@chitraaum@narendramodi चित्र जी ऋषभ पंत को उत्तराखंड में फ्री की जमीन क्यों चाहिए? उनके पास पैसे की कमी हो गई है क्या? इस को भी चर्चा का विषय बनाए? BJP or congress को आमने सामने बिठाकर चर्चा करवाए।
@RishabhPant17@pushkardhami@RishabhPant17 देहरादून में राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बर्बाद हो रहा है उस को ही खरीद लो। वाह तुम अपनी क्रिकेट एकेडमी चला सकते हो। स्टेडियम आबाद तो हो जाएगा। CM साहब से फ्री में ही मांग लो। देश में सब को फ्री चाहिए, कही होटल बनाने के लिए जमीन तो नहीं मांग रहे हो?
@RishabhPant17 ऋषभ पंत एक सक्षम व्यक्ति है उनको अब उत्तराखंड की याद कैसे आने लगी? उनको अपना भविष्य खिलाड़ी के रूप में नहीं लग रहा है X पर Twitt करने का मतलब सुर्खियों से फ्री की जमीन प्राप्त करना और सरकार पर दवाब बना है यदि वे फ्री की जमीन में कमर्शियल गतिविधि करते है तो उनको जमीन न दिया जाए।
@AjitSinghRathi ऋषभ पंत एक सक्षम व्यक्ति है उनको अब उत्तराखंड की याद कैसे आने लगी? उनको अपना भविष्य खिलाड़ी के रूप में नहीं लग रहा है X पर Twitt करने का मतलब सुर्खियों से फ्री की जमीन प्राप्त करना और सरकार पर दवाब बना है यदि वे फ्री की जमीन में कमर्शियल गतिविधि करते है तो उनको जमीन न दिया जाए।
@ravish_journo देश के विश्वविद्यालयों के परीक्षा के भी यही हाल है इनमें में सुधार की जरूरत है यहां भी पेयर लीक,चिटिंग,परीक्षा हाल में मोबाइल और गाइड से सामूहिक नकल करने के मामले आते रहते है अधिकतर निजी शिक्षण संस्थानों में ये समस्या देखने को मिलती है। यहां तो डमी शिक्षक और डमी छात्र होते हैं।
@LtGenGurmit whereas the CVs of all employees in government institutions are uploaded. For the sake of transparency, private educational institutions should also upload their approval orders and the approval letters of their teachers on their websites. the RTI cell should be moved online. 2/2
@LtGenGurmit There is a lack of transparency regarding university affiliations and the approval of teachers in Uttarakhand. State universities do not upload documents related to the affiliation of private institutions or the CVs of teachers to their websites, 1/2
@LtGenGurmit उत्तराखंड में विश्वविद्यालयों द्वारा दिए जाने वाले सम्बद्धता और शिक्षकों के अनुमोदन में पारदर्शिता नहीं है राज्य के विश्वविद्यालयों द्वारा निजी संस्थानों की संबद्धता डॉक्यूमेंट व शिक्षकों के CV अपनी वेबसाउट पर अपलोड नही करते, जब की सरकारी में सभी कर्मचारियों के CV अपलोड होती है।
@pushkardhami@narendramodi उत्तराखंड में विश्वविद्यालयों द्वारा दिए जाने वाले सम्बद्धता और शिक्षकों के अनुमोदन में पारदर्शिता नहीं है राज्य के विश्वविद्यालयों द्वारा निजी संस्थानों की संबद्धता डॉक्यूमेंट व शिक्षकों के CV अपनी वेबसाउट पर अपलोड नही करते, जब की सरकारी में सभी कर्मचारियों के CV अपलोड होती है।
@JoshiPralhad@narendramodi देश में विश्वविद्यालयों द्वारा दिए जाने वाले सम्बद्धता और शिक्षकों के अनुमोदन में पारदर्शिता नहीं है राज्य के विश्वविद्यालयों द्वारा निजी संस्थानों की संबद्धता डॉक्यूमेंट व शिक्षकों के CV अपनी वेबसाउट पर अपलोड नही करते, जब की सरकारी में सभी कर्मचारियों के CV अपलोड होती है। #RTI
@PMOIndia देश में विश्वविद्यालयों द्वारा दिए जाने वाले सम्बद्धता और शिक्षकों के अनुमोदन में पारदर्शिता नहीं है न राज्य के विश्वविद्यालयों द्वारा निजी संस्थानों की संबद्धता डॉक्यूमेंट अपनी वेबसाउट पर अपलोड नही करते, नहीं निजी शिक्षण संस्थानों द्वारा अपनी साइट पर डालते है शिक्षकों दिखाय जाय।
@JoshiPralhad@narendramodi देश में विश्वविद्यालयों द्वारा दिए जाने वाले सम्बद्धता और शिक्षकों के अनुमोदन में पारदर्शिता नहीं है न राज्य के विश्वविद्यालयों द्वारा निजी संस्थानों की संबद्धता डॉक्यूमेंट अपनी वेबसाउट पर अपलोड नही करते, नहीं निजी शिक्षण संस्थानों द्वारा अपनी साइट पर डालते है शिक्षकों दिखाय जाय।
@rashtrapatibhvn देश के सभी राज्यो के सभी विश्वविद्यालयों में Right to information cell online होनी ही चाहिए, जनता और छात्रों को जानकारी हो, स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों की संबद्धता फाइल को निष्पक्षता के तौर पर सार्वजनिक रूप से विश्वविद्यालय की साइट पर शिक्षकों के अनुमोदन के साथ अपलोड होनी चाहिए।
@JoshiPralhad देश के सभी राज्यो के सभी विश्वविद्यालयों में Right to information cell online होनी ही चाहिए, जनता और छात्रों को जानकारी हो, स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों की संबद्धता फाइल को निष्पक्षता के तौर पर सार्वजनिक रूप से विश्वविद्यालय की साइट पर शिक्षकों के अनुमोदन के साथ अपलोड होनी चाहिए।
@drdhansinghuk उत्तराखंड राज्य में सभी विश्वविद्यालयों में Right to information cell online होनी ही चाहिए, जनता और छात्रों को जानकारी हो, स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों की संबद्धता फाइल को निष्पक्षता के तौर पर सार्वजनिक रूप से विश्वविद्यालय की साइट पर शिक्षकों के अनुमोदन के साथ अपलोड होनी चाहिए।
@PMOIndia@girirajsinghbjp देश के सभी राज्यो के सभी विश्वविद्यालयों में Right to information cell online होनी ही चाहिए, जनता और छात्रों को जानकारी हो, स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों की संबद्धता फाइल को निष्पक्षता के तौर पर सार्वजनिक रूप से विश्वविद्यालय की साइट पर शिक्षकों के अनुमोदन के साथ अपलोड होनी चाहिए।