I bow down to the people of TN for your verdict. Happy to see in my land, people have risen in one voice and spoken
1. No to buying of votes
2. No to dynastic Politics
& yes to a generational shift in politics.
Whoever gets it done has actually done a favour to all!
Congrats and best wishes to TVK & Thiru @TVKVijayHQ avl for a spectacular debut in TN politics. Let Almighty be with you to do what you intend to do.
And to all NDA candidates, it was a hard-fought battle on the ground. Congrats to all those who won, and for those who couldn’t register a victory this time, let’s keep fighting.
Commiserations to Thiru @mkstalin avl & Thiru @Seeman4TN avl for your loss in this election!
Finally & most importantly, I thank my dear @BJP4TamilNadu cadres and leaders for toiling hard on the ground. Better times will come soon!
Now you understand why he said this?
Maino went to hospital after this
What connect him, Maino and Swamy is a thread called Langley
Last year Jagdeep ji was used to remove Modi ji
मुर्ख की पहचान -
- Conspiracy थ्योरीस में अतिशय विश्वास।
- चेतन भगत, देवदत्त आदि इनके जैसों को पढ़ने वाला।
- आम आदमी पार्टी का भावुक समर्थक
- मास्टर स्ट्रोकिया
- आईटी सेलियो को राष्ट्रवादी मानने वाला
- यूटुबरो से ही अपने ��िचार बनाने वाला
PM Modi's pursuit of a third term was fraught with challenges, particularly due to well-organized foreign interference. While we are familiar with the 'ecosystem', significant new dimensions and actors have emerged, overlapping to the political dynamics of the United States.
1/
HAS BJP LEARNT IT'S LESSONS?
NSPITE OF 2024 RESULTS?.....NO!
What I'm writing...should've been written, made videos & spread by BJP Social Media Team, right when news was broken SELECTIVELY!
On other hand....BJP supporters must also introspect! How thin is your TRUST!
9/9
This shows how the largest minority group alienated themselves by voting against the Pan India Party which is continuously forming the govt at the centre and most of the states. You won't vote for them but you want representation from them. That's a sheer hypocrisy.
SWAGATAM!
A great judgment by the Hon’ble Supreme Court which will ensure clean politics and deepen people’s faith in the system.
https://t.co/GqfP3PMxqz
ध्रुव राठी प्रकरण में दो बातें सामने आईं। पहली यह कि अनभिज्ञतावश प्रपंच को शेयर करने वाले लोग भी हमारी ही तरफ के हैं। दूसरा यह कि जो कार्य तीस मिनट के गूगल सर्च से हो सकता, वह करने की भी चेष्टा ‘वो लोग’ नहीं करते जो इसके लिए पैसे लेते हैं।
मैं इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहता था। दो दिन रुका और जब देखा कि केवल उसे ‘जर्मन शेफर्ड’ बुलाने के, और यह पूछने के कि भारत सरकार उसे प्रतिबंधित क्यों नहीं करती, कोई और काउंटर नहीं आ रहा तो मैंने 90 सेकेंड का एक साधारण सा वीडियो बनाया।
लिखने में मुझे तीन मिनट लगे। रिकॉर्ड करने में दो मिनट। एडिटिंग में आधा घंटा। और उस पर बीस घंटे में केवल मेरे पोस्ट पर 1.3 मिलियन व्यूज हैं। बाकी कई लोगों मे अपने प्रोफाइल से भी शेयर किया, वहाँ भी लाखों में व्यूज हैं।
कुछ मित्रों ने थ्रेड भी लिखे और वह भी शेयर हुआ। बात यह नहीं है कि किसी क��� बैन कर दिया जाए, बात यह है कि प्रपंच का भी काउंटर करने के लिए हमारे पास संसाधन और लोग नहीं हैं। राठी के वीडियो से राहुल गाँधी प्रधानमंत्री नहीं बन जाएगा, ये वो भी जानता है।
वीडियो बनाना उसके लिए वैसे ही एक कार्य है जैसे मेरे लिए। उसने बिजनेस के हिसाब से एक विषय चुना, ग्राफिक्स डाले और मीठे लोगों की भाषा में ‘क्या आप जानते हैं’ कह कर भयावह माहौल गढ़ने की चेष्टा की।
उसने वामपंथी गिरोह के स्थापित वाक्यांशों को पुनः दोहराया- फासीवाद, चुनाव नहीं हो रहा ठीक से, रेड पड़ रही है, ज्यादा पैसा बहाया जा रहा है चुनाव में… एक भी ऐसा तर्क नहीं जो तानाशाही के चार प्रकारों में से किसी में भी मोदी को सेट कर सके।
वामपंथी गिरोह केवल शब्दों के सहारे माहौल गढ़ना चाह रहा है�� न्याय यात्रा असफल रही, इंडी गठबंधन असफल रहा, किसान आंदोलन से किसी को कोई फर्क नहीं पड़ रहा तो यूट्यूब का सहारा लिया जा रहा है। उसे उसी के गिरोह के बड़े हैंडल शेयर कर रहे हैं जिसका तात्पर्य केवल यह है कि उन्हें भी लगता है राहुल गाँधी का प्रभाव सीमित ही है, अब राठी जैसों का वीडियो ही उसकी नैया पार ��गा सकता है।
इसका प्रभाव केवल अकादमिक है, ऐसा नहीं है कि राठी का वीडियो देख कर कॉन्ग्रेस को वोट दे देंगे। उसका उपभोक्ता वही मंदबुद्धि समूह है जिसे राहुल गाँधी में भविष्य दृष्टिगोचर होता है। फिर भी, अकादमिक कारणों से ही उसका खंडन भी आवश्यक है ताकि ऐसे लघुवृत्तों में जब आपके सामने ऐसे प्रपंच हों तो उसे कैसे तार्किकता से काटा जा सके।
भाजपा या उसके नेता, संबद्ध लोग मेरा वीडियो शेयर नहीं करते क्योंकि उसकी आवश्यकता नहीं है। वो जानते हैं कि राठी के वीडियो की क्या सीमाएँ हैं। उन्हें उसका काउंटर करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि मोदी की विकास योजनाओं के लाभार्थी राठी का वीडियो नहीं देखते।
हमें यह स्वीकारना होगा कि वैचारिक युद्ध में आप अपनी जगह से ‘वर्क फ्रॉम होम’ कर रहे हैं। और यही वैयक्तिक हॉबी, छोटे-छोटे लाइक-रीपोस्ट-शेयर के माध्यम से एक विशाल सामूहिकता को प��राप्त होता है। भाजपा के लिए ऐसे स्वतःस्फूर्त कंटेट क्रिएटर्स बोनस हैं क्योंकि @narendramodi का विकराल व्यक्तित्व बाकी हर राजनैतिक चुनौती से निपटने में सक्षम है।
इसलिए, मैं यदि एक वीडियो बनाता हूँ तो मेरी यह आशा नहीं होती कि भाजपा का फलाँ नेता रीपोस्ट करे। मैंने आइटी सेल वालों को कल ट्रोल किया क्योंकि वो मेरे जैसे दर्जनों लोगों के वीडियो/पोस्ट लोगो आदि उठा कर, बिना क्रेडिट के अपने हैंडल पर डालते हैं।
आप लोग यह समझिए कि वामपंथी प्रपंच को काटना घंटे भर का भी कार्य नहीं। राठी का काउंटर कोई भी सामान्य व्यक्ति घंटे भर में कर देगा। उसके कीवर्ड्स पकड़िए और सर्च कीजिए। बाकी, आपातकाल और फासीवाद तो नौ सालों से राठी के वैचारिक पिता रवीश ला ही रहे हैं।