आज देश मे जातिवाद इतना हावी है कि किसी बच्चे की मौत का भी मजाक बनाया गया वो भी सिर्फ़ एक वर्ग दुवारा इन जातिवादियो को पहचाने की जरूरत है
पहले बिना प्रूफ के नकल करना बता दिया, फिर ℅ कम बता दिया और अब साइंटीफिक् कैलकुलेटर को मोबाइल बनाने पर तुले है
जातिवाद करने वाले लोगो को...
Jee Advanced AIR— 614
BTech 1st Year — 8.5 CGPA
इंजीनियरिंग के एंट्रेंस एग्जाम और कोर्स के एग्जाम में इतने अच्छे स्कोर लाना बहुत बड़ी बात होती है ऐसे होनहार बच्चे को नकल की जरूरत ही नहीं है।
फिर भी लोग कह रहे हैं IIT बॉम्बे छात्र "साहिल वाकोडे" प्रेशर नहीं झेल पाया और आत्महत्या कर ली।
अगर छात्र ने नकल की है तो एग्जाम हाल में लगे कैमरे की CCTV फुटेज कहां है— साथ के एक बच्चे ने भी अभी तक साहिल के नकल करने की बात नहीं कही है।
बात सीधी सी है अगर मान भी लें कि बच्चे ने नकल की तो प्रोसेस फॉलो करना चाहिए था ताकि— उसे अपमनित करना चाहिए था।
देश के 21 IIT में फ़ैकल्टी के आंकड़े देखें, तो तस्वीर साफ़ असंतुलित है. कुल फ़ैकल्टी में से 80% जनरल कैटेगरी से आते हैं, जबकि OBC सिर्फ़ 11.2%, SC सिर्फ़ 6%, और ST मात्र 1.6% हैं. संवैधानिक आरक्षण मानक के हिसाब से OBC को 27%, SC को 15%, और ST को 7.5% प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए — यानी हर श्रेणी अपने तय कोटे से बहुत पीछे है, OBC क़रीब 16 प्रतिशत अंक कम, SC क़रीब 9 प्रतिशत अंक कम, और ST क़रीब 6 प्रतिशत अंक कम.
लोकसभा में BSP सांसद रितेश पांडे के सवाल पर, केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार ने लिखित जवाब में बताया — पिछले 5 साल में सेंट्रल यूनिवर्सिटीज़, IIT और IIM मिलाकर 13,600 से ज़्यादा SC/ST/OBC छात्रों ने पढ़ाई बीच में छोड़ दी. सिर्फ़ IIT में — 2,066 OBC, 1,068 SC, और 408 ST छात्र ड्रॉपआउट हुए.
मार्च 2025 में एक संसदीय समिति (Parliamentary Panel) की रिपोर्ट ने भी यह पुष्टि की — IIT, IIM, NIT, IISER मिलाकर 56% प्रोफ़ेसर पद ख़ाली पड़े हैं, जिनमें से 1,949 पद SC के लिए, 771 ST के लिए, और 3,261 OBC के लिए आरक्षित हैं.
अब आप ही बताओ जातिवाद कहाँ है ?
IIT-Bombay द्वारा साहिल वाकोड़े की आत्महत्या से जुड़े अपने पहले के बयान के लिए औपचारिक रूप से माफी मांगना महत्वपूर्ण कदम है। कल हमने कहा था कि साहिल जी की मृत्यु के अगले दिन, 19 सितंबर को परीक्षा में मोबाइल फोन और अन्य आरोपों को लेकर जारी संस्थान के बयान पर गंभीर सवाल उठते हैं। अब IIT-Bombay ने स्वयं स्वीकार किया है कि जांच पूरी होने से पहले घटना की परिस्थितियों को किसी निश्चित रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं था।
IIT-Bombay में बीटेक (एनर्जी साइंस) के द्वितीय वर्ष में पढ़ रहे साहिल वाकोड़े केवल एक छात्र नहीं, बल्कि देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक JEE Advanced में AIR 614 हासिल करने वाले होनहार और मेहनती दलित युवा थे। प्रथम वर्ष में 8.5 CGPA हासिल कर उन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा का परिचय दिया था। ऐसे प्रतिभाशाली छात्र की असामयिक मृत्यु ने न केवल उनके परिवार को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है, बल्कि देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा, सम्मान, समानता और संस्थागत जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
IIT-Bombay द्वारा 19 सितंबर को जारी किए गए उस बयान ने उन जातंकवादियों को एक मौका दिया, जो ऐसे दुखद क्षणों में भी दलितों को नीचा दिखाने के लिए तैयार रहते हैं। अब संस्थान की माफी से यह स्पष्ट है कि जांच पूरी होने से पहले घटना से जुड़े तथ्यों को किसी निश्चित रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं था। ऐसे संवेदनशील मामलों में संस्थागत जिम्मेदारी और अधिक गंभीर होनी चाहिए।
सोचिए, उन माता-पिता पर क्या गुजर रही होगी, जिन्होंने एक तरफ अपना होनहार बच्चा खो दिया और दूसरी तरफ उसी बच्चे को नकलची बताकर न केवल उन्हें, बल्कि उनके पूरे समाज को नीचा दिखाने की कोशिश होते देखी।
@iitbombay, आपकी यह माफी माफी योग्य नहीं है।
यह बेहद पीड़ादायक और शर्मनाक है। हमारी टीम मौके पर डटी है।
#JusticeForSahilWakode
SC वाला 58 नंबर, ST वाला 53 नंबर ला रहा है, लेकिन EWS वाला मात्र 44 नंबर लाकर चिकित्सा विभाग में आचार्य बन रहा है।
लेकिन योग्यता पर सवाल उठाने वाले शायद यहां चुप्पी साध लेंगे...?
@manispandey0108 @PracticalSpy -40 ceate eligibility only for all categories
CategoryShare of All Below-Cutoff AdmissionsShare in Private College Clinical SpecialtiesShare in Govt. College Seats
General (UR)56%70%33%
OBC26%20%37%
SC11%~6%~18%
ST6%~4%~12%
@manispandey0108 @PracticalSpy Eligibility vs. Guaranteed Seat: Scoring -40 did not guarantee a seat. It merely granted eligibility to sit in the counseling pool. Seats are still allotted strictly by merit rank among candidates who register for a given seat.
Check this fact
@manispandey0108 @PracticalSpy आज के समय मे हर कोई पढ़ सकता है और जब पढ़ सकता हैं तो मेरिट मे भी आयेगा अब ये कैसे कह सकते हो कि सिर्फ़ एक पक्ष ही मेरिट मे आयेगा बाकी सब बेकार
जो पढ़ेगा वो मेरिट मे आयेगा चाहे कोई भी जाति का हो
उसको सत्यापित करने के लिए किसी भी जॉब की कटॉफ चेक कर लो
@SushantBSinha आप तो बहुत जातिवादी हो बॉस sc/ st पर जब जाति देखकर शोषण किया जाता है तब आपका मुह सिल जाता है, आजतक एक भी प्रोग्राम नही किया आपने ऐसे गुंडों के खिलाफ़
@ajeetbharti समान्य वर्ग मे कितनी जातियाँ आती है और उनमें से कितनी जातियों को शंकराचार्य बननें का अधिकार मिला है कोनसी जातियों के अधिकतर vc है, उसका आंकडा भी दे मान्यवर