बीएसपी हमारी पार्टी है। आयरन लेडी आदरणीया बहन कु0 मायावती जी हमारी एकमात्र नेता हैं।
जो भी व्यक्ति बीएसपी में गुटबाजी करेगा या फिर पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाया जाएगा,उसे पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।
बीएसपी बहुजन सन्तों,गुरुओं और महापुरुषों की विचारधारा पर चलने वाली एकमात्र अम्बेडकरवादी पार्टी है।
बीएसपी राजनैतिक पार्टी से पहले एक।सामाजिक आ���्दोलन है।
मैं बीएसपी की अध्यक्षा आदरणीया बहन जी के हर निर्णय पर उनके साथ खड़ा हूँ।
1. जैसाकि सर्वविदित है कि श्री अशोक सिद्धार्थ, पूर्व सांसद को महाराष्ट्र के चुनाव में ��ा़सकर पार्टी टिकट के बंटवारे को लेकर बी.एस.पी. महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष आदि के साथ सही से तालमेल करके नहीं चलने की वजह से अनुशासनहीनता व दिशा-निर्देश का उल्लंघन करने पर पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था तथा उन्हें दोबारा पार्टी में इस शर्त के साथ वापस लिया गया था कि वे दोबारा ऐसी ग़लती नहीं करेंगे और साथ ही उन्हें उत्तर प्रदेश में कहीं पर भी नहीं, बल्कि केवल दूसरे राज्यों में ही पार्टी के जनाधार को बढ़ाने की ज़िम्मेदारी दी जायेगी।
2. लेकिन उसके बाद जिन भी राज्यों की ज़िम्मेदारी बी.एस.पी. कोआर्डिनेटर के रूप में उन्हें दी गयी वहाँ इन्होंने अपनी ज़िम्मेदारी को सही से नहीं निभाया। केवल कर्नाटक ही नहीं बल्कि उड़ीसा व पश्चिम बंगाल इन राज्यों से भी इनकी अनुशासनहीनता अर्थात् पार्टी के दिशा-निर्देश के उल्लंघन की ख़बरें लगातार आते रहने के फलस्वरूप इनको बार-बार चेतावनी देने के बावजूद भी इनमें सुधार नहीं आने की वजह से कल श्री अशोक सिद्धार्थ को पार्टी की सभी ज़िम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया था।
3. लेकिन इसके बाद यूपी में इनके वापस लौटने की ख़बरें जानबूझकर पार्टी में भ्रम की स्थिति फैलाकर आगामी यूपी विधानसभा आमचुनाव के सघन अभियान को प्रभावित करने का षडयंत्र है। अतः पार्टी व मूवमेन्ट के हित में श्री अशोक सिद्धार्थ को आज तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है और अब इन्हें पार्टी में आगे कतई भी वापिस नहीं लिया जायेगा।
4. इसी प्रकार श्री रणधीर सिंह बेनीवाल (निवासी ज़िला सहा���नपुर) को बी.एस.पी. कोआर्डिनेटर के रूप में पंजाब सहित हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कशमीर की भी कुछ ज़िम्मेदारी दी गयी थी। उनके विरुद्ध़ भी अनुशासनहीनता व पार्टी दिशा-निर्देश का उल्लंघन करने की ख़बरें लगातार आती रही हैं और अब श्री रणधीर सिंह बेनीवाल को भी पार्टी व मूवमेन्ट के हित के मद्देनज़र आज इनको भी तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
5. यहाँ यह भी अवगत कराना है कि कल पार्टी संगठन में राष्ट्रीय स्तर पर किये गये फेरबदल में श्री रामजी गौतम, राज्यस��ा सांसद को अन्य राज्यों के साथ ही पंजाब स्टेट का भी पुनः प्रभारी बनाया गया है जो पंजाब के आगामी विधानसभा आमचुनाव तक ही नहीं बल्कि आगामी लोकसभा आमचुनाव तक भी अपनी इस ज़िम्मेदारी को निभाते रहेंगे।
6. इतना ही नहीं बल्कि बी.एस.पी. नेतृत्व का वर्तमान में यह नीतिगत फैसला है कि यूपी निवासी जो भी पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी व कोआर्डिनेटर आदि के रूप में यूपी के बाहर के राज्यों की अपनी ज़िम्मेदारी को न���भा रहे हैं, उनमें से किसी को भी यूपी में पार्टी की किसी भी ज़िम्मेदारी पर नहीं लगाया जायेगा।
7. साथ ही, पार्टी के लोगों को ख़ास तौर से यह अपील है कि वे ऐसे सभी शरारती व षडयंत्रकारी तत्वों से पूरी तरह से ज़रूर सावधान रहें जो उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत की अपनी बी.एस.पी. सरकार बनाने के ��ूरे ज़िद के साथ लगे अभियान को किसी ना किसी बहाने से ध्यान भटकाने अर्थात् हानि पहुँचाने का प्रयास करते रहते हैं तथा मीडिया से भी विशेष अपील है कि वे ग़रीबों, दलितों, शोषितों, उपेक्षितों आदि की अम्बेडकरवादी पार्टी बी.एस.पी. के विरुद्ध, विरोधी पार्टियों के षडयंत्र का हथियार बनने से अपने आपको ज़रूर बचायें अर्थात् मिथ्या एवं ग़लत तथ्यों को प्रचारित ना करें।
सपा प्रमुख @yadavakhilesh से मैं पूछना चाहता हूँ कि बीएसपी की @Mayawati सरकार द्वारा आमजन के हित में संचालित की गई ऐतिहासिक जनकल्याणकारी योजनाओं को कबाड़ बनाकर उन्हें आखिर क्या मिला? उन्होंने यह सब क्यों किया? किसी के कहने पर किया, या अपने मन से किया? बहुजन महापुरुषों के नाम से उन्हें इतनी नफरत आखिर क्यों?
'आकाश आनंद को लेकर भ्रम फैलाए जा रहे', मायावती ने कहा- चुनाव के लिए मैं खुद तय कर रही उम्मीदवार
मायावती ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए लखनऊ में करीब दो दर्जन से अधिक उम्मीदवारों के नाम फाइन�� कर दिए गए हैं. उन्होंने बताया कि आगे भी सभी सीटों पर उम्मीदवारों का चयन उनके द्वारा ही किया जाएगा.
पूरी ख़बर- https://t.co/gfj2cr7UsO
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1. जैसाकि सर्वविदित है कि उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा आमचुनाव अब बहुत नज़दीक आ रहा है, जिसकी तैयारी हेतु मेरे खुद के द्वारा प्रदेश की पिछली कई राज्य स्तरीय बड़ी बैठकें लखनऊ पा���्टी प्रदेश कार्यालय में ली गई हैं और आगे भी ज़रूरत के अनुसार ली जायेंगी, जिसमें पार्टी के उम्मीद्वार तय करने के लिए पार्टी के ख़ासकर प्रदेश व मण्डल स्तरीय पदाधिकारियों को ज़रूरी दिशा-निर्देश दिये गये हैं, जिसके तहत् ही अभी तक मेरे द्वारा उनका इन्टरव्यू आदि लेकर लखनऊ में लगभग 2 दर्जन से ज़्यादा उम्मीदवार तय/फाइनल कर दिये गये हैं और आगे भी सभी सीटों पर मेरे द्वारा ही उम्मीदवार तय किये जायेंग��, जिसके बारे में अब पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक श्री आकाश आनन्द को लेकर क़िस्म-क़िस्म के भ्रम फैलाये जा रहे हैं जिसमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है।
2. जबकि अकेले यू.पी. में ही नहीं बल्कि पूरे देश में जहाँ-जहाँ भी समय-समय पर विधानसभा के आमचुनाव होते हैं, या देश में लोकसभा के भी आमचुनाव होते हैं तो वहाँ भी उम्मीदवारों को अन्तिम रूप मेरे द्वारा ही दिया जाता है।
3. यहाँ यह भी अवगत कराना है कि यू.पी. की जिन विधानसभा क�� सीटों पर पार्टी के उम्मीदवार तय कर दिये गये हैं तो वहाँ मेरी अनुमति से ही पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा छोटी-बड़ी जनसभायें करके उनका ऐलान भी किया जा रहा है, जिसके तहत् ही कुछ सीटों के उम्मीदवार का ऐलान श्री आकाश आनन्द भी पार्टी की जनसभा करके करेंगे।
4. हालाँकि इससे पहले देश के कई राज्यों में अभी हाल ही में विधानसभा के आमचुनाव हुये हैं जहाँ मेरे दिशा-निर्देशन में ही चुनावी जनसभा लेने ���े लिए पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक श्री आकाश आनन्द को भेजा गया और पिछले लगभग एक वर्ष से इनकी पूरे देश में पार्टी संगठन की समीक्षा बैठकें व जनसभा आदि करने के लिए भी इनको भेजा जा रहा है और वे भी पूरी ईमानदारी व निष्ठा से अपनी ज़िम्मेवारी को निभा रहे हैं।
5. इसलिए उत्तर प्रदेश में भी इसी क्रम में इनकी भी कुछ सीटों पर पार्टी के तय किये गये उम्मीदवारों के ऐलान हेतु जनसभायें हो रही हैं। जबकि इससे पहल�� यू.पी. की राजधानी लखनऊ में दिनांक 9 अक्तूबर सन् 2025 को मान्यवर श्री कांशीराम जी की पुण्यतिथि पर पार्टी की ऐतिहासिक महारैली भी हुई, जिसमें श्री आकाश आनन्द को बोलने का मौक़ा दिया गया। साथ ही, इसके पूर्व यहाँ लोकसभा के हुये आमचुनाव में भी इनको पूरे प्रदेश में व देश के अन्य राज्यों में भी पार्टी की चुनावी जनसभायें ��ेने के लिए भेजा गया था, यह सब सोशल मीडिया आदि पर मौजूद है।
6. जबकि यह सब पार्टी की रूटीन प्रक्रिया के तहत् हो रहा है। इसका श्री आकाश आनन्द के क़द को बढ़ाने व कम करने आदि से कोई लेना देना नहीं है और ना ही पार्टी के उम्मीद्वार भी तय करने से कोई लेना देना है। यह भी पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की तरह ही पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष के दिशा-निर्देशन में यू.पी. में कुछ स्थानों पर पार्टी के उम्मीद��वार के ऐलान के लिये जनसभा कर रहे हैं। लेकिन फिर भी इनके बारे में सोशल मीडिया आदि पर आए दिन अनाप-सनाप बातें करना यह ठीक नहीं है। पार्टी के लोग ऐसे सभी शरारती व जातिवादी तत्वों से हमेशा सावधान रहें।
1. जैसाकि मीडिया की ख़बरों से सर्वविदित है कि यूपी की वर्तमान सरकार ने, बी.एस.पी. सरकार द्वारा भदोही को राज्य मुख्यालय का दर्जा देते हुये संत रविदास नगर क�� नाम से नया ज़िला बनाया था और जिसे समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार ने अपनी संकीर्�� जातिवादी मानसिकता के तहत् बदल दिया था, इसे अब फिर से संत रविदास नगर ज़िला स्थापित कर दिया है, जिसके लिये पार्टी राज्य सरकार की आभारी है।
2. वास्तव में बी.एस.पी. की यूपी में रही चारों सरकारों में प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने व आम जनहित को बेहतर बनाने के मद्देनज़र अनेकों नये ज़िले, तहसील, विकास खण्ड तथा पुलिस ज़ोन व रेंज आदि बनाये गये और उनमें से कई ज़िलों के नाम दलित व अन्य पिछड़े वर��गों (ओबीसी) में समय-समय में जन्मे महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों के नाम पर रखे गये और इसी क्रम में संत रविदास नगर व छत्रपति शाहूजी महाराज नगर व भीम नगर आदि अनेकों नये ज़िले बने, जिनके नाम सपा सरकार ने केवल अपनी जातिवादी सोच, द्वेष व संकीर्ण राजनीति के कारण बदल दिये, जिसको लोग कभी भी भुला नहीं पायेंगे।
3. इतना ही नहीं बल्कि ब्रज क्षेत्र में कासगंज इलाके़ के समुचित विकास हेतु कासंगज को ज़िला मुख्यालय का दर्जा देते हुये मान्यवर श्री कांशीराम जी के नाम पर नया ज़िला बनाया गया, जिसका भी नाम सपा सरकार ने अपने पीड���ए-पिछड़ा दलित व अक्लि़यत विरोधी रवैयों के कारण बदल दिया।
4. ऐसे में यूपी सरकार संत रविदास नगर की तरह ही, मान्यवर श्री कांशीराम जी व अन्य महापुरुषों के नाम पर बनाये गये नये ज़िलों के भी असली नाम बहाल कर दे तो यह उचित होगा और यह कार्य अगर मान्यवर श्री कांशीराम जी की दिनांक 9 अक्तूबर के परिनिर्वाण दिवस से पहले कर दिया जाये या उसी दिन ही कर दिया जाये तो बी.एस.पी. इसके लिये आभारी रहेगी।
बहन जी की सरकार 2027 में उत्तर प्रदेश में बन रही है पोस्ट को सेव करके रख लो स्क्रीनशॉट ले लो फिर मेरे से बात करना और जो विरोध में लिखते हो पक्ष में लिखना शुरू कर दो क्योंकि सरकार आ रही है।।
बहुजन समाज पार्टी शाजापुर जिले की जिला स्तरीय संगठन समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई जिसके मुख्य अतिथि मान. एड.नर्मदा प्रसाद अहिरवार जी (केंद्रीय प्रदेश प्रभारी बसपा म.प्र) एवं विशिष्ट अतिथि श्री पूर्णेन्द्र अहिरवार (रि���कू) जी (प्रदेश प्रभारी बसपा म.प्र )
संगठन की समीक्षा,संगठन को रिव्यू व मजबूत करने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
#BSPMadhyaPradesh
आज दिनांक 29-07-2026 को जनपद फतेहपुर के विधानसभा खागा में बहुजन समाज पार्टी द्वारा आयोजित विधानसभा स्तरीय समीक्षा बैठक में शामिल हुआ जिसमें बूथ /सेक्टर की समीक्षा तथा मिशन 2027 को सफल बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
#जयभीम#BSP#फतेहपुर#मिशन_2027#खागा#बहुजन_समाज_पार्टी
छुआछूत का दंश!
MP के शिवपुरी में कक्षा 4 के एक दलित बच्चे ने क्लास में रखी बोतल से पानी पी लिया तो शिक्षक लोकेश ��र्मा ने जातिगत शब्दों का प्रयोग करते हुए उसे डंडे से बुरी तरह पीटा।
देश में दलितों के साथ छुआछूत जारी है लेकिन ब्राह्मण समाज के लोग "आरक्षण हटाओ आंदोलन" चला रहे हैं।
बीएसपी के राष्ट्रीय समन्वयक श्री आकाश आनन्द जी दिनांक 10 अगस्त 2026 से यूपी के सादाबाद से चुनावी संखनाद करेंगे।
10 अगस्त 2026 को मैं भी सादाबाद आ रहा हूँ। अपनी पार्टी बीएसपी के साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर खड़े रहेंगे।
सन 2027 में बीएसपी की सरकार ���रूर बनाएंगे।
@AnandAkash_BSP @bspindia
@Mayawati बहन जी ने एकदम सही कहा
कानून बनाने से कुछ नहीं होता वह पहले भी बन चुके हैं
आवश्यकता समग्र शिक्षा सुधार की है
पूरी शिक्षा व्यवस्था को सुधारना होगा और सस्ता करना होगा तभी कुछ बदलाव होगा
1. देश में पेपर लीक के जघन्य अपराध व उसके कारण नौजवान छात्र-छात्राओं का उनका भविष्य अंधकार होता देख अनेकों द्वारा आत्महत्या जैसी अति-दुखद घटनाओं की रोकथाम की उपाय क�� रूप में संसद ने एक बार फिर से एक और सख़्त सज़ा के प्रावधान वाला क़ानून बनाने वाला बिल लोकसभा ने आज अन्ततः पास कर दिया है, लेकिन क्या केवल इससे समस्या का समाधान हो जायेगा, इसकी चिन्ता लोगों में बरक़रार है, क्योंकि लोगों को यह आपाधापी/जल्द��ाज़ी में लिया गया एक और क़दम ज़्यादा लगता है, जबकि अन्य और भी उपायों को तत्काल सख़्ती से लागू करना ज़रूरी है।
2. वास्तव में यह कदम भी पेपर लीक होने के बाद सख़्त सज़ा का प्रावधान करता है, जबकि पेपर लीक का पूरा मामला इस महा अपराध को होने देने से पहले ही इसे रोकने का है, अर्थात् अपराध नियंत्रण ज़्यादा महत्वपूर्ण है, जो कि अधिकतर मामलों में यहाँ कहीं भी प्रभावी होता हुआ नज़र नहीं आता है, और यह पेपर ली�� के पिछले क़ानून के निष्प्रभावी होने से भी स्पष्ट है।
3. हकीकत में अन्य अपराधों की तरह पेपर लीक जैसे जघन्य अपराध के नियंत्रण के लिये सख़्त से सख़्त कानून से अधिक इसकी रोकथाम हेतु बेहतर से बेहतर उपाय करने की ज़रूरत है, जिसके तहत् शिक्षा के लिये शोषणकारी ऋण को सस्ता करके उसे कल्याणकारी बनाना, सरकारी स्कूलों में अच्छी शिक्षा आदि सहित पूरी शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की ज़रूरत है, ताकि ग़र���बों, उपेक्षितों, शोषितों व अन्य मेहनतकश लोगों के बच्चे भी समता व समानता के साथ आगे बढ़ सकें, जो परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के कल्याणकारी संविधान का उद्देश्य तो है किन्तु इसका हर स्तर पर वर्तमान में घोर अभाव है।
4. दरअसल अमीर परिवारों के लोग तो धनबल के आधार पर अपनी मनमानी व मनचाही पढ़ाई आदि प्राप्त कर लेते हैं, किन्तु करोड़ों ग़रीब परिवारों के बच्चे-बच्चियों का क्या जो होनहार होने के बावजूद अपना जीवन संवार नहीं पाते ह��ं।
5. वैसे भी पेपर लीक शिक्षा व्यवस्था में बिगाड़ का केवल एक उदाहरण है, जबकि शिक्षा व्यवस्था में बिगाड़ की जड़ काफी गहरी व अति-गंभीर है। इसके निदान के लिये दृढ़ इच्छाशक्ति व नेक नीयत के साथ अनवरत ईमानदार प्रयास की ज़रूरत है, तभी कुछ मुट्ठी भर लोगों के बजाय करीब 140 करोड़ लोगों का यह देश आगे बढ़ पायेगा।
6. लेकिन यह अति-दुखद है कि पेपर लीक रोकथाम सम्बंधी बिल पर भी बहस के दौरान अधिकतर पार्ट���याँ दलगत राजनीति से ऊपर नहीं उठ पायीं अर्थात् संसद में चर्चा के दौरान पूरी गंभीरता कम व एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप ही ज़्यादा रहा। ऐसे में क्या नया बनने वाला यह पेपर लीक निरोधक क़ानून कितना सार्थक होगा इससे लोगों का शंकित होना उचित है।
7. ऐसे में मूल प्रश्न यही है कि क़ानून पर क़ानून क्या इस जटिल समस्या का सही समाधान कर पायेगा? सरकार इसके अलावा भी अन्य बेहतर उपायों पर भी ज़रूर विचार करे तो य�� देश के उज्जवल भविष्य के लिये बेहतर होगा।