भगवत मान और अरविंद केजरीवाल आप दोनों को दिल्ली के स्टूडेंट्स तो दिखाई दे रहे हैं लेकिन पंजाब में औरतों पर अत्याचार आपको दिखाई नहीं दे रहे।
गजब का दोगलापन है।
@BhagwantMann@ArvindKejriwal@BJP4Punjab
Great to hear that, @anandmahindra!
Assam today is faster, stronger and brimming with new ideas, a far cry from 15 years ago.
I always cherish our meeting. Do visit us soon, experience Assamese hospitality… and who knows, the next Thar might just be Made in Assam 😉
ये कैसे ट्राइबल हैं? क्या ट्राइबल ऐसे होते हैं? असम में 35% मुसलमान हो गए हैं, और अब ये ट्राइबल भी आ गए! उत्तर-पूर्व के अन्य राज्यों को भी मणिपुर बनाने की साज़िश है।
बिहार की बुजुर्ग महिलाओं को पीटा गया है, लड़कियों के कपड़े फाड़े गए हैं। धमकाते हुए एहसान जताया जा रहा है कि "हम तुम्हें रहने दे रहे, खेती करने दे रहे, छठ मनाने दे रहे।"
बिहारी कब तक और किन-किन लोगों से कहाँ-कहाँ अपमानित होते रहेंगे? छठ तो इतना प्राचीन त्योहार है कि जब इन तथाकथित बदतमीज ट्राइबल्स का अस्तित्व भी नहीं था तब से मनाया जा रहा है। झारखंड जाइए और देखिए वहाँ कैसे जनजातीय समाज के लोग छठ मना रहे हैं। बिहार-झारखंड में जनजातीय समाज का भी हर एक त्योहार अच्छे से मनाया जाता है और ये असम वाले 'ट्राइबल्स' पूछ रहे हैं कि बिहार में हमारा पर्व मनाने दोगे क्या।
ये मिशनरियों का पैसा बोल रहा है, इनका इलाज ज़रूरी है। बिहारियों ने राष्ट्रीय एकता के लिए त्याग किया है, इसका अर्थ ये न लगाया जाए कि स्वाभिमान ही बेच दिया है।
6th Schedule के दम पर यह आसामी बिहार के लोगों को डांट रहा है,छठ पूजा करने पर।
क्योंकि 6th Schedule इन्हें प्रशासनिक स्वायत्त प्रदान करता है। बिहार में आपको हर जगह असमिया लोग मिल जायेंगे,जिन्हें अंग्रेजों बिहार बसाए थे। इनके साथ बिहारी लोग भाई जैसा व्यवहार करते है। कभी भेदभाव या असमिया कह के सताते नहीं है।
पर टीशर्ट पर i love 6th Schedule लिख के पहना यह व्यक्ति,ऐसे डांट रहा जैसे यह बिहारियों पर अहसान कर रहा है,यहां रहने देकर। यह ऐसा व्यवहार रिएक्ट कर रहा है,जैसे असम अलग देश है,भारत का हिस्सा नहीं है। भारत के लोग कही भी देश जाकर रह सकते है,जीवन यापन के लिए रोजगार कर सकते है,यह संविधान अधिकार देता है। असम और बिहार और केंद्र में भाजपा सरकार है।
भगवान सबको एक बेटी दे, लेकिन ऐसी बेटी किसी को भी नहीं दे 🥲🙏
ओसियां से दिल को झकझोर देने वाला मामला बेटी ने माता-पिता को अकेला छोड़ा, लिव-इन रिलेशनशिप में गई...
यह घटना समाज के उस बदलते चेहरे की झलक है, जहां रिश्तों की गहराई अब स्वार्थ और आधुनिक सोच के आगे झुकती नजर आती है।