#चयन_बोर्ड_OMR_घोटाला :
📍 3 दिन पहले ही भजनलाल सरकार को जगा दिया था ।
राजस्थान में बेरोजगार छात्रों के साथ इतना बड़ा कुठाराघात हो रहा है कि चतुराई के साथ कर्मचारी चयन बोर्ड में अंदर से OMR सीट भर्ती के पे ग्रेड के हिसाब से दाम लेकर भरी जाती है। मुख्यमंत्री भजनलाल जी अब बाकी क्या रह गया ? पूरा राजस्थान चाहता है कि मिस्टर आलोक राज से जल्द इस्तीफा लेकर निष्पक्ष जांच की जाए। जब तक आलोक राज जी चेयरमैन रहेंगे तब तक निष्पक्ष जांच संभव नहीं है..सब कुछ मिस्टर आलोक राज जी की आलीशान कुर्सी के नीचे हो रहा है। छुटपुट कार्यवाहियों से काम चलने वाला नहीं है। @alokrajRSSB@BhajanlalBjp@RajCMO@hanumanbeniwal
#आलोक_राज_इस्तीफा_दो
24 घंटे लगातार टॉप ट्रेड���ंग रहना चाहिए, इन निकम्में लोगों ने बेरोजगार के दिल को गहरी चोट पहुंचाई है,जब कोई मेहनती विद्यार्थी एक-आध नंबर से नौकरी से हाथ धो बैठता है तो पूरी रात रोता है,उसका दर्द बांटने वाला कोई नहीं होता है।
#चयन_बोर्ड_OMR_घोटाला
#OMR_का_खेल_बंद_करो
एक युवा दिन-रात मेहनत करता है, सपनों को सच करने के लिए संघर्ष करता है…
लेकिन जब उसी मेहनत को व्यवस्था के भीतर बैठे कुछ लोग सौदेबाज़ी बना दें, तो यह केवल एक व्यक्ति के सपनों का नहीं, पूरे सिस्टम के भरोसे का टूटना होता है।
"हाल ही में चल रही खबर......
OMR शीट में अंक बढ़ाने वाली संगठित गैंग का पर्दाफाश हुआ है।
राजस्थान क���्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) के तकनीकी प्रमुख सहित कुल 5 लोगों को एसओजी ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन्होंने तीन भर्ती परीक्षाओं में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा कर 38 अभ्यर्थियों को अवैध रूप से सरकारी नौकरी दिलवाई। कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों के पास से करीब लाखों रुपये नकद और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।"
सबसे बड़ा सवाल यही है......
क्या यह पहली बार हुआ है? और क्या यह आख़िरी बार होगा?
ऐसी घटनाएं न सिर्फ प्रदेश के मेहनती युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय हैं, बल्कि पूरे चयन तंत्र की विश्वसनीयता पर गहरा आघात हैं।
मेरा प्रदेश सरकार से निवेदन है कि दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी अधिकारी या कार्मिक इस तरह का अपराध करने से पहले सौ बा�� सोचे। साथ ही, पूर्व में चयनित अभ्यर्थियों के डेटा का पुनः परीक्षण (री-चेक) किया जाए, ताकि सच्चे हकदारों के साथ न्याय हो और व्यवस्था पर युवाओं का भरोसा फिर से मजबूत किया जा सके।
@RajCMO
माननीय बोर्ड अध्यक्ष महोदय @alokrajRSSB जी,
ट्विटर पर @hemrajs76277082 नाम की आईडी द्वारा आपके बोर्ड पर एक अत्यंत गंभीर आरोप लगाया जा रहा है कि जिस अभ्यर्थी ने परीक्षा ही नहीं दी, उसकी भी 7017 रैंक आ गई है।
महो��य, यह आरोप साधारण नहीं है।
ऐसे दावे से पूरी चयन प्रक्रिया और बोर्ड की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग जाता है।और ऐसी स्थिति में और अधिक जब cut-off आसमान छू रही हो.
आपसे निवेदन है कि इस विषय पर स्पष्ट व सार्वजनिक उत्तर दिया जाए।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की दो अलग-अलग भर्तियों चतुर्थ श्रेणी (54,000 पद) और वाहन चालक (2,576 पद) में पदों की संख्या, परीक्षा का स्तर और प्रतियोगिता स्पष्ट रूप से अलग होने के बावजूद कट-ऑफ का ��गभग समान रहना गंभीर सवाल खड़े करता है। जब अभ्यर्थियों के अनुसार चतुर्थ श्रेणी का पेपर कठिन था, तब भी कट-ऑफ का ऊँचा रहना सामान्य प्रक्रिया से मेल नहीं खाता। यह स्थिति संदेह पैदा करती है कि कहीं मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी तो नहीं रही या पर्दे के पीछे कोई बड़ा खेल तो नहीं हुआ। बोर्ड का दायित्व है कि वह कट-ऑफ निर्धारण, नॉर्मलाइजेशन और चयन प्रक्रिया पर स्पष्ट व सार्वजनिक स्पष्टीक���ण दे। युवाओं की वर्षों की मेहनत पर सवाल खड़े हों, यह लोकतंत्र और रोजगार प्रणाली दोनों के लिए खतरनाक है। भजनलाल सरकार को चाहिए कि वह युवाओं के भविष्य के साथ खेलना बंद करे और निष्पक्ष जांच व पारदर्शिता के जरिए भरोसा बहाल करे।
सभी विधार्थियो से मुलाक़ात की अधिकतर 70 से 82 के बीच वाले थे,सभी लगभग बाहर हो गए,बच्चे बहुत टूट गए, आखिर इतनी कटऑफ क्यों?
@manojmeena भाई ने समय से पहले @alokrajRSSB जी से हाईकटऑफ को लेकर इस्तीफा की मांग की।
उस समय मनोज मीणा ने जबरदस्त तरीके से मुद्दा उठाया, अब फिर भुगतना पड़ा
RTI से ही साफ़ होगा कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती–2025 में बाहरी राज्यों से कितने अभ्यर्थियों का चयन हुआ है।
क्योंकि इतने विशाल पद(53000) होने के बाद भी स्थानीय स्तर पर आस-पास के जिलों और क्षेत्रों से चयनित अभ्यर्थियों की संख्या अपेक्षा से कम दिखाई दे रही है।
कहीं ऐसा तो नहीं कि बाहर वालो की OMR शीट परिवर्तित कराकर पैसों में चयन हुआ हो.
#4thGradeभर्तीघोटाला
#4thgraderesult
#चतुर्थ_श्रेणी_परिणाम
@alokrajRSSB@Radhemahwa