जब समाज का आंशू सुख जाते है और दर्द बढ़ जाता है तो उसको सिर्फ़ एक ही चीज़ दिखती है
और वो है इंतक़ाम अपमान का बदला चाहे वो किसी भी तरह से सही या ग़लत क्यों ना हो राजपूत समाज आज अपना सब कुछ देने के बाद आज अपनी पिछले 70 सालो में की गई गलती ख़ासकर 10 साल का अत्याचार भुला नहीं सकता
कथावाचक एवं कृष्ण जन्मभूमि प्रकरण के मुख्य पक्षकार कौशल किशोर ठाकुर जी ने सुदर्शन न्यूज़ के एक पॉडकास्ट में कृष्ण वंशजों के तथ्यों को बखूबी तरीके से साझा किया
@Spiritual_kk
देवरिया में मनीष सिंह की चाकू से हत्या के बाद आक्रोशित परिजनों ने शव रखकर सड़क जाम कर दी। मामले में चीनू अंसारी, अंबुज विश्वकर्मा, जय किशन यादव और नागेश यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज है।
थाना अध्यक्ष राकेश कुमार राय व चौकी इंचार्ज ज्योति कुमारी निलंबित हुए। आरोपियों का एनकाउंटर हो।
@LSinghShekhawat मुगलों के विरुद्ध लड़ने में क्षत्रियों ने अपने बलिदान दिए , क्षत्राणियों ने अपने प्राणों की आहुति दी ।
लेकिन ब्रह्मणों ने क्या बलिदान दिया , कुछ भी नहीं ।
इसके उलट जब पूरे हिंदुओं पर जज़िया लगाया जा रहा था, तब ब्राह्मणों को उसमे भी अधिकाश मुस्लिम शासको के समय तक छूट मिली हुई थी
ये शिवम सिंह चौहान हैं @thakurshivam97
जिन्होंने जंतर मंतर पर सवर्ण आंदोलन को नेतृत्व दिया था।
जंतर मंतर पर इन्होंने ही भीड़ जुटाई थी,ओकेन्द्र राणा से लेकर पूरण सिंह और सूरजपाल अम्मू से #हर्षदुबे को मिलवाने वाला ये ही इंसान है।
इन्होंने कुछ उचित प्रश्न पूछे हैं, जब प्रदर्शन का संयोजन ये कर रहे हैं। पुलिस इनको डिटेन कर रही है, लाठियां इन्होंने खाई है, वहाँ लोग इनके हैं।
कोई हर्ष दुबे कौन था जो इस आंदोलन को Lead का क्रेडिट लेकर किसी भी आंदोलन करने वाले लोगों से कोई बात न करे के BJP के साथ एक कमरे में समझौता कर लिया।
देश में जब आरक्षण पर चर्चा चल रही है तो डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने कितने सुलझे हुए अपने विचार रखे हैं
इसे कहते हैं जननेता जननायक आप भी सुनिए
वर्गीकरण से गरीब दलित शोषित वर्ग को आरक्षण मिल जाएगा तो, लालची लठैत दलित लोगो को पेट में दर्द क्यों हो रहा है ?
राजाओं के राज में जब भी कोई इमारत बनती थी…
बनाने वाले ये अच्छे से जानते थे कि अगर निर्माण कार्य में थोड़ी बहुत भी गड़बड़ी की…
तो सजा में पूरा परिवार मारा जाएगा…
इसलिए वो इमारतें आज तक टिकी हुई हैं…
आज के समय जो इमारतें बनती है… बनाने वाले ये अच्छे से जानते हैं कि…
जितना ज़्यादा भ्रष्टाचार करेंगे… उतना ज़्यादा कमाएँगे… और परिवार उतनी ज़्यादा मौज करेगा…!!
@Voiceofpavan में भी क्षत्रिय हूँ इन्ही महाशय के समाज का तो अब महाशय सिर्फ़ युवाओ को बड़गला रहा है
बाक़ी सब के सब क्षत्रिय है इसमें ना ब्राह्मण और बनिया समाज कहाँ गया लेकिन ये लोकतंत्र में ठेका लेके बैठा है
ये Gen-Z युवक हर्ष दुबे अकेले ही सब पर भारी है
हर्ष दुबे: “सोनम वांगचुक कहाँ भर्ती थे?”
एक्टिविस्ट: “मेदांता।”
हर्ष: “नहीं। वो सफदरजंग में थे, लेकिन उन्हें शक हुआ कि -40 मार्क्स वाला डॉक्टर उनका इलाज कर रहा होगा, इसलिए उन्होंने मेदांता शिफ्ट करवाया।” 🔥
बेचारों की बोलती बंद