एक रिटायर्ड फौजी दूसरे रिटायर्ड फौजी के बारे में बता रहा है कि किस तरह वह फौज से रिटायर होने के बाद भी अपनी दलित पहचान को फौज से ऊपर रखता है।
जब आप फौज में शामिल हो गए तो आप किसी भी जाति के हों, आप क्षत्रिय हो गए, क्योंकि अब आपको देश और क्षेत्र की रक्षा करने का दायित्व मिला है।
देश ने आपको क्षत्रिय बनने का मौका दिया, लेकिन आप दलित ही बने रहना चाहते है, क्योंकि दलित बने रहने में लाभ है।
मित्रो 20 साल जेल में…
और आखिर में निर्दोष!
विष्णु तिवारी की कहानी अब घर-घर पहुंच रही है।
सवाल सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, न्याय व्यवस्था पर भरोसे का है।
#RHAREFROMANDOLAN
पंचायत का कोई भी काम पंचायत प्रतिनिधियों की जानकारी के बिना नहीं होता। ऐसे में अगर किसी काम में अनियमितता या लापरवाही सामने आती है, तो पंचायत प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
बांकीपुर में अब अधिकारी काम करने लगे हैं… क्योंकि उन्हें पता है—अब काम नहीं किया तो जवाब देना पड़ेगा! 🔥
बाकी नेताओं की तरह प्रशांत किशोर सिर्फ गायब होने वाले नेता नहीं हैं।
उन्होंने बांकीपुर की जनता के लिए कार्यालय से लेकर सेवा केंद्र तक, हर चीज़ का पता और रास्ता साफ कर दिया है।
अब अगर कोई अधिकारी, इंजीनियर या कर्मचारी काम नहीं कर रहा है, तो सिर्फ शिकायत मत कीजिए—पूरी डिटेल के साथ आइए।
काम भी होगा… और कामचोर अधिकारी की जवाबदेही भी तय होगी। 🔥
वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री जी ने इतिहास और जाति को लेकर कहा कि भारत के इतिहास में OBC और SC-ST समुदायों से आने वाले कम से कम 100 बड़े राजा हुए हैं।
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “‘हज़ारों साल से रोटी नहीं मिली’ जैसे दावे करने वाले पहले इतिहास पढ़ें। जब ये लोग राजा थे तो पानी कहाँ से पीते थे? राजा थे लेकिन पानी नहीं पीते थे? ये कैसा मजाक है!”
अग्निहोत्री जी ने कहा कि ऐसे झूठे दावों और पूर्वाग्रहों से पहले इतिहास समझिए, पढ़िए-लिखिए और बुद्धि के दरवाजे खुले रखकर बात कीजिए।
एक साधारण महिला यह समझ चुकी है कि समाज में क्या गलत हो रहा है, क्यों हो रहा है और इसके पीछे कौन है?
लेकिन विडंबना देखिए कि यही बात नीति-निर्माताओं को समझ नहीं आ रही है।
हो सकता है हमारे भी दो सांसद पहुँच जाएँ कल को। 50 विधायक पहुँच जाएँ। और सवर्ण केवल संख्या नहीं है, एक विधायक दस को प्रोत्साहित करता है।
अगर बात नहीं सुनेंगे, तो हम आगे बढ़ेंगे। मुझे राजनीति का कोई शौक नहीं है, लेकिन जिनको करना है, वो करें। मेरा पूर्ण समर्थन रहेगा।
तो क्या यहाँ से एक नई पॉलिटिकल पार्टी का आगाज हो सकता है?
पॉसिबिलिटी बिल्कुल है, और होना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट में आरक्षण से संबंधित एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है। अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय के अनुसार, केंद्र की भाजपा सरकार ने इस याचिका का विरोध किया है।
-अश्विनी उपाध्याय, अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट