डिकपे (Dickpe) की हालत खराब है और अब वह राहुल गांधी से नेहा बोरा की तरह कांग्रेस की शरण में लेने की भीख मांग रहा है।
क्या बदल गया!
अब कोई ऑर्गेनिक सपोर्ट नहीं है। AAP उसे सपोर्ट तो कर रही है, लेकिन गुरुद्वारा मामले में केजरीवाल और अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर FIR के बाद अब भीड़ नहीं जुटा पा रही है।
अखिलेश अब समाजवादी गुंडों को नहीं भेज रहे हैं। यहां तक कि डिंपल भाभी भी "मदर टेरेसा" वाले अवतार में वापस आने को तैयार नहीं हैं।
चंद्रशेखर रावण की भीम आर्मी भी दूर है।
भीड़ खींचने वाली नेहा बोरा ने उन्हें छोड़ दिया है और उनके साथ सभी वामपंथी गुंडे अब राहुल गांधी के लिए काम कर रहे हैं।
डिकपे को खुद अब NSA और बाद में UAPA के तहत मामला दर्ज होने का डर सता रहा है।
संक्षेप में:
CJP लगभग खत्म हो चुका है। डिकपे चाहता है कि राहुल गांधी उसे शरण दें, लेकिन राहुल गांधी ऐसा सिर्फ़ एक शर्त पर करेंगे... केजरीवाल से सारे रिश्ते तोड़ लो। अगर डिकपे वही करता है जो राहुल गांधी चाहते हैं, तो इसका मतलब है कि AAP खत्म हो जाएगी। भले ही CJP कांग्रेस में मिल जाए, लेकिन राहुल गांधी मोदी-शाह जी के लिए कभी खतरा नहीं बन सकते क्योंकि लोगों की नज़र में उनकी कोई विश्वसनीयता नहीं है।
एक वजह थी कि मोदी-शाह जी ने इन लोगों को काफी छूट दी, जबकि BJP के मुख्य वोटर ऐसा करने के लिए उनकी आलोचना भी करते थे।
राजनीति 2 मिनट में बनने वाली मैगी नूडल्स नहीं है। यह बहुत धीमी आंच पर पकाई गई खिचड़ी है। 😊
दशक बदला, लेकिन खानदानी अहंकार वही!
कांग्रेस के लिए मुख्यमंत्री जनता का चुना जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि गांधी परिवार के दरबार में हाजिर रहने वाला कार्यकर्ता है। जब चाहा, जहां चाहा, सरेआम अपमानित किया। न पद का सम्मान, न लोकतांत्रिक मर्यादाओं की परवाह। यही है कांग्रेस की परिवारवादी राजनीति का असली चेहरा!
देखिए, राहुल गांधी और उनके खानदान के अहंकार के सबूत… ⌛️
चिराग पासवान जी, पजामा अभी भी छोटा है, औकात से बाहर मत जाइए
लगता है चिराग पासवान को लग रहा है कि वो बिहार के शेर हैं।
भाई थोड़ा इतिहास पलट लो। ये जोड़ी बैठी है दिल्ली में - मोदी और शाह - इस जोड़ी ने नक्शे से पार्टियां मिटा दी हैं।
शिवसेना को याद है? दो फाड़ कर दी। दो नाम, दो निशान, असली-नकली में उलझा कर रख दिया।
TMC? कभी बंगाल की शेरनी कहलाती थी, आज हर दूसरे दिन उसका विधायक, सांसद दिल्ली में चाय पी रहा है।
कांग्रेस? 70 साल राज करने वाली पार्टी को 99 पर लाकर खड़ा कर दिया।
और तुम... तुम तो अभी पापा की विरासत वाली कुर्सी पर बैठे हो। LJP को तो तुम्हारे चाचा ने ही दो टुकड़े कर दिया था, याद है? तब किसने बचाया था? वही जोड़ी ने।
आज उसी थाली में छेद कर रहे हो।
बिहार में सीटों के लिए आंख दिखा रहे हो, दिल्ली में तेवर दिखा रहे हो, बयानबाजी कर रहे हो।
ध्यान रखना, ये भाजपा है। यहां कोई किसी का सगा नहीं। यहां उपयोग खत्म, तो अध्याय खत्म।
उदित राज को देखा है ना? कभी BJP का दलित चेहरा था, आज ट्विटर पर ज्ञान बांटता है। कोई पूछता भी नहीं।
पप्पू यादव, मुकेश सहनी, उपेंद्र कुशवाहा - लिस्ट लंबी है चिराग भाई।
तुम्हारे पास अभी भी वक्त है। पजामे में रहो तो फायदा है, पजामे से बाहर जाओगे तो नंगे हो जाओगे।
मोदी-शाह से लड़कर कोई जीता नहीं, सिर्फ इतिहास में एक पैराग्राफ बनकर रह गया है।
समझ जाओ तो ठीक, नहीं तो अगला नंबर तुम्हारा।
मोहम्मद कमरुद्दीन पाकिस्तानी नागरिक थे। वे इस्लामाबाद से ढाका और फिर बांग्लादेश बॉर्डर के रास्ते असम में दाखिल हुए। उनके पास पाकिस्तानी पासपोर्ट था। उसके बाद, उन्हें सभी ज़रूरी भारतीय दस्तावेज़ दिए गए। उनका नाम वोटर लिस्ट में भी आ गया। चूंकि उन्हें फंडिंग मिल रही थी, इसलिए वे जल्द ही 'सोशल वर्कर' बन गए। 1996 में, उन्होंने असम के जमुनामुख विधानसभा क्षेत्र (नंबर 90) से विधानसभा का चुनाव भी लड़ा! उस समय, राजीव गांधी के पूर्व कैबिनेट सचिव और गांधी परिवार के दरबारी टी.एन. शेषन, मुख्य चुनाव आयुक्त थे! और, दिलचस्प बात यह है कि टी.एन. शेषन, जिन्होंने एक 'पाकिस्तानी घुसपैठिए उम्मीदवार और बांग्लादेशी घुसपैठिए मतदाताओं' को लोकतंत्र को कमजोर करने की अनुमति दी, को उस समय 'मजबूत, सख्त और ईमानदार अधिकारी' के रूप में बड़े पैमाने पर पीआर दिया गया था! कुछ लोग अभी भी उस नशे से बाहर नहीं आ पाए हैं।
। भारत में चुनाव लड़ने वाला एक पाकिस्तानी उम्मीदवार कोई बहुत बड़ी बात नहीं थी।
जैसे-जैसे समय बीता, हालात और खराब होते गए। एक अलग मामले (‘सायरा बेगम और अन्य बनाम असम सरकार’) में, गुवाहाटी हाई कोर्ट के जस्टिस बी.के. शर्मा ने 2008 में रिकॉर्ड पर एक बहुत ही चौंकाने वाली बात कही थी — “असम में चुनाव कौन जीतेगा, यह तय करने में बांग्लादेशी नागरिक किंगमेकर बन गए हैं।” यह किसी BJP नेता ने नहीं, बल्कि खुद कोर्ट ने सारे स्टैटिस्टिक्स, डेटा और सबूतों की जांच करने के बाद कहा था!!
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SIR का विरोध करने वाले जानते हैं कि भारतीय वोटरों ने उन्हें रिजेक्ट कर दिया है। इसलिए, वे चाहते हैं कि अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को फिर से वोटर लिस्ट में शामिल किया जाए। लेकिन उन्हें यकीन है कि उनकी यह इच्छा पूरी नहीं होगी। वे चुनाव जीतने के लिए ज़मीन पर जाकर, लोगों के मुद्दे उठाकर और लोगों के लिए काम करके मेहनत नहीं करना चाहते। इन लोगों और जनता के बीच बहुत बड़ा ‘डिस्कनेक्ट’ है। यह ‘नाच नहीं सकते, तो फ़र्श को दोष दे रहे हैं’ वाली दयनीय स्थिति है।
इसलिए, यह समझें: वोटर लिस्ट के ‘शुद्धिकरण’ का विरोध सिर्फ़ एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है! कांग्रेस पिछले 26 साल से ओडिशा में, 33 साल से त्रिपुरा में, 36 साल से गुजरात में, 36 साल से बिहार में, 37 साल से उत्तर प्रदेश में, 49 साल से बंगाल में और 59 साल से तमिलनाडु में एक बार भी सरकार नहीं बना पाई है। क्या कांग्रेस यह सब सिर्फ़ चुनाव जीतने के लिए कर रही है? नहीं। वे अब प्लान B पर आ गए हैं।
उन्हें 100% यकीन है कि जब तक मोदी हारते नहीं या हटाए नहीं जाते, उनका सत्ता में आना नामुमकिन है। BJP कुछ हद तक बेफिक्र और ओवरकॉन्फिडेंट थी, जिससे 2024 का लोकसभा चुनाव कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा मौका बन गया। उन्होंने इसे गंवा दिया। उसके बाद, BJP ने लगभग हर अगले असेंबली चुनाव (अपवाद — तमिलनाडु और केरल) में दिखाया है कि BJP और मोदी आमतौर पर ऐसे मौके नहीं देते हैं।
इसीलिए, बंगाल चुनाव के बाद, कांग्रेस ने प्लान B एक्टिवेट किया — पहले अफरा-तफरी, फिर सिविल लड़ाई, फिर देश का फिर से बंटवारा, और फिर उन टुकड़ों में से एक पर राज करना! पहला कदम है: लोगों का डेमोक्रेसी और कॉन्स्टिट्यूशनल संस्थाओं में भरोसा खत्म करना! क्या कांग्रेस आज ठीक यही नहीं कर रही है? शांति से सोचिए।
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एक आसान सा एक्सपेरिमेंट करके देखिए — अपने फैमिली ग्रुप, सोसाइटी ग्रुप या दोस्तों के WhatsApp ग्रुप में पूछिए कि क्या किसी का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। 4–5 ग्रुप में पूछिए और आपके पास लगभग एक हज़ार लोगों का सैंपल साइज़ होगा। मैं आपको गारंटी देता हूँ कि आपको एक भी ऐसा इंसान नहीं मिलेगा जिसका नाम डिलीट किया गया हो! 😊
इसीलिए मैं कह रहा हूँ...
अगर आप नहीं चाहते कि कोई दूसरा पाकिस्तानी मोहम्मद कमरुद्दीन भारत में चुनाव लड़े... और अगर आप नहीं चाहते कि बांग्लादेशी घुसपैठिए मोहम्मद कमरुद्दीन जैसे किसी को असेंबली या पार्लियामेंट में भेजें... तो SIR के खिलाफ प्रोपेगैंडा का शिकार न हों!
एक भारतीय नागरिक और भारतीय वोटर के तौर पर, मैं मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार को अपना पूरा सपोर्ट देता हूँ!!
जय हिंद! 🇮🇳
लगता है बांग्लादेश और नेपाल की तरह का सत्ता परिवर्तन फ्रांस में होगा।
उस वामपंथियों की सरकार के देश में जिन्होंने जिहादियों को भर भर कर फ्रांस में शरण दी थी।
वही घुसपैठिए फ्रांस को जला रहे हैं।
ये है आज के पंजाब का सच..
एक माता रोते हुए कह रही है - "गली-गली नशा बिक रहा है सर, फोन करो तो होम डिलीवरी हो जाती है"
पूछा - खाते में 1000 आता है?
बोली - "एक बार आया था, साढ़े चार साल से एक रुपया नहीं आया,
पेंशन भी बंद कर दी, मोदी जी वाली भी बंद कर दी"
घर में बेटा नशे के लिए चोरी कर रहा है, और सरकार के सारे वादे झूठे हैं..
ये माताएं पार्टी के लिए नहीं, अपने बच्चों को बचाने के लिए इस 'नशा विरोधी यात्रा' के साथ आई हैं
#नशा_विरोधी_यात्रा
#DrugFreePunjab
@BJP4Punjab@BJP4Delhi
कर्नाटक में एक लड़की का 40 लाख सैलरी वाले एक पैकेजिंग कंपनी में वाइस प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत एक लड़के से उसका विवाह हो रहा था
और लड़की ने जब लड़के का इंस्टाग्राम बायो देखा तब उसने रिश्ता तोड़ दिया
जानते हैं क्यों ???
क्योंकि लड़के ने अपने इंस्टाग्राम बायो में राहुल गांधी को अपना रोल मॉडल लिखा था
जिस वक्त मोदी इटली गए थे उस वक्त जॉर्जिया मेंलोनी ने अपने कार्यालय के द्वारा भारत इटली के संबंधों पर और मोदी जी के सम्मान में एक शानदार इटालियन गाना बनाया था
जो इटालियन भाषा में था
आप सुन सकते हैं इसमें उन्होंने नरेंद्र मोदी को अपना भाई और भारत के लोगों को इटली का दोस्त और भारत को मातृभूमि और इटली को मातृभूमि कहकर एक गाना बना था जो बेहद खूबसूरत गीत था
लेकिन कांग्रेसी कुत्ते का अब्बा पप्पू जिसने अपने घर में सिर्फ गंदगी ही देखा है सिर्फ अश्लीलता ही देखा है सिर्फ छिनरई ही देखा है वही बकवास करेगा
गुजरात में एक ग़ज़ब की घटना हो रही है-
एक स्थिर कुएँ के पानी में वेव चल रही है जिसका कारण किसी को समझ नहीं आ रहा है और ये लगातार हो रहा है।
जियोलॉजिकल विभाग ने जाँच के आदेश दिए है- जो भी रिपोर्ट आएगी वो काफ़ी इंट्रेस्टिंग होगी।
सुधांशु त्रिवेदी जी का करारा जवाब 🔥
“गोमूत्र से दिक्कत है तो जान लो —
अमेरिका और ब्रिटेन में इसके
एंटीबैक्टीरियल-एंटीफंगल गुणों के पेटेंट हैं।
मैकॉले-मार्क्स की लीद भरे दिमाग वाले समझ नहीं पाएंगे
50 साल पहले ऑल इंडिया आयुर्वेदिक सेंटर बन जाता तो हल्दी-नीम के पेटेंट के लिए लड़ना नहीं पड़ता।
टास्क फोर्स के बुद्धिजीवी का सिर्फ गोमूत्र के नाम पर अपमान क्यों?”
वीडियो देखिए 👇
प्रिय भारतीयों
आपकी इतिहास की किताबों में वर्षों तक
मुगल शासकों का महिमामंडन किया गया था...
जब धर्मेंद्र प्रधान ने NCERT की पुस्तकों से उन विदेशी आक्रमणकारियों का महिमामंडन करने वाले हिस्सों को हटाया, तब से ही विदेशों में बैठी ताकतवर लॉबी लगातार उन्हें निशाना बना रही थी....
इसलिए धर्मेंद्र प्रधान के योगदान को कभी मत भूलिए...
: रेनी लेन, अमेरिकी लेखक
कर्नाटक में भी पेपर लीक हुआ पंजाब में पेपर लीक हुआ नीट का पेपर लीक हुआ
आनंद रंगनाथन जी ने जब कहा कि मैं तीनों का इस्तीफा मांगता हूं धर्मेंद्र प्रधान का कर्नाटक के शिक्षा मंत्री का पंजाब के शिक्षा मंत्री का
क्या यह विजेता दहिया तीनों का इस्तीफा मांग रहे हैं ?
उसके बाद देखिए विजेता दहिया कैसे किसी कुत्ते के पिल्ले की तरह किकियाने लगा
यह पूरी की पूरी गैंग कांग्रेस और केजरीवाल की दलाल है यह छात्रों का भला नहीं चाहते
कांग्रेस मान चुकी है कि वह सीधे तरीके से मोदी से नहीं लड़ सकती तब उसने हिजड़ों को खड़ा किया है