देखा आ गए विक्टिम कार्ड खेलने बोलते हैं पुलिस में इनकी महिला कमांडर जो कि AISF से है को धक्का दिया??
1. आपने महिलाओं को आगे क्यों किया।
2. तिरपाल को ले कर कोई टीम क्यों नहीं बनाई जिसका काम होता पुलिस अधिकारियों से बात करना।
3.आप पुलिस से बात करते हो झुंड में।
4.किसी भी बड़े आंदोलन में ऐसा तो नहीं होता।
फतेहपुर शॉक केस: पत्नी ने पति को खाट से बांधा, रातभर पीटा और बिजली के झटके दिए
फतेहपुर, उत्तर प्रदेश: संजीव तिवारी को उनकी ही पत्नी ने कथित तौर पर खाट से बांध दिया, रातभर बंधक बनाकर पीटा और तारों से बिजली के झटके दिए। घरेलू विवाद के बाद हुई इस हैवानियत में पति को गंभीर चोटें आईं, सिर पर भी गंभीर चोट लगी और हालत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल से कानपुर रेफर किया गया। भाई की शिकायत के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया और आरोपी पत्नी को हिरासत में लिया।
यह कोई “घर का मामला” नहीं है।
यह एक पुरुष के खिलाफ घरेलू हिंसा है।
जब पत्नी पति को जानवरों की तरह बांध दे, रातभर पीटे, बिजली के झटके दे और उसे अस्पताल पहुंचा दे — तब समाज अचानक चुप क्यों हो जाता है?
न कोई कैंडल मार्च।
न कोई प्राइम टाइम बहस।
न कोई महिला आयोग जैसी सक्रियता।
क्योंकि इस बार पीड़ित पति है।
खाट से बंधा हुआ पुरुष भी पीड़ित होता है।
बिजली के झटके खाया हुआ पति भी इंसान होता है।
और पत्नी अगर ऐसी क्रूरता करे, तो वह “सशक्त महिला” नहीं — अपराध की आरोपी है।
पुरुषों के दर्द पर समाज की चुप्पी ही सबसे बड़ा अन्याय है।
Source : @vdtv_bharat
यूपी के हिंदुओं इस घटना को भूल तो नहीं गए हो ??
2027 में योगी जी को भारी बहुमत से पुनः वापसी करवाना है बस इतना याद रखना
अखिलेश राज का वो जवाहर बाग हत्याकांड
जिसमे मथुरा को खून से नहलाया गया था
इस घटना में SP व SO समेत 29 लोगो को मौत के घाट उतार दिया गया था !
रिक्शा चालक का बेटा प्रोसेनजीत बिस्वास बन रहा था शानदार फुटबॉलर
मैदान में करारी मात से गुस्साए 5 नाबालिगों ने चाकुओं से गोदकर ली जान
बंगाल के बाऊईपुर की घटना
https://t.co/PqP2ITCtoA
So many low testosterone simps used a fake video for reach and spread false info.
Again, not even a single guy assaulting her is proven, couples regularly use these hotels for sex, but no proof of trafficking, no signs of injuries, she was in the same hotel.
अखिलेश जी ने “सैफई” में कई सौ करोड़ खर्च करके ऐसा नाच कराया था ,, जो अब अरबों रूपये में हो पायेगा?
पता है इंग्लैंड से बग्घी आयी थी ,, किसी में हिम्मत उनकी बराबरी करने की?
यह जनता के पैसे की लूट थोड़े थी ,, नाच गाना, मौज मस्ती, में जनता का पैसा हो चाहे जिसका हो खर्च हो गया?
फिर वही सवाल आखिर औरत को चहिए क्या ?💔
ये विनोद कौशिक है जो कुछ महीने पहले अपनी पत्नी के साथ फरीदाबाद कपल नाम से वीडियो बनाते थे लव मैरिज किए थे।
पत्नी ब्यूटी पार्लर में काम करती थी कई बार विनोद ने नौकरी छोड़ने को कहा लेकिन वो नहीं मानी।
एक दिन विनोद को किसी ने फोटो भेजा जिसमें उनकी पत्नी पार्लर मालिक के साथ लेटी हुई थी।
जब विनोद ने पत्नी से पूछा तो उल्टा उसने दहेज एक्ट लगवाकर जेल भिजवा दिया और प्रेमी के साथ लिव इन में रहने लगी।
कल विनोद भाई ने अपनी पत्नी का जीते जी पिंड दान कर दिया।
कैमरे के सामने छाती पीट-पीटकर रो रही थी, जैसे पति की मौत से सबसे ज़्यादा टूटी हुई वही हो। लोग भावुक हो गए, रिश्तेदार सदमे में आ गए, समाज ने उसे बेचारी विधवा समझ लिया। लेकिन जब जांच आगे बढ़ी, तो कहानी आँसुओं से निकलकर साजिश तक पहुंच गई। किशनगंज में आरोप है कि पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसी पति की हत्या करवा दी, जिसके लिए वह कैमरे पर रो रही थी। पति विदेश से मेहनत करके पैसा कमाकर लौटा था, और घर के अंदर उसके खिलाफ मौत की पूरी स्क्रिप्ट लिखी जा चुकी थी। आरोप है कि रात में प्रेमी को घर में बुलाया गया, सोते हुए पति पर लोहे की रॉड से हमला हुआ, और बाद में चोरी की झूठी कहानी बनाकर सबको गुमराह करने की कोशिश की गई।
समाज ने आँसू देखे, लेकिन जांच ने सबूत देखे। और सच सामने आते ही वही रोती हुई पत्नी हत्या की आरोपी बन गई। यही समस्या है इस देश में — महिला रो दे तो समाज तुरंत उसे पीड़िता मान लेता है, और पुरुष मर भी जाए तो लोग पहले उसकी गलती ढूंढते हैं। हर रोती हुई महिला निर्दोष नहीं होती, हर मरने वाला पुरुष दोषी नहीं होता। कभी-कभी आँसू दर्द के नहीं, पकड़े जाने के डर के होते हैं। कानून सबूत से चलता है, लेकिन समाज आज भी आँसुओं से बेवकूफ बन जाता है। पुरुष की जान गई, परिवार उजड़ा, बच्चे बर्बाद हुए — लेकिन शुरुआत में सबको सिर्फ महिला का रोना दिखा।
ऐसे मामलों में सवाल सिर्फ हत्या का नहीं है, सवाल उस अंधी संवेदना का भी है जो पुरुष को इंसान मानने से पहले ही आरोपी मान लेती है। कानून अंधा हो सकता है, लेकिन समाज को इतना अंधा नहीं होना चाहिए कि हर आँसू को सच और हर पुरुष को दोषी मान ले।
झूठे केस में फंसाने की कोशिश? बुजुर्ग के सामने कपड़े फाड़कर चिल्लाई — “मेरे कपड़े फाड़ दिए रे”
सीकर के गनेड़ी गांव का एक वीडियो वायरल है। दावा किया जा रहा है कि जमीन विवाद के बीच एक महिला बुजुर्ग के पास जाती है, फिर अपने कपड़े फाड़कर जोर-जोर से चिल्लाती है — “मेरे कपड़े फाड़ दिए रे।”
अगर यह दावा सही है, तो यह सिर्फ बदसलूकी नहीं, बल्कि एक बुजुर्ग को झूठे आरोपों में फंसाने की बेहद खतरनाक कोशिश है। आज के समय में ऐसे झूठे आरोप इतने सामान्य होते जा रहे हैं कि निर्दोष पुरुषों को बिना गलती के पुलिस, कोर्ट और समाज के सामने घसीट दिया जाता है।
कानून महिलाओं की सुरक्षा के लिए हैं, लेकिन कुछ महिलाओं द्वारा उन्हीं कानूनों का दुरुपयोग निर्दोष पुरुषों की जिंदगी बर्बाद करने के लिए किया जा रहा है। यही असली अन्याय है।
अगर बुजुर्ग को झूठे आरोप में फंसाने की कोशिश हुई है, तो सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। फैसला वायरल क्लिप से नहीं, जांच और सबूतों से होना चाहिए।
source- @ABHIJITSINGH025
Pakistan calls Jammu & Kashmir as Azad Kashmir.
Congress Calls Jammu & Kashmir as Azad Kashmir.
Congress and Pakistan: united by terminology ❤️
This woman handed over a mobile phone to her own brother to record a video. After that, she approached this old man and started screaming that he is assaulting her. 🤦🤦
This old man is priest of Shri Jankinath Temple, Ganeri, Sikar, Rajasthan.
This woman and her family wants to takeover this land which belongs to the temple.
Women like her are the reason that actual cases of molestation are not taken seriously by society today. Shame on her and her family.
"Why couldn't Basavaraj say no to divorce"
Who knows if this sick-minded, perverted piece of shit will come up with such nonsense to rationalise this crime as well?
As*hole, stop writing these columns