रांची में छात्र प्रदर्शन के दौरान नेहा बोरा पर स्याही फेंकने वाले युवक को लोगों ने धर-दबोचा और उसकी जमकर पिटाई की!
युवक ने "JSR" का नारा लगाकर AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकी थी!
नेहा वोहरा पर स्याही फेंकने के बाद, जय श्री राम के नारे लगा दिए गए। लेकिन यहां पेपर लीक का मुद्दा था, तो धर्म को बीच में क्यों लाया गया?
आप किसी भी मुद्दे को धर्म का मुद्दा बनाना चाहते हो बस। धर्म की आड़ में विरोध करना है। बाकी सब लोग धर्म नहीं मानते हैं क्या?
क्या हिंदू धर्म सिर्फ तुम्हारे बाप का है?
बहुत लोग न���ली EWS बनवा रहे हैं और सबको पता है।
Ews की बात इसलिए कर रहा हूँ क्योंकि लोग सोचते हैं कि अगर वो किसी विशेष जाति से आते हैं तो उनमें ज्यादा दिमाग होता है। लेकिन ऐसा नहीं है।
जाति बस एक शब्द है और कुछ नहीं। लेकिन इसे खत्म करने में क्या दिक्कत है पता है?
जो लोग अपने आप को महान समझते हैं वो बंद हो जाएगा।
हेमन्त सोरेन को देखकर अब एक कहावत याद आती है।
"अपना काम बनता, भाड़ में जाए जनता " ।
झारखंड में भी युवा आंदोलन कर रहे हैं, वो भी अपने हक के लिए लड़ रहे हैं क्योंकि वहां की सरकार पेपर लीक को नहीं रोक पा रही है या फिर पेपर लीक करा रही है?
जंतर मंतर पर हुए आंदोलन में और झारखंड में हो रहे आंदोलन में कोई अंतर नहीं है। क्योंकि अगर जंतर मंतर पर छात्र थे, अपने देश के युवा थे, तो झारखंड में भी अपने देश के युवा ही हैं। और समस्या दोनों की एक ही है 'पेपर लीक'।
लेकिन झारखंड की सरकार ने अभी तक छात्रों की एक बात नहीं सुनी है। पेपर लीक से परेशान युवा आंदोलन कर रहे हैं लेकिन हेमंत सोर��न उनको नजरअंदाज कर रहे हैं।
सत्ता के नशे में इतने मगरूर हो गए हैं कि अपने ही राज्य के युवाओं को नहीं देख पा रहे हैं। जबकि भूल गए कि इन्हीं युवाओं के समर्थन से आप गद्दी पर विराजमान हैं।
मैं स्तब्ध हूं इस बात से भी कि इंडिया गठबंधन जिस तरीके से संसद में पेपर लीक पर सवाल उठा रहा है, उनके सांसद जंतर मंतर पर युवाओं का समर्थन दे रहे थे, राहुल गांधी पीएम आवास के सामने धरना दे रहे थे लेकिन ��ब उन्हीं का एक साथी अपने राज्य में पेपर लीक करा रहा है तब कोई कुछ नहीं बोल रहा है। क्यों?
#JPSCRecruitmentScam
ज़िंदगी है अपने क़ब्ज़े में न अपने बस ��ें मौत
आदमी मजबूर है और किस क़दर मजबूर है
थाईलैंड में एक फुटबॉल मैच के दौरान आकाशीय बिजली सीधे एक युवक SAFWAN AWAE पर गिर गई और उसकी मौत हो गई।
कहते हैं मौत कैसे, कब आ जाए कुछ पता नहीं। आज देख भी लिया।
दुखद:
#SafwanAwae
ज़िंदगी है अपने क़ब्ज़े में न अपने बस ��ें मौत
आदमी मजबूर है और किस क़दर मजबूर है
थाईलैंड में एक फुटबॉल मैच के दौरान आकाशीय बिजली सीधे एक युवक SAFWAN AWAE पर गिर गई और उसकी मौत हो गई।
कहते हैं मौत कैसे, कब आ जाए कुछ पता नहीं। आज देख भी लिया।
दुखद:
#SafwanAwae
ज़िंदगी है अपने क़ब्ज़े में न अपने बस ��ें मौत
आदमी मजबूर है और किस क़दर मजबूर है
थाईलैंड में एक फुटबॉल मैच के दौरान आकाशीय बिजली सीधे एक युवक SAFWAN AWAE पर गिर गई और उसकी मौत हो गई।
कहते हैं मौत कैसे, कब आ जाए कुछ पता नहीं। आज देख भी लिया।
दुखद:
#SafwanAwae
ज़िंदगी है अपने क़ब्ज़े में न अपने बस ��ें मौत
आदमी मजबूर है और किस क़दर मजबूर है
थाईलैंड में एक फुटबॉल मैच के दौरान आकाशीय बिजली सीधे एक युवक SAFWAN AWAE पर गिर गई और उसकी मौत हो गई।
कहते हैं मौत कैसे, कब आ जाए कुछ पता नहीं। आज देख भी लिया।
दुखद:
#SafwanAwae