मोदी के नए भारत की आकांक्षा का विस्फोट,
अब चुनौती सशक्तिकरण की नहीं, स्केलेबिलिटी की है।
सरकार भले ही 5G मोड पर हो लेकिन ब्यूरोक्रेसी 2G मोड पर और संस्थान लिगेसी मोड पर हैं तो बफरिंग तो होगी ही।
जब भी किसी मंदिर, आश्रम, सरकार, विश्वविद्यालय या किसी प्रतिष्ठित संस्था में वित्तीय अनियमितताल की बात सामने आती है, समाज का पहला निष्कर्ष होता है—"मनुष्य बदल गया है।"