🎓👃 अरुण यादव जी ने X Spaces में 'रूम एथिक्स' पर PhD कर ली है!
अब तो उन्होंने सिद्ध कर दिया कि असली अपराधी वो नहीं जो कमरे में 💩 करता है, बल्कि वो है जो बेचैनी में भी 'गिल्ला' नहीं करता!
देशभक्ति तो छोड़िए, ये तो अब 'कमरे की एथिक्स' का मास्टर बन गए हैं।जानिए उनका नया कानून:बेचैन दिखो, वरना तुम गलत!जो देश का नागरिक न हो, वही 'फ्लटर' कर रहा है!
मतलब, अगर कोई विदेशी आकर देशी कमरा 💨 कर दे, तो पहले उसकी citizenship चेक करो, फिर हवा साफ़ करो! 🤡इतना बड़ा वैज्ञानिक खोजकर्ता कि सोशल मीडिया के कमरे में ड्रामे करने का रिकार्ड उनके नाम!
इतना बेचैन कि डॉक्टर ने कहा, "सर, आपकी बेचैनी पे शोध हो गया, अब आराम की दवा लीजिए!" 😂
अरुण यादव की ये रूम एथिक्स नहीं, ये तो 'सोशल मीडिया पर सास बहू ड्रामा' का PhD प्रोजेक्ट है!
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अजीत भारती को गिरफ्तार करना वह भी आजाद समाज पार्टी चंद्रशेखर रावण के कार्यकर्ताओं की कंप्लेंट पर भारी मूर्खता होगी। अजीत भारती का कद 10 गुना बड़ा हो जाएगा इस गिरफ्तारी से। उम्मीद है यह मूर्खता नहीं करोगे।
वामपंथी राजनीति की पुरानी स्क्रिप्ट को पहचानिए…
~ किसी शांतिपूर्ण आंदोलन को पहले चुपचाप बढ़ने दिया जाएगा। आंदोलन बड़ा होगा, मीडिया में चर्चा होगी और जनता का ध्यान जाएगा तो अचानक वामपंथी राजनीति के चेहरे वहाँ पहुँचेंगे, बिना बुलाए, लेकिन अपना एजेंडा लेकर।
~ फिर कोशिश होगी कि छात्रों के वास्तविक मुद्दे पीछे छूट जाएँ और आंदोलन को वैचारिक तथा राजनीतिक रंग दे दिया जाए। भीड़ में हुड़दंग, विवाद, आरोप प्रत्यारोप और कैमरों के सामने आक्रोश, फिर पूरे आंदोलन को अपने राजनीतिक नैरेटिव का मंच बनाने की कवायद।
लेकिन इस बार कहानी थोड़ी अलग थी।
~ जेएनयू छात्रसंघ की आईसा नेता नेहा बोरा भी जा पहुँचीं झारखंड। किसी ने बुलाया नहीं, फिर भी छात्रों को राजनीति का पाठ पढ़ाने लगीं। छात्रों ने दो टूक कह दिया कि “हमें जंतर-मंतर मत सिखाइए। हमारा आंदोलन व्यवस्था के खिलाफ है, देश के खिलाफ नहीं।”
~ और फिर जो हुआ, वह शायद वामपंथी राजनीति के लिए सबसे बड़ा संदेश था।
~ न भाषण चला, न राजनीतिक एजेंडा… बिना बोले ही वापस लौटना पड़ा।
“बड़े बेआबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले…” 😄
यही फर्क है जनता के मुद्दे और राजनीतिक एजेंडे में।
~ छात्र रोजगार, शिक्षा और व्यवस्था की समस्याओं पर सवाल पूछें तो उनका समर्थन होना चाहिए। सरकार की नीतियों का विरोध हो तो लोकतंत्र में उसका पूरा अधिकार है। लेकिन किसी आंदोलन को बीच रास्ते में पकड़कर उसे अपनी विचारधारा की प्रयोगशाला बना देना लोकतांत्रिक आंदोलन नहीं, राजनीतिक हाइजैकिंग है।
~ वामपंथ की समस्या यही है कि जहाँ जनता अपना सवाल लेकर खड़ी होती है, वहाँ इन्हें अपना एजेंडा दिखाई देने लगता है।
~ राष्ट्रवाद की बात हो तो असहजता, सांस्कृतिक पहचान की बात हो तो आपत्ति, सेना के शौर्य पर सवाल और विकास की बड़ी परियोजनाओं पर विरोध, लेकिन जनता के वास्तविक सवालों का समाधान?
~ उससे ज्यादा जरूरी इनके लिए आंदोलन की कमान अपने हाथ में लेना होता है। अब समय आ गया है कि हर आंदोलन में यह सवाल पूछा जाए कि...
मुद्दा किसका है?
मंच किसने बनाया?
एजेंडा किसने बदला?
और फायदा किसे हुआ?
~ क्योंकि आंदोलन जनता का हो सकता है, लेकिन उसे अपनी वैचारिक दुकान बनाने का लाइसेंस किसी को नहीं दिया जा सकता। छात्रों ने इस बार यही संदेश दिया है, आंदोलन हमारा है, मुद्दा हमारा है और एजेंडा भी हमारा ही चलेगा, वामपंथ की स्क्रिप्ट नहीं। 🚩
1970 के दशक में बागा बीच पर अपनी पत्नी जेनिफर केंडल और बेटे कुणाल के साथ एक्टर शशि कपूर। कपूर परिवार का बागा में एक बंगला था और वे अक्सर क्रिसमस की छुट्टियां वहीं बिताते थे। कहा जाता है कि कुणाल अच्छी कोंकणी बोलते थे और स्थानीय बच्चों के साथ खेलते थे, वहीं बागा के स्थानीय लोग इस परिवार को बहुत प्यार से याद करते थे।
एक कहावत है कि पहले अपने गिरेबान में झांक कर देखो।
है किसी के पास 560 इंच का सीना जो खुद से सवाल पूछ सके लेकिन यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने कर दिखाया।
#Modiji#नमो_नमो#मोदी#राम_मन्दिर_चंदा_चोरी
मेरठ के SSP #अविनाश_पांडे के द्वारा जिस दलित वंचित रवि जाटव के शोषण की बात की जा रही है, दरअसल ये उस रवि गौतम की आपराधिक कुंडली है। धारा 302,504, 506 बताती है कि रवि एक अराजक तत्व था।
और रवि वकील भी है क्योंकि हत्या का केस होने के बावजूद भी आप मुख्यमंत्री बन सकते है।
#Merrut
पुलिस अधिकारी बोल रहे थे कि "आपसे निवेदन है कृपया अपने स्थान पर धरना दे रोड ब्लॉक न करे।"
नीला गमछा धारी रवि जाटव ने कहा आओ हमें मारो फिर यूपी पुलिस ने तत्काल भीम आर्मी के सदस्य रवि की आज्ञा का अक्षरशः पालन किया।
#ISupportSSPAvinashPandey
@SanataniNadeem@SanataniNadeem ye bhadwa jo tum ko bhi follow nhi karta kaise bhadwe ko co host diya hai
May be meetha ho skta hai apne usko apne dhram me rakha liya ho to theek hai
यह पटना का क्रिमिनल कृष्ण मुरारी पाठक उर्फ @Phoenix_firing है। दो बार जेल जा चुका है और यह तस्वीर तब की है जब दिवाली के दिन इसको इसके भाई और भाभी ने अपने लखनऊ स्थित निवास पर पुलिस बुलवा कर घर से धक्के मार कर निकाला था। अपने भाई से बहुत पैसे ठग चुका है और इसकी बीवी इसके Psychopath वाले हरकतों के वजह से इसको छोड़ कर भागी है।