@AshutoshRanka कितने दुष्ट हो तुम उस दिन भी कोई गाड़ी में कोई मुलाक़ात में बिजी था और बच्चों को पिटवाया
आज भी अपना गाड़ी में भाग गए और फिर बच्चे को पिटवा दिया
@neha_aisa Sharm to tujhe aana chahiye jab tu 10 sal se apne baap se baat nhi kr pa rhi h
Jab ter baap ne tujhse 10 saal se baat krna band kiya h
Guman to tujhe ho rha hoga apne hi pariwar se na baat krte huwe leftist gundi
सच्ची जागरूकता आपको भीड़ से अलग कर देती है.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर भारी भीड़ है. लेकिन इसी भीड़ में आज एक शख्स मिला, जयप्रकाश मिश्रा. वो बिहार के जहानाबाद से जंतर मंतर आया है. शिक्षा-परीक्षा के मुद्दे पर चल रहे छात्रों के आंदोलन को अपनी आवाज़ की ताकत देने. वो आंदोलन, जो केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा है. UPSC की तैयारी कर रहे जयप्रकाश के अलावे इलाहाबाद के दीपक भी मिले जो बिना घर वालों को बताए ही जंतर मंतर पहुंचे हैं. Bsc Second Year के दीपक वहीं सो रहे हैं, वहीं खा रहे हैं, वहीं चिल्ला रहे हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज की चेष्टा से भी बात हुई जो इस प्रदर्शन में आज अपनी मौजूदगी दर्ज कराने पहुंची थीं, लेकिन वहां हुड़दंगई कर रहे लोग और उनकी ओछी-टुच्ची नारेबाजियों से नाराज़ थीं.
जब मैंने इन लोगों से पूछा कि क्या धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से देश की शिक्षा-परीक्षा में व्याप्त खामियां सुधर जाएंगी, तो सबने जवाब में "न" ही कहा. लेकिन साथ ही सबका ये भी कहना था कि ये इस्तीफा केंद्र सरकार की हेकड़ी तोड़ने के लिए जरूरी है. छात्रों के प्रति सरकार की जवाबदेही तय करने के लिए जरूरी है.
मेरा अगला सवाल था कि इस लिहाज से तो पंजाब, झारखंड, राजस्थान, मध्यप्रदेश, बिहार, उत्तरप्रदेश, गोवा, केरल, महाराष्ट्र, लगभग लगभग सभी राज्यों के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने के लिए भी ऐसा ही प्रदर्शन होना चाहिए. आखिर शिक्षा-परीक्षा तो राज्य का भी विषय है? इस सवाल पर वो गुम से हो गए.
मैंने पूछा कि अगर इस्तीफा हो गया तो फिर क्या? व्यवस्था सुधर जाएगी? सबने कहा कि नहीं शिक्षा और परीक्षा में व्यापक सुधार के लिए तो पूरे सिस्टम को बदलना जरूरी है, सिर्फ मंत्री के इस्तीफे से काम तो नहीं बनेगा. इसके लिए बहुत चर्चा और प्लानिंग की जरूरत है. लेकिन संसद तो चल नहीं रहा है, राहुल गांधी भी इस्तीफे पर अड़े हैं, ऐसे में कैसे निकलेगा निदान? क्या जंतर मंतर की भीड़ ये बात समझती है? इस सवाल का उनके पास कोई ठोस जवाब नहीं था.
इस बीच मंच पर उन तमाम विपक्षी नेताओं के आने-जाने का सिलसिला जारी था, जिनको इस भीड़ के हिस्से की लाठी खाने के लिए बहुत पहले ही सड़क पर उतर जाना चाहिए था. इन नेताओं में वो लोग भी थे जिनके राज्यों में उनके शासन के दौरान भी खूब पेपर लीक हुए और अब भी हो रहे हैं. लेकिन किसी ने भी मंच से अपने कार्यकाल के पेपर लीक पर माफी नहीं मांगी. शायद उनको भी पता है कि रील की फील में रहने वाले GenZ को trending reels के अलावा कुछ और ढूंढने की फुर्सत नहीं है. कोई नहीं पकड़ पाएगा कि जो नेताजी अभी-अभी छात्रों के नाम पर इकठ्ठा भीड़ को कोल्ड ड्रिंक, बिस्कुट, भुजिया और भाजी देकर गए हैं, उन्होंने भी सत्ता में रहते छात्रों के साथ जालसाजी ही की है.
बाकी पंजाब पेपर लीक के सवाल पर अभिजीत दिपके का झेंपू जवाब और छात्रों पर लाठी बरसने वक्त गायब रहने के सवाल कर आप सांसद संजय सिंह का तिलमिलाया व्यवहार इंटरनेट पर वायरल है ही.
थोड़ा भी चेहरा पढ़ना जानते हैं तो कहानी समझ जाइएगा कि ये आखिर ये कहानी गढ़ कौन रहा है.
Nothing is more important than the welfare and future of our youth!
We have decided to set up fast-track courts to ensure swift and stringent punishment for those involved in paper leaks. Have directed the concerned authorities and officials to take all necessary steps in this regard. This continues our series of steps for safeguarding the interests of students.
Those who try to harm the future of our youth will not be spared.
देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है।
युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
@gaurav7kaushal Lokehswar singh isliye resing kiya kyoki wo First thing ki UNO me appoint ho gya second UNO isliye gaya kyuki police pradhikaran ne use ek Aam nagrik ko bewajah maarne peetne aur fake case me fasane ka aropi paya tha and govt ko suggest kiya tha ko file a FIR.
@AjitSinghRathi@PriyankKharge He knows ki
Esa krke wo Rahul Gandhi ka narrative about RSS ko aaghe lejakar attention create krega RaGa ke samne…
He is aiming to next CM👌🏻
केसर सिंह नेगी जी को साकेत कोर्ट में पेश किया, दिल्ली पुलिस ने उन पर गैर इरादतन हत्या, गंभीर चोट पहुंचाने, जानबूझकर या लापरवाही से मानव जीवन को खतरे में डालने जैसी 5 गंभीर अपराधिक धाराओं में लंबी सज़ा दिलाने वाला मुक़द्दमा बनाया है। कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों के लिए ज़ेल भेज दिया।
दरअसल मीडिया, जनता के आगे सच कहना 65 वर्षीय कुक केसर सिंह नेगी को भारी पड़ा। 26 कमरे, बेसमेंट का गैर-कानूनी उपयोग व इलेक्ट्रिक उपकरण के धमाके से आग लगने, अनियमितओं पर @4pmnews_network व @ndtvindia पर उन्होंने निष्छल भाव से सच बोल दिया। होटल मालिक, प्रशासन हुआ बेनकाब तो निर्दोष, गरीब रसोइये केसर सिंह नेगी को एमसीडी, पुलिस अधिकारियों और होटल मालिकों को बचाने के लिए अपराधी बना, गंभीर अपराधिक धारा लगा 'बलि का बकरा' बनाया गया।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि आग लगते ही वह दरवाजा, बिजली का स्वीच बंद कर भाग गया, जबकि उन्होंने मैनेजर को सूचना दी और मैनेजर के कहने पर धुंए से जूझते हुए बाहर निकले। घायल, मृतकों को कई एम्बुलेंस में ले जाने के बाद आग लगने के लगभग दो घंटे बाद करीब 10.30 बजे उन्होंने मौके पर 4 PM की रिपोर्टर से बात की, फिर दिल्ली पुलिस कैसे कह सकती है कि आग लगते ही वह भाग गए!
स्पष्ट है कि अपराधियों को बचाने, उनका केसर कमजोर करने, के लिए एक निर्दोष कुक को मनगढ़ंत आरोप लगा अपराधी बनाया गया है।
@AadeshRawal रावल जी आप खामोश रहेंगे तो वेणुगोपाल जी का भला होगा, आपके पिछले वीडियो में नए मुख्यमंत्री का जो 0 प्रतिशत चांस नहीं है वाली बातें हैं ओझा सर वाली बकैती से कम नहीं