-रात मेहनत करके डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं।
दरअसल सबसे खतरनाक बात यह है कि हर नए खुलासे के बाद भी व्यवस्था कुछ दिनों का शोर मचाकर फिर सामान्य हो जाती है, जबकि छात्रों के मन में यह डर स्थायी रूप से बैठ जाता है कि उनकी मेहनत से ज्यादा ताकत अब ‘सिस्टम’ और ‘सिफारिश’ की हो चुकी है।
#Breaking
#NEET
क्या चीन अमेरिका पर भारी पड़ेगा?
मैंने पहले ही आशंका जताई थी कि चीन, अमेरिका के सामने इस बार बेहद आक्रामक और आत्मविश्वास से भरा रुख अपनाएगा। इसकी पहली झलक तब देखने को मिली जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीजिंग पहुंचने पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग स्वयं स्वागत के लिए मौजूद नहीं थे।
हालाकि उनकी जगह चीन के उपराष्ट्रपति और विदेश मंत्रालय के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने औपचारिक अगवानी की। कूटनीतिक संकेतों की भाषा में इसे एक सामान्य प्रोटोकॉल नहीं, बल्कि अमेरिका को दिया गया स्पष्ट राजनीतिक संदेश माना जा रहा है कि अब चीन बराबरी ही नहीं, बल्कि शक्ति प्रदर्शन की मुद्रा में खड़ा है।
#Breaking