न्याय समता सम्मान
अतिपिछड़ों का हक रोहिणी कमीशन !
हमारी मांग रोहिणी कमीशन !
रोहिणी कमीशन संघर्ष मोर्चा !
देश में सर्वप्रथम बिहार में जननायक कर्पूरी ठाकुर के मुख्यमंत्रित्व काल में 1978 में मुंगेरी लाल कमीशन के सिफारिश पर सरकारी नौकरी व शैक्षणिक संस्थानों में ओबीसी आरक्षण को दो हिस्सों में बांटते हुए पिछड़ा वर्ग और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण लागू किया। अत्यंत पिछड़े समाज से आने वाले बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री जननायक कर्पूरी ठाकुर ओबीसी वर्ग के अंदर उपस्थित किसान जाति और गैर किसान जाति के बीच के गैर बराबरी को समझते थे इसलिए उन्होंने ओबीसी आरक्षण को दो भागों में बांटने का सुझाव मान लिया और अलग अलग आरक्षण लागू किया। आज बिहार में अत्यंत पिछड़ी जातियों की स्थिति अन्य राज्यों से बिलकुल अलग और थोड़ा बेहतर दिखाई पड़ती है। जिसके कारण आज बिहार में अत्यंत पिछड़ी जाति के लोग भी शासन-प्रशासन और नौकरियों में देखने को मिलता हैं।
धीरे-धीरे सामाजिक न्याय का यह मॉडल कई राज्यों जैसे हरियाणा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, झारखंड ने भी अपनाया। ओबीसी आरक्षण को वर्गीकरण करने के मायने में यह मॉडल अबतक का सबसे बेहतर मॉडल साबित हुआ है। लेकिन यह मॉडल देश के अंदरअभी तक सिर्फ 12 राज्यों में लागू हो पाया है।
वर्ष 1990 में केंद्र के स्तर पर मंडल कमीशन लागू हुआ लेकिन उस समय भी आरक्षण का बंटवारा नहीं किया गया जिसमें कमीशन के एकमात्र दलित सदस्य एल. आर. नाईक ने ओबीसी आरक्षण को दो भागों में बांटने का सुझाव दिया था, लेकिन उनके सुझावों को वी. पी. मंडल समेत अन्य सदस्यों ने नहीं माना। एल. आर. नाईक के सुझावों को न मानने की सबसे बड़ी वजह यह थी कि बाकी के अन्य सदस्य अपर ओबीसी से ताल्लुक रखते थे। एल. आर. नाईक इसको एक उदाहरण से समझाते हैं कि "यदि बड़ी मछली और छोटी मछली को एक साथ रखा जाए तो बड़ी मछली छोटी मछली को खा जाएगी" उनके इस उदाहरण में बड़ी मछली का तात्पर्य किसान जातियों से था जबकि छोटी मछली का मतलब अत्यंत पिछड़ी जाति से था. बिहार में हाल ही में हुई जातीय सर्वेक्षण से साबित हो गया है कि 36.01 प्रतिशत के साथ सबसे बड़ी आबादी है। कमोबेश यही स्थिति पूरे देश में होगी लेकिन राजनीतिक हिस्सेदारी में (लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा, विधानपरिषद तथा सभी राजनैतिक दलों) इनकी संख्या लगभग नगण्य है।
देश की आजादी के बाद जिन जातियों को पिछड़े वर्ग में शामिल किया गया, वे संवैधानिक तौर पर तो एक वर्ग में रखे गए; लेकिन इन सभी जातियों की सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और राजनैतिक हैसियत बेहद अलग-अलग है। पिछड़े वर्ग की जातियों को हम इस तरह से समझ सकते हैं जैसे- सभी धर्मों की किसान जातियां, ब्राम्हण समतुल्य जातियां, बनिया जातियां, कारीगर जातियां, हुनरमंद जातियां, सेवादार जातियां, नदी तालाब से जुड़ी जातियां, कामगार जातियां, शिल्पकार जातियां, चारवाह करने वाली जातियां, कलाकार जातियां, व सब्जी-बागवानी करने वाली जातियां शामिल हैं। क्या अन्य सारी पिछड़ी जातियों को किसान जातियों, ब्राम्हण समतुल्य जातियों, बनिया जातियों के साथ रखा जा सकता है?
इसी गैर बराबरी को कम करने के लिए वर्ष 2017 में जस्टिस रोहिणी कमीशन का गठन किया गया। इस कमीशन का प्रमुख कार्य केन्द्रीय स्तर पर ओबीसी आरक्षण का न्याय पूर्ण बँटवारा करना है। समाचार पत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 2633 पिछड़ी जातियों में सिर्फ 1 प्रतिशत जाति ही ओबीसी आरक्षण का 50 प्रतिशत लाभ लिया है, 27 प्रतिशत कोटे में केवल 10 जातियों के लोग ही ओबीसी आरक्षण का लगभग एक चौथाई हिस्सा का लाभ ले रही है। वहीं दूसरी तरफ ओबीसी की 1000 जातियों का प्रतिनिधित्व हर जगह शून्य है। इसलिए हमारा मानना है कि पिछड़े वर्ग के अन्दर बराबरी व न्यायपूर्ण बँटवारे के लिए जस्टिस रोहिणी कमीशन के सिफारिशों को या यूँ कहें कि ओबीसी आरक्षण के वर्गीकरण को जल्द से जल्द लागू
करवाने के लिए पूरे देश भर में आन्दोलन को तेज करने की जरुरत है और ओबीसी आरक्षण के न्यायपूर्ण बँटवारे के सन्देश को जन-जन तक ले जाना है।
सामजिक न्याय जिंदाबाद!
ओबीसी आरक्षण का न्यायपूर्ण बँटवारा तुरंत करो! अतिपिछड़ों की एकता जिंदाबाद!
राह हमारे कबीर है, हम रैदास के संग ।
एक हुनर एक कारीगर, करें नया सृजन ।।
भारत की 40% आबादी का हक है रोहिणी कमीशन !
संपर्क: 7544099299, 9415576902
अतिपिछड़ा समाज से आने वाले युवा नेता श्री विजय कुमार पाल जी ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। अतिपिछड़ा मुद्दों पर मुखर आवाज, विजय कुमार पाल अभी जेएनयू में रिसर्च स्कॉलर हैं एवं समाजवादी छात्र सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं।
श्री @RahulGandhi जी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी न्याय और संविधान बचाने की जो लड़ाई लड़ रही है, हमें पूरा भरोसा है कि वो उस मुहिम को मजबूती से आगे बढ़ाएंगे।
बहुत बहुत शुभकामनाएं!
युवा नेता, अतिपिछड़ा समाज की मजबूत आवाज, JNU से अर्थशास्त्र के PhD स्कॉलर श्री @VijayKrPal जी ने कांग्रेस की सदस्यता ली।
उनको बहुत बहुत शुभकामनाएं!
आशा है @INCIndia इनको कोई महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी देगी और आप EBC के हक अधिकार के लिए ऐसे ही मजबूती से लड़ते रहेंगे।
जय कर्पूरी, जय फूलन!
अतिपिछड़ा समाज जिंदाबाद!
जातिवादी आतंकी गुंडे कालीचरण यादव ने नाई समाज से आने वाले श्री शंभू ठाकुर जी की आंख फोड़ दी!!
ये सामंती गुंडे अतिपिछड़ों को अपना गुलाम समझते हैं। माननीय @NitishKumar जी से अपील है ऐसे सामंती आतंकियों पर तत्काल कड़ी कड़ी से कार्यवाही करें।
@aajtak
कांग्रेस ने इन महाशय को OBC सेल का चेयरमैन बनाया है लेकिन इनकी हरकतें "यादव सेल" के कार्यकर्ता वाली ही है।
क्या @INCIndia की ओबीसी सेल केवल यादव सेल है???
वाह @RahulGandhi जी वाह!
पत्रकार ने जब चालाकी से यादव समाज के डोमिनेंस और समृद्धता की बात कहीं तो मिशन मैन हमारे चेयरमैन साहब डॉ अनिल जयहिंद जी का बेहतरीन जवाब क्या रहा, जरूर सुनिए....
@drjaihind
कांग्रेस के नेता @RahulGandhi जी OBC OBC करते रहते हैं। लेकिन @INCIndia के OBC विभाग के चेयरमैन अनिल जयहिंद यादव अतिपिछड़ों के भागीदारी के सवाल पर ब्लॉक करके भाग जाते हैं!!!
हमारा सवाल राहुल जी से है, क्या आपके 'Idea of OBC' में केवल यादव आते हैं??
अतिपिछड़ों से आपको कोई मतलब नहीं है???
कांग्रेस के नेता @RahulGandhi जी OBC OBC करते रहते हैं। लेकिन @INCIndia के OBC विभाग के चेयरमैन अनिल जयहिंद यादव अतिपिछड़ों के भागीदारी के सवाल पर ब्लॉक करके भाग जाते हैं!!!
हमारा सवाल राहुल जी से है, क्या आपके 'Idea of OBC' में केवल यादव आते हैं??
अतिपिछड़ों से आपको कोई मतलब नहीं है???
कांग्रेस और @RahulGandhi के लिए OBC का मतलब केवल यादव होता है. राहुल गाँधी ने @INCIndia OBC विभाग के लिए चेयरमैन नियुक्त किया - @DrJaihind (अनिल जयहिन्द यादव) |
इस विभाग में अबतक 4 नियुक्तियां हुईं,--- चारों केवल यादव की. मतलब OBC की 100% नियुक्तियाँ केवल यादव की.
इसीलिए अतिपिछड़ी जातियों को राहुल गाँधी के OBC से कोई मतलब नहीं रहता. OBC लाठी खायेगा और जब पद मिलने की बारी आएगी तो कोई यादव नियुक्त हो जायेगा.
अतिपिछड़ों को OBC में कोई भागीदारी नहीं मिल सकती. इसीलिए अतिपिछड़ों की पहली मांग है रोहिणी कमीशन की रिपोर्ट और OBC आरक्षण का बंटवारा!
#RohiniCommission
#EBC
#OBC_Subcategorisation
ये है @INCIndia और @RahulGandhi जी की मोहब्बत की दुकान???
अतिपिछड़ों का सवाल भी बर्दाश्त नहीं हुआ @DrJaihind उर्फ अनिल जयहिंद 'यादव ' जी को???
ये ही कांग्रेस के ओबीसी विभाग की सच्चाई है!!!
ये OBC विभाग नहीं "यादव विभाग" है।
कांग्रेस के लिए OBC का मतलब केवल "यादव" है।
कांग्रेस और @RahulGandhi के लिए OBC का मतलब केवल यादव होता है. राहुल गाँधी ने @INCIndia OBC विभाग के लिए चेयरमैन नियुक्त किया - @DrJaihind (अनिल जयहिन्द यादव) |
इस विभाग में अबतक 4 नियुक्तियां हुईं,--- चारों केवल यादव की. मतलब OBC की 100% नियुक्तियाँ केवल यादव की.
इसीलिए अतिपिछड़ी जातियों को राहुल गाँधी के OBC से कोई मतलब नहीं रहता. OBC लाठी खायेगा और जब पद मिलने की बारी आएगी तो कोई यादव नियुक्त हो जायेगा.
अतिपिछड़ों को OBC में कोई भागीदारी नहीं मिल सकती. इसीलिए अतिपिछड़ों की पहली मांग है रोहिणी कमीशन की रिपोर्ट और OBC आरक्षण का बंटवारा!
#RohiniCommission
#EBC
#OBC_Subcategorisation
कांग्रेस और @RahulGandhi के लिए OBC का मतलब केवल यादव होता है. राहुल गाँधी ने @INCIndia OBC विभाग के लिए चेयरमैन नियुक्त किया - @DrJaihind (अनिल जयहिन्द यादव) |
इस विभाग में अबतक 4 नियुक्तियां हुईं,--- चारों केवल यादव की. मतलब OBC की 100% नियुक्तियाँ केवल यादव की.
इसीलिए अतिपिछड़ी जातियों को राहुल गाँधी के OBC से कोई मतलब नहीं रहता. OBC लाठी खायेगा और जब पद मिलने की बारी आएगी तो कोई यादव नियुक्त हो जायेगा.
अतिपिछड़ों को OBC में कोई भागीदारी नहीं मिल सकती. इसीलिए अतिपिछड़ों की पहली मांग है रोहिणी कमीशन की रिपोर्ट और OBC आरक्षण का बंटवारा!
#RohiniCommission
#EBC
#OBC_Subcategorisation
कांग्रेस और @RahulGandhi के लिए OBC का मतलब केवल यादव होता है. राहुल गाँधी ने @INCIndia OBC विभाग के लिए चेयरमैन नियुक्त किया - @DrJaihind (अनिल जयहिन्द यादव) |
इस विभाग में अबतक 4 नियुक्तियां हुईं,--- चारों केवल यादव की. मतलब OBC की 100% नियुक्तियाँ केवल यादव की.
इसीलिए अतिपिछड़ी जातियों को राहुल गाँधी के OBC से कोई मतलब नहीं रहता. OBC लाठी खायेगा और जब पद मिलने की बारी आएगी तो कोई यादव नियुक्त हो जायेगा.
अतिपिछड़ों को OBC में कोई भागीदारी नहीं मिल सकती. इसीलिए अतिपिछड़ों की पहली मांग है रोहिणी कमीशन की रिपोर्ट और OBC आरक्षण का बंटवारा!
#RohiniCommission
#EBC
#OBC_Subcategorisation