एक खबर जिसमें सब था... पद, पैसा, रुतबा, शिक्षा,
अन्तरजातीय प्रेम विवाह पर नहीं था तो अपनी आपसी प्रेम और समझ साबित होता है कि खुशियां किसी भी बाहा हालातों की मोहताज नहीं होती।
धर्म का मखौल बना कर रख दिया है इन सबने - हद कर दी है
अगर यह लाइव था - तो ब्रेक लेकर शो ख़त्म क्यों नहीं कर दिया और अगर रिकॉर्डेड था तो दिखाया ही क्यों?
Modi Govt’s Playbook
Step 1: It never happened, stop spreading rumors
Step 2: Actually it happened but it’s not that bad
Step 3: Okay it is bad, but don’t blame Modi. It’s the fault of people
अब किसी का ख़ून नहीं खौल रहा?
अब किसी का राष्ट्रवाद नहीं जाग रहा है?
अब किसी को दिक़्क़त नहीं हो रही?
भारतीयों को चेनों में बाँध कर हथकड़ियाँ पहनाकर अमेरिका भेज रहा है, हमारे देश की महिलाओं तक को चेन में बांधा गया
एक नाकारी सरकार के साथ साथ वो सब लोग जो इसपर या तो चुप हैं, या आँखें मूँद ली हैं, या इसको सही ठहरा रहे हैं - आपका पाखंड और फ़र्ज़ी राष्ट्रप्रेम देखकर दुख नहीं होता गुस्सा आता है
देश प्रेम की बात करने वालों - अगर अपने साथी भारतीयों के साथ यह होता देखकर तुम ख़ुश हो रहे हो या सही ठहरा रहे हो तो ख़ाक प्यार करते हो तुम इस देश से
भारत माता की जय बोलने वालों - वो जय नदी नालों पेड़ पहाड़ों गाँव शहर से कहीं ज़्यादा हर एक भारतीय की है. क्रिकेट मैच में इंडिया इंडिया चीखने से, या जर्सी पहनना भर ही राष्ट्रप्रेम नहीं है - अपने मुल्क के लोगों के साथ अगर ग़लत हो तो उसके ख़िलाफ़ बोलना देशभक्ति है
किसी देश में अवैध रूप से जाना बिल्कुल ग़लत है, और हर देश उससे निपटने के लिए भी स्वतंत्र है
लेकिन पूरी दुनिया में डंका बजने का दावा करने वाले - अपने लोगों के साथ थोड़ी सी मानवता सुनिश्चित नहीं कर पाये?
हमसे छोटे देशों ने अपने नागरिकों को बेड़ियां पहनाने का विरोध किया और हमारी सरकार से एक चूँ तक ना निकला
यह इज़्ज़त है 140 करोड़ भारतीयों की? यह तूती बोल रही है हमारी की हमारे लोगों के साथ जानवरों जैसा व्यवहार हो?
यह इसलिए लिख रही हूँ क्योंकि एक बार सोचिएगा - अगर अपना बच्चा गलती करे तो आप उसको डाँटेंगे, शायद थप्पड़ भी जड़ दें लेकिन अगर कोई बाहरी व्यक्ति ऐसा करेगा तो आप कमर कस के लड़ने के लिए तैयार हो जाएँगे
तो हमारे लोगों के साथ अमेरिका ने इस बदसलूकी की सोची भी कैसे? अमेरिका ने हमारे देश के 104 लोगों को भेड़–बकरी की तरह जंजीरों से बांधकर खदेड़ दिया. भेजने से पहले डिटेंशन सेंटर में रखा, फिर 40 घंटे प्रताड़ित किया
आप जुमलों की बारिश करते रहे और हमारा देश बेइज़्ज़ती होता रहा. और नाकामी को सही कहने वालों की आत्मा तो कबकी मर चुकी है - अब दिखावा भी ख़त्म हो गया
क्योंकि जो भी हो, यह हैं तो अपने लोग ही. और मेरा राष्ट्रवाद इनके साथ हुई अमानवीयता को किसी क़ीमत पर ठीक नहीं ठहरा सकता - अगर आपका ठहरा रहा है तो लानत है आप पर!