एक बड़ा सो कॉल्ड बाहुबली नेता विपक्ष के बड़े लीडर से मिला,
राज्यसभा चुनाव लड़ने और जीतने का दम्भ भरा,
लेकिन जब पर्चा भरने की बारी आई तो
पलट गया,
पूरा दबदबा ही फुस्स हो गया
राजपूत मुख्यमंत्री
राजपूत रक्षामंत्री
राजपूत विधान परिषद
अब राजपूत राज्यसभा सांसद
मौर्य, शाक्य, कुशवाहा लोगों आप दरी बिछाने का काम अच्छे से करते रहो!
आपको बजाने के लिए घंटा दिया जाएगा।
राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए उम्मीदवार को लेकर समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा- “हमारे उम्मीदवार का नाम सुनकर बीजेपी और पूरा राज्य हैरान रह जाएगा”
दिल्ली के एक कांग्रेस नेता से मेरी बात हो रही थी वो कह रहे थे पिछले दिनों हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में राहुल गांधी ने सीधे शब्दों में कहा है उत्तर प्रदेश में चुनाव सपा के साथ लड़ेंगे अखिलेश यादव जो सीटें दे रहे हैं वो ले लो, जिसपर प्रियंका गांधी ने कहा सीटों की बात वो अपने तरीके से हैंडल करेगी टीम प्रियंका सपा पर प्रेसर बनाने के लिए ऊल जलूल बयान दे रही है मगर सपा प्रेसर में आ नहीं रही है अंतोगत्वा राहुल-अखिलेश ही इस पूरे मामले को सुलझाएंगे।
मायावती ने आकाश आनंद को फिर से BSP में शामिल कर लिया. आकाश को राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया है.
मायावती ने कहा - आकाश आनंद के व्यक्तित्व में काफी बदलाव आया है.
मेरठ के सरधना से सपा विधायक श्री अतुल प्रधान द्वारा महात्मा ज्योतिबा फूले जी एवं माता सावित्रीबाई फूले जी की स्मृति में कस्बा लावड़ में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान एक हज़ार मेधावी छात्राओं को साईकिल वितरित की गई।
ज्ञानेश कुमार सरकार के लिए अब उपयोगी नहीं रहे।आए दिन हो रहे ख़ुलासे और विवादों से ज्ञानेश जी सरकार पर बोझ बनते जा रहे है।सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों को उपयोगी लोग की आवश्यकता होती है।चाहे सत्ता किसी की भी हो।अब सिर्फ ये देखना है कि,सरकार कब तक इस बोझ को अपने कंधे पर रखती है !
मोदी सरकार का तीसरा कार्यकाल चल चल रहा है।इस सरकार ने एक सबसे बड़ा डर ये दिखाया कि,मुस्लिमों की जनसंख्या इतनी बढ़ जाएगी कि एक दिन वो पूरे देश पर क़ब्ज़ा कर लेंगे।ये हिन्दू हृदय सम्राट की सरकार है।लेकिन जब ये देखता हूँ कि हिन्दुओं के लिए सरकार ने क्या किया ? तो कुछ नज़र नहीं आता।देश ने दो बार पूर्ण बहुमत दिया।ले आते जनसंख्या नियंत्रण क़ानून ! क्यों नहीं लाए ? सिर्फ़ डर बेचा,वोट लिए और टैक्स लगाया।
हालात यें हो गये हैं कि मोदी ने बीजेपी को तो बरबाद किया ही है साथ में RSS को भी कही का नहीं छोड़ा। सबसे बुरा हाल तो देश की सबसे बड़ी अदालत SC का है जिससे आज कोई न्याय की उम्मीद ही नहीं करता।
यूपी में 2027 चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन में सीटों का घमासान शुरू हो गया है।
जनता को नेताओं की यह आपसी 'जूतमपैजार' और महत्वाकांक्षाओं की जंग बिल्कुल पसंद नहीं आती।
बड़े नेता खुद सामने न आकर 'दोयम दर्जे' के नेताओं का उपयोग करते हैं, जो बात को और 'गुड़गोबर' करने में कोई कसर नहीं छोड़ते।
अगर चुनाव से पहले ही यह हाल है, तो मतदाता भरोसा कैसे करेंगे?
ये तो ग़ज़ब हो गया!
राज्यसभा के लिए यूपी ने दिल्ली को 25 नाम भेजे थे। दिल्ली ने इसमें से 24 नाम काट दिए। सिर्फ एक को ही चुना। प्रियंका रावत। बाक़ी के 7 नाम दिल्ली ने अपने हिसाब से तय किए।
चुनाव आयोग ने दावा किया था कि SIR प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन 'फॉर्म 6' के साथ जोड़े गए नए बदलाव को सुप्रीम कोर्ट ने मंज़ूरी दी थी।लेकिन आज CJI सूर्य कांत ने साफ़ कर दिया है कि सुप्रीम कोर्ट ने SIR के दौरान वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म 6 के किसी भी बदले हुए रूप को मंज़ूरी नहीं दी है।यानि एक और झूठ पकड़ा गया…
बीजेपी ने पहले रवनीत सिंह बिट्टू को मंत्री पद से हटाया।अब हरदीप पुरी को राज्य सभा नहीं भेजा।संकेत से लग रहा है कि,उन्हें भी मंत्री पद छोड़ना पड़ेगा।पंजाब में चुनाव है।तो क्या अकाली दल फिर से कैबिनेट में शामिल होगा ? या फिर बीजेपी को पंजाब से कोई उम्मीद नहीं बची ?