एक भक्त और दलाल पत्रकार महोदय महिंद्रा थार से बढ़ रही दुर्घटनाओं के सम्बंध में कह रहे हैं कि अगर लेखक को लिखना नहीं आता तो इसमें कलम का क्या दोष? मन किया गाली दें लेकिन याद आया मैं अब शरीफ हो गया हूं�� भाई, यह ऐसा है कि हत्यारे के हाथ में कलम दोगे तो वो उसको भी हथियार बना किसी को घोंप कर मार डालेगा।
दरअसल थार पर चलने वालों के लिए माइलेज, आराम, ग्रिप वगैरह कुछ नहीं महत्व रखती। हर थार चलाने वाले को यह लगता है कि वह सड़क का, सड़क के ट्रैफिक नियमों का और पैदल चलने वालों दोपहिया वाहनों का बाप है। जितने मनबढ़, अपराधी, दो नंबर की कमाई वाले टपोरी, जमीन बेचकर हालिया पैसे वाले हुए च्युतिए हैं उन सबको थार ���संद हैं।।
दिल्ली की सड़कों पर आनंद महिंद्रा @anandmahindra की थार का आतंक किस कदर है यह हरियाणा पुलिस से पूछो। फिलहाल NCR में थार से तीन बड़ी दुर्घटना हुई हैं। नीचे सूची है
दिल्ली (25 जून 2026): रजो��री फ्लाईओवर पर एक तेज रफ्तार थार ने पीछे से मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे 34 वर्षीय युवक की मौत हो गई।
आगरा (जून 2026 मध्य): फतेहाबाद-फिरोजाबाद हाईवे पर अनियंत्रित थार की टक्कर से एक बाइक सवार की मौत हुई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने हंगामा किया।
गुरुग्राम (हालिया): दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे पर एक तेज रफ्तार थार डिवाइडर से टकराकर पलट गई थी, जिसमें कार सवार 5 लोगों की मौत हो गई थी।
नीचे की तस्वी�� AI है लेकिन हर थार चालक यही सोचता है कि मैं ऐसा कुछ करूं जो सबसे अलग हो। सड़क पर लगे बोर्ड के भीतर घुसने की भी वो कल्पना कर लेता है।
सही है कि राम मंदिर बनने का पूरा श्रेय संघ परिवार को है।लेकिन उसके प्रसाद में भगवान श्री राम ने तीन तीन बार लगातार केंद्र और २२ राज्यों की निर्बाध सत्ता भी संघ परिवार को दी है।इसलिए तप भंग का ख़ामियाज़ा भी तो उनको ही भुगतना पड़ेगा जिनको तपस्या के फल से सत्ता सुख मिला है।
अमेरिका में भारतीयों और खास तौर पर हिंदुओं के ख़िलाफ़ हेट कैंपेन ज़ोर पकड़ती जा रही है।
अब वहाँ आम भारतीयों या भारतीय मूल के लोगों को ही नहीं, सांसदों तक को निशाना बनाया जाने लगा है। सांसद रो खन्ना और राजा कृष्णमूर्ति को डिपोर्ट करने की मांग की जान�� लगी है।
ये एक ख़तरनाक़ संकेत है क्योंकि अगर चुने हुए प्रतिनि��ि पर ही इस तरह के आक्रमण होंगे तो भविष्य में आम भारतीयों या हिंदुओं का क्या होगा।
ध्यान रहे कि अमेरिका में पचपन लाख भारतीय रहते हैं। वे ज़्यादातर संपन्न हैं और बहुत से भारतीय महत्वपूर्ण पदों पर काम कर रहे हैं।
रिपोर्ट बताती हैं कि ट्रम्प के आने के बाद से सोशल मीडिया में भारतीय या हिंदू विरोधी हेट पोस्ट में सौ फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इनमें नस्लवादी टिप्पणियों और ग़ालियों की भरमार होती है���
टेक्सस में तो गो बैक इंडिया के नारे भी लगाए गए। कई मंदिरों पर हमले हुए हैं और जहाँ-तहाँ हिंदुओं को अपमानित करने की घटनाएं अब आम होती जा रही हैं।
हाल में एलन मस्क ने रो खन्ना को लुटेरा कहा था जो उनके नस्लवादी रुझान की ओर साफ़ इशारा करता है। मस्क की टिप्पणी ये भी बताती है कि उद्योग जगत में बड़े पदों पर बैठे भारतीय भी हेट कैपेन से अछूते नहीं हैं।
यूँ तो हेट क्राइम में मोटे तौर पर ट्रम्प के समर्थक, रिपब्लिकन पार्टी के कार्यकर्ता, गोरे राष्ट्रवादी समूह हैं। लेकिन ये भी माना जा रहा है कि हिंदुत्व और हिंदू संगठनों की गतिविधियों से भी वे उत्तेजित हो रहे हैं।
मुझे भी यकीन हो गया कि किरण कुमार का फैसला बिल्कुल सही था सुनील शेट्टी कल भी ज़ाहिल और बदतमीज़ था आज भी एक नंबर का मूर्ख और बदतमीज़ है 🤪🤪
#घोरकलजुग#sunilshetty
“जब ‘राम मंदिर’ का उद्घाटन मोद�� जी ने किया
प्राण प्रतिष्ठा मोदी जी ने की
तो कैसे कह सकते हैं कि ‘चढ़ावा चोरी’ का पैसा मोदी जी के पास नहीं गया ?
राम मंदिर की ‘चंदा चोरी’ और ‘चढ़ावा’ चोरी पर ‘मन की बात’ कब करेंगे मोदी जी ?”
@PriyankKharge जी ने ‘संघियों’ की रातों की नींद उड़ा दी है 🔥🔥🔥
आपको शायद आश्चर्य न होता हो मुझे आश्चर्य हो रहा है। मेरे मन में तमाम सवाल घूम रहे हैं जिसका उत्तर मुझे नहीं मिल रहा। शायद आपके मन में भी हो
दैनिक जागरण, टीवी 9 , इंडिया टीवी जैसे सभी भक्त चैनल और अखबार राम मंदिर लूट की खबर झूम के चला रहे हैं। क्या यह आपको आश्चर्यचकित नहीं करता?
यह खबर कौन प्लांट करा रहा है जो हिन्दू हृदय सम्राटों के ऊपर सवाल खड़ा कर रही है?
चंपक दास, अनिल मिश्रा खामोश हैं। क्योंकर कोई ईमानदार आदमी अपनी तौहीन सहेगा?
लूट के इन आरोपों पर भाजपा के शीर्ष नेता खामोश हैं लेकिन ओगी आदित्यनाथ बोल रहे हैं
ऐसा क्यों है?
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जिसने राम जन्म भूमि आंदोलन की अगुवाई की वह आलने ऊपर लगे लांछनों के बावजूद खामोश क्यों है?
निशिकांत राय, संबित पात्रा जैसे नेता इस लूट का बचाव करते क्यों नहीं दिख रहे?
मोहन यादव जो कि अम���त शाह के अपने आदमी हैं उनके खिलाफ संघी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में खबर किसने प्लांट कराई?
केंद्र सरकार ने ट्रस्ट की जांच को लेकर अपनी ओर से कोई कवायद क्यों नहीं की?
अयोध्या की लूट के सामने आने में अखाड़ों की क्या भूमिका है?
चित्रा त्रिपाठी अंजना ओम कश्यप समेत सभी खिलाड़ी चंपत और अनिल मिश्रा को लेकर इतने हमलवार क्यों हैं? अयोध्या की खबरों की हेडलाइन कौन तय कर रहा है?
तर्क है जो मंदिर आंदोलन में शामिल नहीं थे वो चढ़ावा चोरी पर कैसे बोल सकते हैं ।इसी आधार पर कहा जा सकता है जिनके पुरखे आज़ादी के आंदोलन में शामिल नहीं थेयाअंग्रेजों के समर्थक थे उन्हें देश में होने वाली किसी गड़बड़ी पर सवाल उठाने का हक नहीं है क्या?मुद्दों पर बोलने का हक सबको है।
देश ने इस क़दर ‘रीढ़ की हड्डी विहीन” रक्षा मंत्री पूरे इतिहास में कभी नहीं देखा. आज देश की सेना संख्याबल और आयुध बल में कमज़ोर हुई है.
वैसे हैरत में मत आइयेगा कि अगले एक साल में ऑपरेशन सिंदूर में ही वायुसेना कुछ एयरक्राफ्ट्ज़ के नुकसान के बारे ��ें भी एक एक कर के ख़बरें आयें, ऐसे ही दबे पाँव !!
भाजपा की लूटमार और जेबकतरी की आदत —
ज़मीन पर लुढ़क रहा है कच्चा तेल,
पेट्रोल-डीज़ल-गैस पर राहत न देकर..
मोदी सरकार कसती जा रही बचत पर नकेल !
हमारे तीन सवाल -
⛽️ जब West Asia का युद्ध चरम पर था, तब कच्चा तेल USD 138 प्रति बैरल था। उस समय पेट्रोल ₹94.77/लीटर और डीज़ल ₹87.67/लीटर था। आज कच्चा तेल गिरकर USD 70.71 प्रति बैरल पर आ चुका है। फिर मोदी सरकार, पेट्रोल ₹102.12/लीटर और डीज़ल ₹95.20/लीटर में क्यों बेच रही है?
⛽️युद्ध का हवाला देकर भाजपा सरकार ने कमर्शियल LPG के दाम दोगुना कर दिये। अब जब सप्लाई सामान्य हो चुकी है, तो LPG के दाम वापस क्यों नहीं किए जा रहे? जनता को एक पैसे की भी राहत क्यों नहीं?
⛽️ घरेलू सिलेंडर, प्रवासियों के काम आने वाला 5 किलो वाला छोटा सिलेंडर और CNG, हर चीज़ महँगी कर दी। अब जब हालात सामान्य हैं, तो दाम घटाने में मोदी सरकार के हाथ क्यों काँप रहे हैं?
ज�� कच्चा तेल महँगा था, तब भी जनता ने भुगता। अब कच्चा तेल सस्ता है, फिर भी जनता ही क्यों भुगत रही है?
ज़ाहिर सी बात है - भाजपा के लिए जनता सिर्फ़ टैक्स और वसूली का ज़रिया बनकर रह गई है !!
राजस्थान किसान बालिका छात्रावास,जयपुर में“छात्रों की गूंज” प्रेस वार्ता एवं संवाद कार्यक्रम में शामिल होकर छात्रों और युवाओं से चर्चा की।
मोदी सरकार के 'फ्रॉड सिस्टम' ने लाखों छात्रों की मेहनत, उम्म���द और भविष्य को तोड़ा है। NEET पेपर लीक जैसी घटनाओं ने न केवल प्रतिभाशाली छात्रों का भविष्य प्रभावित किया, बल्कि कई परिवारों से उनके बच्चों को छिना है। हम हर उस युवा के साथ मजबूती से खड़े हैं जिसकी मेहनत को पेपर लीक, भ्रष्टाचार और अव्यवस्थित शिक्षा व्यवस्था ने नुकसान पहुँचाया है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष आदरणीय श्री @RahulGandhi जी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतियोगी परीक्षाओं मे��� अनियमितताओं, पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के रोजगार जैसे गंभीर मुद्दों पर अपनी बात रखते हुए छात्रों की आवाज़ को मजबूती देने का संकल्प लिया।
कांग्रेस पार्टी और NSUI छात्रों के भविष्य, उनके अधिकारों और बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए संघर्ष करती रही है और आगे भी पूरी मजबूती से करती रहेगी।
#ChhatronKiGoonj
एक और पेपर लीक
महाराष्ट्र में TET का पेपर लीक हो गया है
कल ये परीक्षा होने वाली थी, अब रद्द कर दी गई है
BJP सरकार में एक इम्तिहान बिना पेपर लीक के नहीं हो सकता
यह पेपर लीक माफिया का सिलसिला कब थमेगा???
"दान करते समय यही सोचा था कि यह पैसा हमारे राम के काम आएगा। इसलिए मैंने ज़मीन बेचकर ₹1 करोड़ दान दिए थे।"
राम जन्मभूमि ट्रस्ट को ₹1 करोड़ दान देने वाले सियाराम उमरवैश्य का यह बयान आस्था से जुड़े भरोसे पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। वे कहते हैं कि लोगों ने पहले ही चेताया था, लेकिन उन्होंने विश्वास किया। अब जो विवाद सामने आ रहे हैं, उन्हें देखकर उन्हें गहरा दुख हो रहा है।
ये आरोप विपक्ष लगाता था अब कैबिनेट मंत्री बता रहे हैं कि अधिकारियों में खुद को संघ का स्वयंसेवक बताने की होड़ है - “संघ की चड्डी” और बेल्ट पहना है.
संघी होना अहसासे - कमतरी है. समझे?
Money for the Ram Mandir did not come only from big corporations and wealthy donors.
It came from the notes carefully tucked away in spice boxes by mothers and grandmothers. It came from the piggy banks of children. It came from the poor and the marginalised, who may have given only a few rupees, but did so with immense faith and love.
The campaign to build the temple was presented as a sacred national endeavour. The government enthusiastically facilitated this campaign.
They cannot now shrug their shoulders and pretend to be bystanders when serious allegations of embezzlement and organised loot have surfaced.
This is not merely a financial scandal. It is a betrayal of faith.
The nation deserves answers.