केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि पेट्रोल मे 20 % एथनॉल मिलाने का काम अभी “प्रयोग” के तौर पर है।इसका वाहनों पर क्या असर हो रहा है,इसके नतीजे अगले एक साल तक साफ हो पाएंगे।लेकिन सवाल ये है कि “प्रयोग” जनता के वाहनों पर क्यों किया जा रहा है ?
बिहार के कुछ उद्योगपतियों ने सच में बिहार को कुछ दिया!
उद्योगपति का मतलब सिर्फ उद्योग खड़ा कर देना नहीं होता है,उद्योगपति का मतलब यह होता है कि आपके उद्योग से आपके अपने लोगों का घर चल रहा है कि नहीं,हमारे यहां (जहानाबाद) के महेंद्र प्रसाद ने ARISTO फार्मा को बनाया और खड़ा किया,कंपनी बिहार से निकलकर देश-विदेश में फैली,लेकिन कंपनी को हमेशा बिहारी लोगों ने चलाया,इसी तरह SIS कंपनी भी बिहार के रहने वाले आरके सिन्हा ने बनाया और खड़ा किया,SIS भी देश की सबसे बड़ी प्राइवेट सिक्युरिटी और लॉजिस्टिक्स वाली कंपनी है,इन कंपनियों में एक चीज हमेशा सेम रहा,कंपनी में भर्ती का पहला क्राइटेरिया 'बिहारी होना' था,आज महेंद्र प्रसाद जीवित नहीं हैं,परिवार बिल्कुल बिखर चुका है फिर भी कंपनी दौड़ रही है,आरके सिन्हा भी अस्वस्थ हो चुकें हैं,पूरी कंपनी को उनके बेटे रितुराज सिन्हा देख रहें हैं और SIS भी दौड़ रही है,ऐसे और भी कई बड़े और छोटे उद्योगपति बिहार के हैं जहां अपने लोगों को भर-भरकर रखा जाता है,इन उद्योगपतियों ने बिहार को बहुत कुछ दिया,बिहारियों को बहुत कुछ दिया,बिहार जितना इनलोगों को दिया उससे ज्यादा ये लोग बिहार को दिए,इसी कारण आज भी इन दोनों कंपनियों के मालिकों का इज्ज़त और सम्मान बिहार में हर जगह है!
#Bihar
बिहार में किराये के मकानों में रहने वाले लाखों परिवारों के लिए बेहद खुशखबरी है. राज्य सरकार ने स्पष्ट रूप से घोषणा की है कि बिजली सब्सिडी योजना का लाभ सीधे किरायेदारों को भी मिलेगा. अब कोई भी मकान मालिक किरायेदार से सब्सिडी वाली बिजली का ज्यादा शुल्क नहीं वसूल सकेगा.
#BiharElectricity #BiharBijliSubsidy #NitishKumar #BiharGovt #BijliYojana #BiharNews
बिहार में जिन महिलाओं को चुनाव से पहले दस हज़ार दिया गया था उनमें से वैसी हर महिला को दो लाख दिए जाने का वादा था जो अपना काम शुरू करने के लिए बेहतर योजना बनाएंगी!
कोई सूचना इस योजना के तहत कितनी महिलाओं को 2 लाख मिला?
बीजेपी विज्ञापनों के ज़रिए देश को बता रही है कि नरेन्द्र मोदी का कार्यकाल पंडित नेहरू से बड़ा हो गया है।पीछले 12 सालों से नेहरू को छोटा करने की कोशिश हो रही है।वैसे तो नेहरू 1947 से 1964 तक प्रधानमंत्री रहे लेकिन बीजेपी बता रही है कि 1952 से 1964 तक ही उनका कार्यकाल माना जाएगा।1947 से 1952 की देश की परिस्थितियों को पंडित नेहरू ने कैसे प्रधानमंत्री के रूप में सँभाला होगा,उन परिस्थितियों को कैसे नज़रअंदाज़ किया जा सकता है !
अपने मगध रेंज के IG विकास वैभव जी का दफ़्तर जाना हुआ,IG का दफ़्तर बिल्कुल जनता दरबार जैसा दिख रहा था,IG खुद थाना के दरोगा को फोन मिला रहें थें,फ़रियाद दरोगा से लेकर DSP तक का शिकायत कर रहा था और IG सुन रहें थें,फिर सुनने के बाद IG उस पदाधिकारी से उसी विषय पर बात करते हुए केस का डेडलाइन निर्धारित कर रहें थें,ये सब देखकर अच्छा अनुभव हो रहा था!
@bihar_police@vikasvaibhavips
@DrLaxman_Yadav इस दौर में कोई न जुबां खोल रहा है
तुझको ही क्या पड़ी है कि सच बोल रहा है
तिनके की चटाई को कोई खौफ, न खतरा
हर पांव सिंहासन का मगर डोल रहा है
उदय प्रताप सिंह
क्या आपको नहीं लगता Chennai Super Kings, Mumbai Indians और Kolkata Knight Riders की तरह बेमिसाल बिहार की भी एक टीम होनी चाहिए?
बिहार की मिट्टी ने देश को बहुत से बेहतरीन क्रिकेट खिलाड़ी दिए हैं।
पटना में जन्मे ईशान किशन ने सबसे कम गेंदों में ODI double century लगाई। समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी सबसे कम उम्र में IPL debut करने वाले खिलाड़ी बने। और गोपालगंज के साधारण परिवार में जन्मे साकिब हुसैन की शानदार गेंदबाजी पर आज पूरी दुनिया की नज़रें हैं।
लेकिन एक बात मुझे हमेशा खलती है कि हमारे बिहार को क्रिकेट में अब भी वह नाम और पहचान क्यों नहीं मिल पा रही जिसके हम हकदार हैं।
मेरा हमेशा से यह सपना और प्रयास रहा है कि बिहार के युवाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का पूरा मौका मिले, हमारे खिलाड़ियों को भी world class infrastructure और support बिहार में ही मिलना चाहिए। मुझे पूरा भरोसा है कि अगर हमारे बच्चों को सही प्रेरणा और सुविधाएं मिलें, तो हमारे बिहार से बनने वाली टीम दुनिया की बेस्ट टीम होगी।
और मैं इस काम में बिहार के युवाओं के साथ पूरी मज़बूती से खड़ा हूँ। बिहार की क्रिकेट टीम और यहाँ के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए मैं अपनी तरफ से unconditional support दूंगा।
बिहार मेरे लिए सिर्फ एक राज्य नहीं, एक emotion है।
और अब वक्त आ गया है कि हमारी मिट्टी का talent मैदान पर दिखे।
एग्जाम का परचा लीक हो जाता है! लेकिन कोई जिम्मेदारी तय नहीं होती है! इस बार तो नीट की परीक्षा के बाद तो एग्जाम रद्द हुआ लेकिन 2024 में तो साबित होने के बाद भी इसे रद्द नहीं किया गया!
NCERT की किताबें देर से स्कूल से पहुँचती है! आउट ऑफ़ स्टॉक हो जाती है!
एंट्रेंस एग्जाम में गलत सवाल पूछ लिए जाते हैं! एग्जाम में नॉर्मलाइज़शन के नाम पद भद्दा खेल होता है स्टूडेंट्स के साथ!
सरकारी नौकरी के लिए होने एग्जाम सालों देर से होते हैं! एसएससी जैसी परीक्षा बिना विवाद के होता नहीं है!
पूरा एजुकेशन और एग्जाम सिस्टम ध्वस्त है!
और उससे बड़ी बात की हम इसे मुद्दा भी नहीं मानते!
लगता है इसे मुद्दा बनाने के लिए और मीडिया का फोकस पर इससे लाने के लिए इसमें कोई बाबर या मुस्लिम एंगल निकलना होगा! उनपर दोष लेकर जाना होगा!
ऑन सीरियस नोट,अगर कोई सरकार एजुकेशन और एग्जाम सिस्टम को लगातार अपनी आँखों के सामने कमजोर होता देखती रहती है और इसे ठीक करने की मंशा तक नहीं दिखती है तो समझ लें की तमा विकसित देश के दावे बेकार हैं! खर्च से लेकर संसाधन और विज़न सब बढ़ाना होगा!
सोने चांदी के बर्तन, आलीशान कोठी, घर में ही थिएटर, जिमखाना इत्यादि इत्यादि, फ़िर भी विश्वास शर्मा कहता फिरता है "मैं अभागा सुवर्ण मेरा रोया रोया उखाड़ लो राजा" 🔥
जिस दिन बहुजन लोग सत्ता में आएंगे, पहली ही केबिनेट में यह फैसला लिया जाएगा कि धर्म को बिज़नेस बनाने वाले कथावाचकों लोगों पर एक नया सीलिंग एक्ट लागू किया जाएगा,
हद से ज़्यादा संपत्ति को राजसात किया जाएगा और गरीब लोगों में बांट दिया जाएगा, साथ ही विरोध करने वालों की संपूर्ण संपत्ति जप्त की जाएगी और आजीवन मनोहर कहानियां सुनाने पर पाबंदी लगाई जाएगी 🔥🔥
65 से 70 पेपर सिर्फ 2019 में लीक हुए हैं। जहां जहां पेपर लीक होते हैं, वहां बीजेपी की सरकार होती है। बीजेपी की सरकार में ही पेपर क्यों लीक हो रहे हैं?
- कपिल सिब्बल
निजी स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की पहल!
प्रदेश के निजी स्कूलों में मनमानी रोकने, फीस को नियंत्रित करने और छात्रों व अभिभावकों के हितों की रक्षा करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
निजी विद्यालयों को फीस की पूरी जानकारी सार्वजनिक करना अनिवार्य, मनमानी बढ़ोतरी व अनावश्यक शुल्क पर रोक होगा।
साथ ही किताबें-यूनिफॉर्म कहीं से भी खरीदने की स्वतंत्रता, छात्रों को फीस बकाया पर भी परीक्षा/परिणाम से वंचित नहीं किया जाएगा।
आदेश उल्लंघन होने पर कड़ी कार्रवाई तय है।
इससे प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और सुलभ बनेगी।
कुमार विश्वास की आलीशान हवेली का वीडियो कल से वायरल है,
बहुत से गरीब लोग जल के भुने जा रहे हैँ,
और पूछ रहे हैँ कि कुमार विश्वास के पास इतना विशाल धन कहाँ से आया,
कुमार विश्वास की हवेली पर अपनी कुंठा निकाल रहे हैँ,
लेकिन मेरा विचार इस पर भिन्न है,
मैं इस बात से सहमत हूं कि
कुमार विश्वास व्यक्तिगत तौर पर अच्छे इंसान नहीं हैँ,
जातिवादी हैँ, अहंकारी हैँ, राजनैतिक रूप से महत्तवाकांक्षी हैँ,
बिना पैसे लिए किसी की कटी ऊँगली पर मूतेंगे भी नहीं,
हर पार्टी के बड़े लोगों से संबंध रखते हैँ,
कांग्रेस को गाली देकर भी कांग्रेस से फायदा ले लेते हैँ,
उनकी राम कथा एक ढोंग है,
मैं सब आरोप को ख़ारिज नहीं करता हूं,
लेकिन घर उन्होंने अपने अर्जित धन से बनाया है,
बढ़िया घर बनाना और अपने बच्चों को महंगी शिक्षा देना सभी का मौलिक अधिकार है,
इसमें कुमार विश्वास कुछ गलत नहीं कर रहे हैँ,
चूतिया आप लोग हैँ
जो कुमार विश्वास में एक अच्छा इंसान ढूंढने रहते हैँ,
कुमार विश्वास की कोई गलती नहीं है,
विकसित बिहार की ओर एक और कदम: 'सहयोग पोर्टल' एवं हेल्पलाइन नंबर 1100 का भव्य शुभारंभ।
कोई भी व्यक्ति https://t.co/SMhGGiStbO पर जाकर सीधे अपना परिवाद (शिकायत) दर्ज कर सकता है।
टोल-फ्री नंबर 1100 पर कॉल करके शिविर से सम्बंधित जानकारी ले सकते हैं।
@IPRDBihar
बिहारियों के पास ऑप्शन था KC सिन्हा जैसे प्रोफेसर को चुनने का या अनंत सिंह जैसे गुंडा को चुनने को !
KC सिन्हा किसी जिले में जाते तो वहां शिक्षा की बाते करते,गणित की बाते करते लेकिन हम बिहारियों को हाथ में बंदूकें लहरानी थी और आर्केस्ट्रा देखना था इसलिए हमने अनंत सिंह जैसे गुंडे को चुना...
हमें शिक्षा से ज्यादा ये फुहड़ता पसंद है इसलिए हमने अनंत सिंह जैस गुंडे को चुना!
क्या अनंत सिंह के जगह कोई बड़ा शिक्षित आदमी भी आता तो हम ऐसे ही स्वागत करते उसका ?
तमिलनाडु में #TVK की सभा में जन सुराज के संस्थापक, बिहार के लाडले प्रशांत किशोर जी के कई भाषण, वक्तव, इंटरव्यू वायरल है...
प्रश्न ये है: #JanSuraaj को बिहार में सफलता क्यों नहीं मिला?
जन सुराज में संगठन (बूथ) के स्तर पर कमज़ोरी के साथ और भी कई कमियां से इंकार नहीं किया जा सकता है।
बिहार में प्रति मतदाता (परिवार) चुनाव से पूर्व ₹10,000 खाते में व ₹02 लाख देने का वादा, जंगलराज का डर... ये सब बिहार में विधानसभा चुनाव के फैक्टर रहे हैं।
बिहार के जनता का जनादेश सर आंखों पर है। जन सुराज के स्तर पर जो कमियां रही हैं उसे दूर करने का प्रयास चल रहा है।
#बिहार में वर्तमान स्थिति क्या है?
🔰बिहार में भाजपा के 89 विधायक
🔰बिहार में जेडीयू के 85 विधायक
🔰बिहार में आरजेडी के 25 विधायक
🔰बिहार में एलजेपी के 19 विधायक
🔰बिहार में कांग्रेस के 6 विधायक
🔰बिहार में एआईएमआईएम के 5 विधायक
🔰बिहार में एचएएम के 5 विधायक सीट
🔰बिहार में सीपीआई (एमएल) के 2 विधायक
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
🔰BJP (NDA) के 30 लोकसभा में सांसद, 12 राज्यसभा में सांसद और 08 केंद्रीय मंत्री है। बिहार के विषय पर सब चुप हैं।
Jan Suraaj को एक सीट नहीं मिला। मात्र 20 लाख वोट है।
इसके बावजूद, #JanSuraaj बिहार के हर मुद्दे को उठा रहा है और बिहार की जनता के लिए लड़ रहा है।
पटना में शंभु गर्ल्स हॉस्टल की NEET छात्रा के मामले से लेकर दिल्ली में पांडव कुमार तक, जन सुराज इन मुद्दों पर डटकर लड़ रहा है, जबकि अन्य पार्टियां इन्हें नजरअंदाज कर रही हैं।
दिल्ली में पांडव के लिए न्याय की मांग करते हुए कल जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया गया।
आज शाम #पटना में जेपी गोलंबर (बिस्कोमान) से कारगिल चौक तक मशाल जुलूस निकाल कर पांडव के लिए न्याय की मांग के लिए जन सुराज का जुटान होगा।
#PrashantKishor #PandavKumar
#JusticeForPandavKumar #JSP
@jansuraajonline@PK_for_CM@BaatBiharKii@JsCharcha@JSYuvaofficial@ForSuraaj
न्यूनतम मजदूरी :
सभी नियोजकों को सरकार द्वारा नियत की गयी न्यूनतम मजदूरी का भुगतान किया जाना अनिवार्य है, अन्यथा की स्थिति में उन्हें ₹50,000 के जुर्माने से दंडित किया जा सकता है।
@IPRDBihar#labourwages#labourrights#minimumwages#sharmik