#CJPProtest
इनके निशाने पर इस देश का नौजवान है!
मैंने इससे पहले कभी नहीं देखा कि केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान अपने ही नागरिकों पर बंदूक तान दे!
अंग्रेजों के जमाने में ये खूब हुआ, सरेआम गोलियां चलती थी, लेकिन लोकतंत्र में यह पहली बार है कि निहत्थे युवाओं पर बंदूकें तान दी गईं!
#jantarmantardehli #cockrochjanataparty
दिल्ली पुलिस @DelhiPolice यह गुंडे कौन है सबसे पहले तो इनकी पहचान करके बताये यह बिना
वर्दी में कौनसे गुंडे थे और पुलिस वाले थे तो कोमसी नियमावली में लिखा है बिना वर्दी में लाठीचार्ज करे
यह कोई पुलिस RAF नहीं यह आरएसएस और भाजपाई के गुंडे है इनकी पहचान करके जनता के सामने सर्वाधिक बताये
सबसे पहले तो जितने भी बिना वर्दी में छात्रों पर लाठीचार्ज किये यह सब पाले हुए गुंडे थे और इनको किसने आदेश दिया था लाठीचार्ज का यह भी सार्वजनिक करें
यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री को स्वयं के राज्य की इतनी बड़ी परियोजना पचपदरा रिफाइनरी के इतिहास और शिलान्यास की बुनियादी जानकारी तक नहीं है। मीडिया के समक्ष उनका यह दावा कि वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इसका शिलान्यास किया था, पूरी तरह से तथ्यात्मक रूप से गलत है। पूर्व में रिफाइनरी में केन्द्र और राज्य की हिस्सेदारी को लेकर वे गलत बयानी कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री जी को शायद यह ज्ञात ही नहीं है कि पचपदरा रिफाइनरी का वास्तविक शिलान्यास वर्ष 2013 में ही यूपीए चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी एवं तत्कालीन पेट्रोलियम मंत्री श्री वीरप्पा मोइली द्वारा किया जा चुका था। ये तस्वीरें उसी मौके की है।
इसके विपरीत, केंद्र सरकार और राज्य की तत्कालीन भाजपा सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पांच साल तक ठंडे बस्ते में डालकर अटकाए रखा, जिससे इसकी लागत 37,000 करोड़ रुपए से दोगुनी बढ़कर लगभग 80,000 करोड़ रुपए हो गई।
राजस्थान में रिफाइनरी की स्थापना के लिए 'हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड' (एचपीसीएल) को राजी करना भी एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था। सामान्यतः रिफाइनरी परियोजनाओं में राज्य सरकार की कोई हिस्सेदारी नहीं होती है, परंतु एचपीसीएल को सहमत करने के लिए राजस्थान सरकार ने दूरदर्शिता दिखाते हुए रिफाइनरी में 26% (छब्बीस प्रतिशत) की हिस्सेदारी ली। इसी के परिणामस्वरूप यह 'एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड' (एचआरआरएल) नामक संयुक्त उद्यम (जॉइंट वेंचर) बना, जिसने इस रिफाइनरी का निर्माण किया है।
मुख्यमंत्री जी को यदि इतिहास की जानकारी नहीं है, तो वे सार्वजनिक रूप से गलत बयानबाजी करने के बजाय अपने अधिकारियों से सही आंकड़े और दस्तावेज मंगवाकर पढ़ लें।
सोना का पैर लगाया क्या की 22 लाख का बिल बना दिया🙉😡
ये हॉस्पिटल नही लुटेरा गैंग है😡
पैर टूटने का ईलाज में 22 लाख का बिल सुनकर मर गया इंसान,😭,इस हॉस्पिटल पर केश होना चाहिए,और हॉस्पिटल को हर्जाना भी भरना चाहिए😡
ये व्यक्ति मोबाइल की टूटी डिसप्ले पर टमाटर का_रस लगाकर, उसे कोलगेट से साफ कर रहा है,जिसके बाद डिसप्ले बिल्कुल नई निकल रही है।🤔
यानी ₹1500 का काम ₹30 में निमटा रहा है।😳
ये कोई चमत्कार है? या कोई अनोखी तकनीक है?
@ashokgehlot51 युवा असली खेल नहीं समझते, विडंबना यही है।90प्रतिशत पर धर्म का झूठा बुखार चढ़ा है।
युवाओं में देश बदलने कि ताकत होती है,पर यहां का माजरा ही अलग है पुरानी परिपाटी नहीं तोड़ पा रहे हैं।
जब तक समझेंगे तब तक लूट चुका होगा सब कुछ।