बताते हुए बड़ी ख़ुशी हो रही है माता पिता भगवान श्री सिध्देश्वर भोलेनाथ की कृपा से , लगातार संघर्ष से उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से ग्राम विकास अधिकारी में चयन हो गया है 12 sep की देर रात आए परिणाम की पीडीएफ में रोल न. दिखना अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि थी
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प्रिय UPSSSC अभ्यर्थियों,
नौकरी के लिए Wait करते-करते थक गये आप सब बेरोज़गारों की ये माँग जायज़ है कि UPSSSC की सभी भर्तियों में Waiting List की व्यवस्था की जानी चाहिए, जिससे अगर कोई चयनित अभ्यर्थी अपनी सीट छोड़ दे तो उसके बाद किसी अन्य को वो सीट मिल सके। इस फ़ैसले से लाखों अभ्यर्थियों को फ़ायदा मिल सकेगा और भाजपा पर लगा ‘महा-बेरोज़गारी’ फैलाने का दाग़ भी थोड़ा कम होगा लेकिन भाजपा सरकार ये काम कभी नहीं करेगी क्योंकि नौकरी भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं।
ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि आप सब युवक-युवतियों की असीम ऊर्जा राष्ट्र-निर्माण के काम में न लगकर, अपने लिए काम-रोज़गार-नौकरी पाने की गुहार-पुकार में व्यर्थ हो रही है।
हम UPSSSC के आप सभी अभ्यर्थियों की आवाज़ में अपनी आवाज़ मिलाकर आपकी हर माँग के समर्थन में हर हाल, हर हालात में साथ खड़े हैं और हमेशा खड़े रहेंगे।
हम नई सरकार बनाने पर इस माँग की पूर्ति करने के लिए वचनबद्ध हैं। आप सबने इतने साल संघर्ष करके देख लिया है कि असंवेदनशील-हृदयहीन भाजपाइयों से ‘पीड़ा’ के अलावा और कुछ भी हासिल नहीं होगा। अब आप भी पीड़ितों की श्रेणी में गिने जा रहे हैं, इसीलिए आप भी पीडीए ही हुए क्योंकि हम हमेशा कहते हैं और आज फिर कह रहे हैं :
जो पीड़ित, वो पीडीए!
आपका
अखिलेश
भाजपा जाएगी, नौकरी आएगी!
अभ्यर्थी कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!
#UPSSSC
#UPSSSC_Waiting_List
बस्ती में 7 दिन पहले सड़क हादसे में घायल महिला सिपाही केसरी वर्मा की मौत हो गई। एक्सीडेंट के बाद उनके सिर पर 4 टांके लगे थे। महिला सिपाही केसरी ने इलाज कराने के लिए एसपी ऑफिस में एप्लिकेशन दी थी, लेकिन छुट्टी नहीं मिली थी।
केसरी के पति नागेंद्र वर्मा भी पुलिस में सिपाही हैं। पत्नी की मौत के बाद पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर नागेंद्र फूट-फूटकर रोए। कहने लगे- इलाज नहीं होने से केसरी की मौत हुई है। 2 दिन से छुट्टी के लिए एसपी ऑफिस के चक्कर लगा रही थी, लेकिन छुट्टी नहीं मिली।
सिपाही नागेंद्र वर्मा ने कहा-
अगर एसपी ऑफिस से छुट्टी मिल जाती और समय पर पत्नी का इलाज हो जाता, तो आज वह जिंदा होती। छुट्टी की एप्लिकेशन में सीटी स्कैन की कॉपी भी लगाई थी। सिर में 4 टांके लगे होने की बात भी लिखी थी। फिर भी एसपी ऑफिस में तैनात दीपक मिश्रा और एक अन्य कर्मचारी ने छुट्टी नहीं दी। कहा था कि न EL मिलेगी, न ही मेडिकल लीव। दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
पूरी खबरः https://t.co/Abg7edAbZH
सारे रीढ़ विहीन नहीं हैं बस कोई ब्राह्मण नेता नहीं दिख रहा चाटने से फुर्सत नहीं मिली होगी कोई बात नहीं दरवाजे पर वोट मांगने तो आओगे ही या ऐसे ही जीत जाओगे और अगर आये तो सर लोहे का और गेंद पीतल की करके आना नेताजी क्योंकि सीजेपी आंदोलन के बाद पता लग चुका है कि जब तक तुम्हारी अम्मा बहिन नहीं न्योतेंगे तब तक तुम्हे होश नहीं आएगा।
राम मंदिर दान चोरी का आरोपी लवकुश मिश्रा पिछले साल गाड़ी मैकेनिक था। फिर राम मंदिर में नौकरी लग गई। सैलरी 17 हजार रुपए थी। लेकिन इतना तेजी से धनवान हुआ कि सब हैरान रह गए।
ये जो घर आप देख रहे हैं, यह अयोध्या के शहादतगंज इलाके में जयपुरिया स्कूल के पीछे है। इस जमीन को लवकुश ने इसी फरवरी महीने में पत्नी के नाम खरीदा था। 1000 स्क्वायर फिट जमीन की यहां कीमत करीब 25 लाख रुपए है।
लवकुश ने जमीन लेने के बाद निर्माण शुरू करवा दिया। तीन फ्लोर बनवाना था, दो फ्लोर बन गए थे। पहले फ्लोर पर बड़ी किचन, चार कमरे, लिफ्ट लगाने के लिए स्पेस छोड़ा गया है।
लवकुश की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम पर यह जमीन है। सुप्रिया इसी केस में आरोपी अनुकल्प मिश्रा की बहन हैं। अनुकल्प ने भी एक साल में खूब संपत्ति बनाई है।