पूर्वी चंपारण, अरेराज में एक डोम लड़के को एक दूसरी दलित जाति और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपनी जगह से पानी नहीं पीने दिया।
अगर आप सही से समाज में देखोगे तो पता चलेगा कि दलितों के साथ भेदभाव करने में सबसे आगे भी ऊंची दलित जातियां ही हैं।
जो खुद जातिगत भेदभाव का रोना रोते हैं, वही अपने से नीचे समझी जाने वाली जातियों के साथ भेदभाव करते हैं, और सारा दोष का ठीकरा सवर्णों पर फोड़ा जाता है।