उत्तर प्रदेश की समस्त पंचायतो में 57000 ग���राम पंचायत सचिवालयों के संचालक गांव के विकास की जिम्मेदारी निभाने वाले 57,000 पंचायत सहायकों को संविदा व्यवस्था समाप्त कर ‘सहायक पंचायत सचिव’पदनाम, नियमानुसार समावेशन और निर्धारित वेतनमान की मांग घोषणापत्र में शाम��ल करें।
@yadavakhilesh
माननीय मुख्यमंत्री जी,
@CMOfficeUP
आखिर पंचायत सहायकों के साथ ये कैसा अन्याय किया जा रहा है?
उत्तर प्रदेश के 57,000 पंचायत सहायक 9 दिनों तक इको गार्डन, लखनऊ में अपन��� अधिकारों और सम्मानजनक भविष्य के लिए धरने पर बैठे रहे। इस दौरान सरकार की ओर से जिन मांगों पर सहमति और आश्वासन की बात सामने आई, आज उसके संबंध में आधा अधूरा आदेश जारी किया गया है।
जिन विषयों पर कार्रवाई की बात हुई थी, उनमें
🔹 ₹9,000 मानदेय और उसका DBT के माध्यम से भुगतान
🔹 सेवा समाप्ति की प्रक्रिया को DM समिति के माध्यम से किए जाने ��ी व्यवस्था
🔹 कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ
🔹 मातृत्व अवकाश
🔹 भविष्य की सरकारी भर्तियों में आरक्षण/अवसर
🔹 सेवा समाप्त किए गए पंचायत सहायकों की वापसी
🔹 पंचायत सहायकों से संबंधित अन्य सेवा शर्तों में सुधार
लेकिन अब सामने क्या आया?
सिर्फ ₹3,000 की वृद्धि वो भी उसी पुरानी ग्राम निधि व्यवस्था के माध्यम से।
यदि यही निर्णय था तो फिर 9 दिनों तक चले धरने के दौरान बनी सहमति और दिए गए आश्वासनों का क��या हुआ?
क्या पंचायत सहायकों ने केवल ₹3,000 की वृद्धि के लिए 9 दिन तक अपना काम, परिवार और रोजमर्रा की जिंदगी छोड़कर धरना दिया था?
यदि ₹9,000 मानदेय की बात DBT से करने की हुई थी तो DBT की प्रक्रिया कहाँ है?
यदि सेवा समाप्ति के लिए DM समिति की बात हुई थी तो उसका शासनादेश कहाँ है?
मातृत्व अवकाश, कैशलेस सुविधा और भर्तियों में आरक्षण जैसे विषयों पर सरकार की स्थिति क्या है?
और जिन पंचायत सहायकों की सेवा समाप्त की गई है, उनकी वापसी को लेकर क्या निर्णय लिया गया है?
अगर कैबिनेट स्वीकृति होनी है तो यह 9000 ग्राम निधि से कैसे स्वीकृत हुआ??
सबसे बड़ा सवाल यह है कि 9 दिनों के संघर्ष के बाद यदि केवल एक अधूरा निर्णय सामने आता है, तो बाकी सहमतियों का क्या होगा?
पंचायत सहायक कोई भीख नहीं मांग रहे।
हमारा सीधा सवाल है -
धरने के दौरान जो सहमति बनी थी, उसका लिखित और बिंदुवार क्रियान्वयन कब होगा?
सिर्फ एक मांग पर अधूरा आदेश जारी करके बाकी मांगों को लंबित रखना पंचायत सहायकों के साथ न्याय नहीं है।
@uppanchayatiraj कृपया स्पष्ट करें
क्या सरकार वास्तव में 57,000 पंचायत सहायकों की सभी सहमत मांगों को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, या फिर पंचायत सहायकों को एक बार फिर आंदोलन के रास्ते पर जाने के लिए मजबूर किया जा रहा है?
अब पंचायत सहायकों को स्पष्ट जवाब चाहिए
@myogiadityanath
@uppanchayatiraj
@DirectorUPPR
@ChiefSecyUP
@oprajbhar
@UPGovt
#पंचायत_सहायक_नियमित_करो
मंत्री जी, यह उत्तर प्रदेश के पंचायत सहायकों का आखिरी अल्टीमेटम है! ₹9,000 में इस महंगाई के दौर में परिवार पालना असंभव है, जबकि आउटसोर्स कर्मियों को 20 हजार मिल रहे हैं। निर्णय जल्द लें, वरना एक म���ीने के भीतर 18,000 मानदेय न होने पर बड़ा संग्राम होगा।
#PanchayatSahayakUnion @PanchayatiRajUP @UPGovt
एक कटोरी दो… समोसा,
पंचायती राज मंत्री का क्या भरोसा!
पंचायत सहायकों को न्यूनतम ₹18,000 मानदेय DBT के माध्यम से दिया जाए और धरने के दौरान बनी अन्य सहमत मांगों को लागू करो
मांगें पूरी नहीं हुईं तो पंचायत सहायक फिर से आंदोलन के लिए तैयार हैं।
@oprajbhar#पंचायत_सहायक_संघर्ष
न्यूनतम मानदेय 18000 और सेवा सुरक्षा अगर तय सीमा में नहीं लागू होती है।
*पंचायत सहायकों का आंदोलन फिर से होगा"
@oprajbhar इस बार आपके इस्तीफे के साथ शुरू होगा।
पंचायत सहायकों का बहुत शोषण हुआ मजाक बनाया गया गुमराह किया गया है।
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
प्रशासन द्वारा जबरन धरना प्रदर्शन समाप्त कराया गया है ,शासन द्वारा पंचायत सहायकों से जबरन हस्ताक्षर करा लिए गए
9000 मानदेय की घोषणा कर दी
हम सभी पंचायत सहायक इसकी कड़ी निंदा करते है
आज सुबह से एक वीडियो बहुत ज्यादा वायरल हो रहा है जिसमें हमारे पंचायती राज्य मंत्री ओ पी राजभर जी कह रहे है,की पंचायत ��हायक 12000,15000,20000,25000 भूल जाए । ठीक है। क्यों न हम सब पंचायत सहायक 2027 में आपको ही भूल जाए ये केस रहेगा ?
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
#पंचायत_सहायक_नियमित_करो
सोचिए उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री जी हैं,
पहले तो यह फ़िल्मी अंदाज में कह रहे हैं कि यह दिमाग से निकाल दो की 10000,15000 बढ़ेगी,
मतलब सिर्फ बधुआ मजदूर की तरह काम करो??
सभी पंचायत सहायक साथी तत्काल ईको गार्डेन लखनऊ पहुंचे।
बृजेश कुमार मिश्रा- प्रदेश अध्यक्ष
कोई घर नहीं रहेगा, यह अं���िम लड़ाई है।
आर या पार। बार बार लड़ने से अच्छा एक बार लड़ो और जीत हासिल करो।
*हार मानना हमने सीखा नहीं है, मैं तो लड़ूंगा* ✊🔥
आप साथ दोगे या नहीं ये आपके ऊपर निर्भर करता है।
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
#ओमप्रकाश_राजभर_इस्तीफा_दो
पंचायत सहायकों के 9 दिन से चल रहे धरने के बावजूद पंचायत राज मंत्री @oprajbhar कहाँ हैं?
जनता और 58 हजार पंचायत सहायक पूछ रहे हैं
अगर हमारी जायज़ मांगों पर सरकार सुनवाई नहीं कर सकती, तो मंत्री जी इस्तीफा दो!
₹6,000 नहीं......
#पंचायत_राज_मंत्री_इस्तीफा_दो
##ओपी_राजभर_इस्तीफा_दो
लखनऊ के इको गार्डन में 8 दिनों से धरने पर बैठे पंचायत सहायकों के समर्थन में पहुंचीं विधायक पल्लवी पटेल ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य पर तीखा हमला बोला।
#पंचायत सहायक संघर्ष ।।
#पंचायत सहायक संघर्ष ।।
#पंचायत सहायक संघर्ष।।
पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन जिंदाबाद जिंदाबाद
पंचायत सहायक एकता जिंदाबाद जिंदाबाद ✊✊
मंत्री की सुनो...
कह रहा 12000, 15000, 20000 या 25000 हो जाए दिमाग से निकाल दो
कत्तई नहीं हो सकता है...
मंत्री सुनो आप भी ये दिमाग से निकालदो आपकी सरकार बन जाए��ी ,अब आपकी हार निश्चित है