बहुत शानदार बिहार पुलिस
हम NEET छात्रा न्याय की लड़ाई लड़े
बिहार पुलिस के पेट में दर्द हो गया
हमें गिरफ्तार करने पटना आवास पहुंच गई
लेकिन इससे पप्पू यादव न झुकेगा न चुप होगा
बेईमानों की कारगुजारियों को बेनकाब करके
रहेंगे! जेल भेजो या,फांसी दो पप्पू रुकेगा नहीं
मुंबई में ₹314 करोड़ की लागत से बिहार भवन निर्माण का फैसला बेहद चौंकाने वाला है। सवाल सीधा और स्पष्ट है—
जब बिहार में कैंसर से लोग मर रहे हैं, तब सरकार भवन बनाने में करोड़ों रुपये क्यों खर्च कर रही है?
बिहार की सबसे बड़ी स्वास्थ्य व्यवस्था त्रासदी यह है कि आज भी राज्य में कैंसर के इलाज के लिए कोई समर्पित सुपर स्पेशलिटी अस्पताल उपलब्ध नहीं है। यही कारण है कि बिहार के हजारों कैंसर मरीज इलाज के लिए मजबूरन मुंबई, दिल्ली या चेन्नई जाते हैं। यह उनकी पसंद नहीं, बल्कि मजबूरी है। जब अपने ह�� राज्य में इलाज की व्यवस्था नहीं होगी, तो आम आदमी आखिर जाएँ भी तो कहाँ जाएँ?
₹314 करोड़ की राशि कोई मामूली रकम नहीं है। इसी राशि से बिहार में एक आधुनिक कैंसर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की नींव रखी जा सकती है। ऐसा अस्पताल जहाँ बिहार के मरीजों को इलाज के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर न जाना पड़े, न ट्रेन में धक्के खाने पड़ें, न ही इलाज के अभाव में जान गंवानी पड़े।
सरकार का तर्क है कि मुंबई का बिहार भवन इलाज के लिए आने वाले मरीजों की सुविधा के लिए बनाया जा रहा है। लेकिन सच्चाई यह है कि यह सुविधा आम मरीजों के लिए नहीं, बल्कि अधिकारियों, नेताओं और विशेष वर्ग के लिए होगी। एक गरीब कैंसर मरीज पहले ही दवा, जांच और ऑपरेशन के खर्च से टूट चुका होता है। उसके लिए मुंबई में इलाज कराना असंभव होता है। ऐसे में भवन बनाकर सरकार किस मरीज की मदद कर रही है?
यह फैसला दरअसल सरकार की सोच को उजागर करता है। सरकार यह मान चुकी है कि बिहार में ��ेहतर इलाज उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता नहीं है, इसलिए वह मरीजों को बाहर भेजने की व्यवस्था कर रही है। यह नीति न केवल अमानवीय है, बल्कि बिहार के स्वास्थ्य तंत्र की असफलता की खुली स्वीकारोक्ति भी है।
अगर सरकार सच में मरीजों के हित में सोचती, तो ₹314 करोड़ मुंबई में भवन बनाने के बजाय बिहार में कैंसर अस्पताल, सुपर स्पेशलिटी मेडिकल कॉलेज और आधुनिक जिला अस्पतालों पर खर्च किए जाते। इससे न केवल हजारों जिंदगियाँ बचतीं, बल्कि बिहार के स्वास्थ्य ढांचे में स्थायी सुधार होता।
आज जरूरत इस बात की है कि सरकार यह समझे कि बिहार को मुंबई में भवन नहीं चाहिए, बिहार को अपने यहाँ इलाज चाहिए।
बिहार को कंक्रीट की इमारतें नहीं, कैंसर अस्पताल चाहिए।
यह क्या हो गया है नीतीश जी को?
मानसिक स्थिति बिल्कुल ही अब दयनीय स्थिति में पहुंच चुकी है या नीतीश बाबू अब 100% संघी हो चुके हैं?
@yadavtejashwi#RJD#bihar#TejashwiYadav
बिहार के नवादा में कपड़ा बेचने वाले मो. अख़्तर हुसैन की जिस बर्बरता से हत्या की गई, वह संघ–भाजपा की नफ़रत की राजनीति का खौफनाक नतीजा है। नाम पूछा गया, धर्��� जाँचा गया और फिर इंसानियत को कुचल दिया गया।
यह सिर्फ़ एक अपराध नहीं, यह भाजपा-आरएसएस तथा बिहार की एनडीए सरकार के संरक्षण में पनपती नफ़रत का परिणाम है। अपराधियों को खुली छूट और पीड़ितों के हिस्से डर— यह क़बूल नहीं।
मो. अख़्तर हुसैन को न्याय मिलना चाहिए। दोषियों पर सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए।
नफ़रत के ख़िलाफ़, इंसानियत के साथ खड़ा होना ही असली राजनीति है। ✊
जैसे ही बिहार में हुई वोटों की ड��ैती पर संजय सिंह जी ने सवाल उठाए, उपसभापति आपे से बाहर आते दिखने लगे!
खड़गे जी ने भी इसपर विरोध जताया तो हरिवंश जी उन्हें भी समझाने लगे!
Note- हरिवंश जी उपसभापति है और ये JDU कोटे से राज्यसभा सांसद है।
मोतिहारी में 54,000 वोट काटा, भाजपा 13 हज़ार वोट जीती
गोपालगंज में 66,000 वोट काटा, BJP 28,000 वोट से जीती
अलौली में 46 हज़ार वोट काटा, JDU 35000 वोट से जीती
आज लोकसभा में बक्सर में अमृत भारत स्टेशन ��ोजना के तहत बनाए जाने वाले बक्सर स्टेशन के कार्यों में हो रही देरी का गंभीर मुद्दा उठाया। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि घोषणा के इतने वर्ष बीत जाने के बावजूद बक्सर के लोगों को स्टेशन से जुड़ी बुनियादी सुविधाएँ तक उपलब्ध नहीं हो पाई हैं।
इस परियोजना का शिलान्यास स्वयं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने किया था। घोषणा के बाद जनता को उम्मीद थी कि बक्सर का रेलवे स्टेशन आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होकर शीघ्र तैयार होगा लेकिन वास्तविकता यह है कि आज भी यात्री पीने के पानी, प्रतीक्षालय, साफ-सफाई, शौचालय जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए तरस रहे हैं।
बक्सर कोई साधारण भूमि नहीं है— यह महर्षि विश्वामित्र जी की तपोभूमि है। प्रभु श्रीराम जी की शिक्षा स्थली हैं । इतिहास, आस्था और संस्कृति से परिपूर्ण यह क्षेत्र विकास का हकदार है, उपेक्षा का नहीं।
जनता के अधिकारों, बुनियादी सुविधाओं और बक्सर के गौरव के लिए मेरी आवाज़ लगातार सदन में उठती रहेगी।
आप सबका सहयोग और आशीर्वाद बना रहे।
मैं सांसद के रूप में अपने पांच महीने का वेतन
देश के अभूतपूर्व बाढपीड़ित राज्यों के लोगों के
लिए समर्पित कर रहा हूं।दो महीने का वेतन
हिमाचल,दो महीने का पंजाब और एक
महीने का वेतन गुजरात के पीड़ितों के नाम!
पंजाब और हिमाचल में भयंकर बाढ़ से
जानमाल का नुक़सान हुआ है।गुजरात में भी
हालत चिंताजनक है।अगर बाढ़ के हालात में
सुधार नहीं हुआ तो पूरे साल का वेतन दे दूंगा!
ख़ुद उनकी सेवा के लिए भी जाऊंगा!
जदयू की डूबती नैया को सभी छोड़कर बिहार के उज्जवल भविष्य श्री @yadavtejashwi जी के ने��ृत्व और राष्ट्रीय जनता दल के जन सरोकार को गले लगा रहे हैं!
कोचाधामन से जदयू के पूर्व विधायक जनाब मास्टर मुजाहिद आलम ने युवा जननेता श्री #TejashwiYadav जी के कर कमलों से राष्ट्रीय जनता दल की सदस्यता ग्रहण की।
#RJD #Bihar
जेडीयू के पूर्व विधायक जनाब मुजाहिद आलम जी ने नई सोच के साथ नए बिहार के निर्माण में अपना योगदान देने हेतू आज किशनगंज में राजद की सदस्यता ग्रहण की।
20 वर्ष���ं की एनडीए सरकार से जनता त्रस्त है और इस जनविरोधी खटारा सरकार का जाना निश्चित है।
📍कोचाधामन, किशनगंज
#Bihar #TejashwiYadav #RJD #india
NCERT के सिलेबस से मुग़लों को हटाया जा रहा है। अकबर बुरा था या औरंगज़ेब - इस पर डिबेट कराई जाएगी। हम भी चाहते हैं कि उसी सिलेबस में ये भी पढ़ाया जाए कि पानी पीने से किसने रोका, सड़क पर चलने से किसने रोका?
https://t.co/eaLdQE5KkW
“मेरी उम्र से ज़्यादा आदरणीय लालूजी का संसदीय अनुभव है” - श्री संजय यादव जी
आ��रणीय लालूजी वह चमकते सूरज हैं जिनकी रौशनी से समस्त राजद सहित दलित, वंचित, शोषित, पीड़ित समाज दीप्त हो रहा है। लालूजी एक वि��्ञान हैं। उनसे हम सब सीख रहे हैं।
#TejashwiYadav #SanJayYadav #RJD #Bihar
पटना स्थित न्यू सुगीया संगम वाटिका, कांटी फैक्ट्री रोड में आयोजित “बिहार ऊर्जा नीति विमर्श संवाद (महंगी बिजली, गरीब जनता)” कार्यक्रम में शामिल होने और सफल बनाने के लिए आप सभी को धन्यवाद,
आज दिनांक 27 जुलाई को राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो. सुबोध कुमार मेहता की अध्यक्षता में “बिहार ऊर्जा नीति संवाद” के अंतर्गत “महंगी बिजली और गरीब जनता” विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन सुगीया संगम वाटिका, कांटी फैक्ट्री रोड, पटना में किया गया।
कार्यक्रम के संयोजक प्रो. सुबोध मेहता ने मुख्य अतिथियों का अंगवस्त्र देकर स्वागत किया एवं विषय प्रवेश कराते हुए कहा कि नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार बिहार की लगभग 51.92% ���बादी आज भी गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रही है। इसके बावजूद बिहार ��ें बिजली की दरें देश में सबसे अधिक हैं, जबकि उपयोग सबसे कम है। उन्होंने यह भी कहा कि यह स्थिति विद्युत उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 एवं सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के मानकों का उल्लंघन है। यदि उपभोक्ताओं को 24x7 बिजली आपूर्ति नहीं मिलती या लो वोल्टेज की समस्या रहती है, तो जितने समय बिजली आपूर्ति बाधित रहती है, उस अवधि का बिल माफ किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं बक्सर के सांसद म��ननीय श्री सुधाकर सिंह ने “एक राष्ट्र, एक बिजली दर” की आवश्यकता पर बल देते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसानों को सस्ती दर पर 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन वर्तमान शासन में किसानों की उपेक्षा हो रही है।
पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ राजद नेता श्री आलोक मेहता ने बिहार सरकार की ऊर्जा नीति को कल्याणकारी राज्य की अवधारणा के खिलाफ बताया और कहा कि सरकार के पास आम जनता के हित में कोई ठोस ऊर्जा नीति नहीं है, जिससे लोगों को निरंतर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कार्यक्रम को प्रो. अवनींद्र नाथ ठाकुर, ऊर्जा विशेषज्ञ श्री अमरनाथ सिंह, राजद के प्रदेश महासचिव श्री शाश्वत गौतम सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ औद्योगिक उपभोक्ताओं को भी सस्ती बिजली म���लनी चाहिए। बिहार में औद्योगिक बिजली दरें पड़ोसी राज्यों की तुलना में अधिक होने के कारण खपत 18% से घटकर 12% हो गई है, जिससे उत्पादन और रोजगार दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
राजद के प्रदेश महासचिव एवं जन संघर्ष मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री प्रदीप मेहता ने मांग की कि इंडिया गठबंधन दल अपने चुनावी घोषणा पत्र में प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लागू न करने का संकल्प ले। उन्होंने कहा कि यह मीटर उपभोक्ताओं के हित में नहीं है, रोज��ना साइबर ठगी के मामले सामने आ रहे हैं और लगभग 20,000 मीटर रीडर बेरोजगार हो सकते हैं। इस मांग का मंच पर उपस्थित सभी प्रमुख वक्ताओं ने एक स्वर से समर्थन करते हुए आश्वस्त किया कि इंडिया गठबंधन प्रीपेड मीटर पर रोक लगाने का वादा अपने घोषणा पत्र में शामिल करेगा।
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