भारत माता के अमर सपूत, @RSSorg के संस्थापक, प्रथम सरसंघचालक श्रद्धेय डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी की पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि नमन।
करोड़ों स्वयंसेवकों के प्रेरणापुंज श्रद्धेय हेडगेवार जी ने राष्ट्रभक्ति, संगठन और सांस्कृतिक चेतना के जिस दिव्य विचार का बीजारोपण किया, वह आज राष्ट्रसेवा और समाज जागरण का विराट वटवृक्ष बन चुका है।
उनका तप, त्याग और संगठन-साधना भारत की राष्ट्रीय एकात्मता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की अमूल्य धरोहर है।
श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले पूज्य संत डॉ. राम विलास वेदांती जी के ब्रम्हलीन होने से आध्यात्मिक क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है। देश के सांस्कृतिक जागरण में उनका योगदान हमेशा स्मरणीय रहेगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है। ईश्वर उन्हें मोक्ष प्रदान करे यह प्रार्थना है।
ॐ शांति।
सुनील आंबेकर
अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
Those who came with the intent to destroy Somnath have today been reduced to a few pages of history.
Somnath Temple, meanwhile, still stands tall by the vast sea, its soaring flag of faith flying high. #SomnathSwabhimanParv
Buddhist relics from India have received a very special welcome in Bhutan, Thailand, Russia, Mongolia and other nations indicating how the thoughts of Lord Buddha connect us and inspire us.
#MannKiBaat
'ब्रिटिश हुकूमत की अधीनता, हम नहीं स्वीकार करेंगे'
प्रथम स्वाधीनता संग्राम की महान वीरांगना, अदम्य साहस, असाधारण शौर्य एवं अपरिमित पराक्रम की प्रतीक रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!
उनकी अमर गाथाएं भारत के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित हैं और अनंतकाल तक हमें राष्ट्ररक्षा हेतु प्रेरणा प्रदान करती रहेंगी।
दिल्ली के लाल किले के सामने हुए विस्फोट ने संपूर्ण देश को स्तब्ध कर एक चुनौती देने का प्रयास किया है। हिंदू समाज इस चुनौती का सामना करने के लिए इस कार्य में जुटे सभी सुरक्षा बलों, जांच एजेंसियों व केंद्र सरकार के साथ प्रणपण से खड़ा है।
साथ ही, हम हमले में मारे गए सभी लोगों की आत्मशांति व घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी करते हैं।
माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी द्वारा @RSSorg सरसंघचालक @DrMohanBhagwat जी के 75वें जन्मदिन पर लिखा गया विशेष लेख उनके जीवन और योगदान की सजीव झलक है।
भारतीय संस्कृति के संवर्धन व संरक्षण में उनकी भूमिका असंख्य स्वयंसेवकों के लिए संबल और प्रेरणा है।
“मोहन भागवत जी ने वसुधैव कुटुंबकम के मंत्र से प्रेरित होकर समता-समरसता और बंधुत्व की भावना को सशक्त करने में अपना पूरा जीवन समर्पित किया है।”
मां भारती की सेवा में सदैव तत्पर मोहन जी के 75वें जन्मदिन के विशेष अवसर पर मैंने उनके प्रेरक व्यक्तित्व को लेकर अपनी भावनाएं रखी हैं। मैं उनके दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं।
https://t.co/Wf1A6qgE0h
माँ भारती के अनन्य उपासक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माननीय सरसंघचालक श्रद्धेय डॉ. मोहन भागवत जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई!
उनका संपूर्ण जीवन 'राष्ट्र प्रथम' की भावना का जीवंत संदेश है। भारत की एकता, अखंडता, संप्रभुता और समरसता के लिए समर्पित अगणित युवक-युवतियों के वे प्रेरणा-स्तंभ हैं।
भारत के सामाजिक और सांस्कृतिक उत्थान हेतु उनके प्रयास अनुकरणीय हैं।
प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि श्रद्धेय भागवत जी को उत्तम स्वास्थ्य और सुदीर्घ जीवन की प्राप्ति हो।
“स्वतंत्रता में स्व और तंत्र है। स्व के आधार पर तंत्र चलता है तब स्वतंत्रता आती है । भारत एक वैशिष्ट्यपूर्ण देश है। वह दुनिया में सुख शांति लाने के लिए जीता है । दुनिया को धर्म देने के लिए जीता है। इसलिए हमारे राष्ट्रध्वज के केंद्र में धर्मचक्र है। ये धर्म सबको साथ लेकर, सबको जोड़कर, सबको उन्नत करता है। इसलिए लोक में और परलोक में सबको सुख देने वाला है। ये धर्म दुनिया को देने के लिए भारत है, ये हमारी विशेषता है। ये देने के लिए भी तंत्र हमारा होना पड़ेगा। स्व के आधार पर चलना पड़ेगा।” - डा. मोहन भागवत जी (सरसंघचालक रा.स्व.संघ)
आज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘उत्कल विपन्न सहायता समिति, उड़ीसा’ द्वारा भुवनेश्वर में आयोजित कार्यक्रम में पू. सरसंघचालक डा. मोहन भागवत जी ने राष्ट्रध्वज फहराया और उपस्थित लोगों को सम्बोधित किया।
साहस, शौर्य और राष्ट्रप्रेम की प्रतीक महान वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई जी की पुण्यतिथि पर सादर नमन!
नारीशक्ति के अप्रतिम उदाहरण के रूप में उनका जीवन हर भारतीय को अपने अधिकारों व राष्ट्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देता है। #RaniLakshmibai
स्वतंत्रता संग्राम के महानायक भगवान बिरसा मुंडा जी को उनके बलिदान दिवस पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। आदिवासी भाई-बहनों के कल्याण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए उन्होंने अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनका त्याग और समर्पण देशवासियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
देश के अमर सेनानी महाराणा प्रताप को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन। मातृभूमि के स्वाभिमान की रक्षा के लिए उन्होंने जिस साहस और शौर्य का परिचय दिया था, वह आज भी हमारे वीर-वीरांगनाओं के लिए पथ-प्रदर्शक बना है। मां भारती को समर्पित उनका पराक्रमी जीवन देशवासियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।