JPSC PT - 17 मार्च, 2024
JPSC Mains - 22 जून, 2024
मंईयां सम्मान योजना की शुरुआत- अगस्त, 2024
लेकिन सरकारी मंच पर खड़े होकर कल एक महिला ने कहा-“मंईयां सम्मान की राशि से मैंने JPSC की तैयारी की और परीक्षा पास कर ली।”
समयरेखा तो साफ़ कहती है कि यह दावा असंभव है, फिर भी सरकार इसे उपलब्धि बनाकर बेच रही है। क्या हेमंत सरकार अब अपनी नाकामियों को ढकने के लिए ऐसी मनगढ़ंत कहानियों और फ़र्ज़ी मार्केटिंग पर ही निर्भर हो गई है? @JmmJharkhand को कम से कम अपने फ़र्ज़ी स्क्रिप्ट को एक बार चेक करना चाहिए. @yourBabulal@yourBabulal
JSSC-CGL मामला वर्तमान में हाईकोर्ट में subjudice है और माननीय न्यायालय ने अपना फैसला रिज़र्व कर रखा है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री जी का आज मंच से यह कहना कि ‘JSSC-CGL पूरी तरह पाक साफ है और हम जल्द ही इसकी नियुक्तियाँ देंगे’, न्यायिक प्रक्रिया के प्रति असम्मान दर्शाता है।
संवैधानिक पद पर आसीन मुख्यमंत्री ऐसा बयान दे तो ये पूरी तरह से हास्यास्पद है। जब मामला अदालत के विचाराधीन हो, तब एक संवैधानिक पद पर बैठे मुख्यमंत्री को ऐसी बयानबाज़ी से बचना चाहिए। सरकार का दायित्व न्यायालय की मर्यादा बनाए रखना है, न कि बेतुकी बयानबाजी कर निर्णय को प्रभावित करने की कोशिश करना..
हेमंत जी के बयान से ऐसा प्रतीत होता है मानो उन्हें कोर्ट का फैसला पहले से ही पता हो और उनसे ही पूछ के फैसला लिखा जाएगा। क्या यही पारदर्शिता और संवैधानिक आचरण है जिसकी उम्मीद राज्य की जनता अपनी सरकार से करती है?
हम पुनः स्पष्ट करते हैं कि भारतीय जनता पार्टी और अभ्यर्थियों का संघर्ष न्याय और पारदर्शिता के लिए है। उक्त मामले में फैसला आने से समय से पहले दिया गया बयान न्यायिक प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास है।
@HemantSorenJMM@narendramodi@blsanthosh@BJP4India@BJP4Jharkhand@JPNadda@AmitShah@PMOIndia
अभी-अभी सूचना मिली है कि JSSC CGL PAPER लीक प्रकरण में संतोष कुमार मस्ताना (प्रशाखा पदाधिकारी सचिवालय सेवा) जिन्होंने मुखरता से आवाज उठाया साथ ही साथ पेपर लीक का सबूत भी दिया, उन्हें CID ने गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही साथ इस केस में जो शिक्षक इस पेपर लीक की लड़ाई को सड़क से लेकर कोर्ट तक लड़ रहे है उन्हें भी CID द्वारा बार बार नोटिस दिया जा रहा है।
हमें ज्ञात हुआ है कि सीआईडी इस पेपर लीक केस में सारे तथ्यों और सबूतों को मिटा रही है साथ ही साथ गवाहों को डरा धमका के उनके बयान को बदला जा रहा है। आखिर ऐसी कौन सी बात है जो सीआईडी सारे तथ्यों को सरकार के इशारे पर तोड़ मरोड़ के पेश कर रही है और गवाहों के बयान को डरा धमका के सीआईडी द्वारा बदला जा रहा है।
कल केस की हाई कोर्ट में सुनवाई है और आज गिरफ्तार करना ये समझ से परे है। शुरुआत में आयोग ने कहा कि सारे सबूत से छेड़ छाड़ किया है उसके बाद FSL रिपोर्ट से स्पष्ट है कि किसी भी मोबाइल में किसी प्रकार की कोई छेड़ छाड़ नहीं है।छात्रों ने नेपाल में पेपर लीक का कनेक्शन बताया बाद में CID ने स्वयं स्वीकार किया कि नेपाल 28 लोग गए थे और उसमें से बहुत सारे छात्र पास भी किए।
सबूत के तौर पर दिए गए मोबाइल में मिले अधिकतर प्रश्नों के उत्तर का मिलान भी सही पाया गया पर अब सीआईडी कोर्ट में इसे महज गेस क्वेश्चन साबित करने कर तुली है। हर तथ्य को शुरू से तोड़ मरोड़ के पेश किया जा रहा है शुरुआत से ही इस से स्पष्ट है कि इस पेपर लीक प्रकरण में किंगपिन को बचाकर सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को गिरफ्तार कर उनकी आवाज को दबाना चाहती है।
#jssc #JsscCglScam
@BJP4India@narendramodi@JPNadda@AmitShah@blsanthosh@BJP4Jharkhand
JSSC CGL PAPER लीक प्रकरण में संतोष कुमार मस्ताना (प्रशाखा पदाधिकारी सचिवालय सेवा ) जिन्होंने पेपर लीक के ख़िलाफ़ आवाज उठाया साथ ही पेपर लीक का सबूत भी दिया दिया उन्हें CID ने गिरफ्तार कर लिया है।
@HemantSorenJMM सरकार साक्ष्य एवं गवाहों को मिटाना चाहती !
#release_mastana_sir
माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी क्या भारत में न्यायपालिका का कोई औचित्य नहीं?उच्च न्यायालय पटना द्वारा CWJC 582/2025में निर्देश बाद @BiharEducation_ ने पत्रांक 234 दिनांक 25/04/25 को @officialbseb को STET आयोजन हेतु आदेश देने बाद भी अधिसूचना जारी नही हुई
#STETBEFORETRE4
सन्नी जी ऐसे ही विधायक को टारगेट करना बिल्कुल सही नहीं है जिला परिषद से पहले मुख्य सचिव को जयराम दा ने यह आवाज उठाई है लेकिन आपको इनका लेटर नहीं मिला बड़ा अजीब बात है आप एक पत्रकार है पत्रकारिता करिए।
@sunny_sharad@JbkssArmy
अब बताइए आप
ये कोई इनफ्लुएंसर नहीं हैं। बड़े टीवी चैनल की एंकर हैं। इनके पास किसी भी वीडियो का अंश आता है तो पूरा वीडियो मंगवाने और देखने के भरपूर संसाधन होते हैं। निश्चित ही देखा भी जाता है और देखा भी गया होगा लेकिन प्रेमानंद जी महाराज के खिलाफ माहौल बनाने के लिए जरूरी है कि उनकी उतनी सी ही बात को उद्धृत किया जाए, उतनी सी ही बात के वीडियो को सोशल मीडिया पर डाला जाए।
पूरा वीडियो उपलब्ध होने के बावजूद अधूरी और एकतरफा बात टीवी चैनल पर क्यों की जाती है?
#प्रेमानंद_महाराज