भाजपा संगठन के अधिकतर नारे बूथ से शुरू होते हैं और बूथ पर ही ख़त्म होते हैं। ऐसे में बाँकीपुर के चुनाव परिणाम आत्ममंथन माँगते हैं।
विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी का मुखिया अपना ही बूथ हार गया। जिसे उम्मीदवार बनाया गया, वो भी अपना बूथ हार गया। जो रामकृपाल यादव राज्��� में सहकारिता मंत्री हैं, उनका भी बूथ BJP हार गई। CP ठाकुर अब निष्क्रिय हो चुके हैं, लेकिन इतने बड़े दिग्गज नेता के बूथ पर भी पार्टी उनकी विरासत को कायम नहीं रख पाई। इससे पहले जिन अभिषेक बंटी को उम्मीदवार बनाया गया था, उनका बूथ तो हारी ही पार्टी।
प्रशांत किशोर की जीत ने 'जन सुराज' को संजीवनी दी है। पहली बार ऐसा हुआ है जब पूरे राज्य का सामान्य वर्ग भाजपा की हार का जश्न मना रहा है, वो भी तब जब उनमें से अधिकतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रशंसक हैं। भरत तिवारी हत्या���ांड पर जिस तरह की निष्क्रियता और संवेदनहीनता दिखाई गई थी, उसका भी साफ़ असर दिख रहा है।
सिर्फ़ कुशवाहा जिताने नहीं आएँगे, आज ये स्पष्ट हो गया है। जाति वाली राजनीति को प्रमुखता देते हुए मुख्यमंत्री चुना गया था, जो काम नहीं आया।
भाजपा संगठन के अधिकतर नारे बूथ से शुरू होते हैं और बूथ पर ही ख़त्म होते हैं। ऐसे में बाँकीपुर के चुनाव परिणाम आत्ममंथन माँगते हैं।
विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी का मुखिया अपना ही बूथ हार गया। जिसे उम्मीदवार बनाया गया, वो भी अपना बूथ हार गया। जो रामकृपाल यादव राज्य में सहकारिता मंत्री हैं, उनका भी बूथ BJP हार गई। CP ठाकुर अब निष्क्रिय हो चुके हैं, लेकिन इतने बड���े दिग्गज नेता के बूथ पर भी पार्टी उनकी विरासत को कायम नहीं रख पाई। इससे पहले जिन अभिषेक बंटी को उम्मीदवार बनाया गया था, उनका बूथ तो हारी ही पार्टी।
प्रशांत किशोर की जीत ने 'जन सुराज' को संजीवनी दी है। पहली बार ऐसा हुआ है जब पूरे राज्य का सामान्य वर्ग भाजपा की हार का जश्न मना रहा है, वो भी तब जब उनमें से अधिकतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रशंसक हैं। भरत तिवारी हत्याकांड पर जिस तरह की निष्क्र���यता और संवेदनहीनता दिखाई गई थी, उसका भी साफ़ असर दिख रहा है।
सिर्फ़ कुशवाहा जिताने नहीं आएँगे, आज ये स्पष्ट हो गया है। जाति वाली राजनीति को प्रमुखता देते हुए मुख्यमंत्री चुना गया था, जो काम नहीं आया।
All nine of these teachers run coaching institutes, and all nine of them are frauds.
Several of them even went to Jantar Mantar during the CJP protest. Abhinay Maths went there four times.
Ashu Sir went there and gave a big lecture on education.
Will even one of these nine fraud teachers go to the Jharkhand JPSC protest today?
Can’t the students who study at their coaching institutes see their hypocrisy either?
Not a single word has come out of their mouths in support of the Jharkhand students.
Umashaker ko ticket kisne diye padam bhusan mulayam kya isliye diye kar sevak goli maarne ko order diye nripendre Mishra ko ram mandir trust ka incharge kisne lallo singh ko ticket kisne diye tab to Yogi neeche kerna tha ab Yogi yaad aa rahe modi koccho c parchi CM baithaye mp
क्या किसी एक व्यक्ति की यह औक़ात है कि योगी जी या BJP को चुनाव हरा दे? मैं ऐसे भ्रम में नहीं जीता। मैं एक ऐसा पत्रकार हूँ जिस पर BJP/NDA (३ बार), AAP (२ बार), काँग्रेस (२ बार), TMC एक बार केस कर चुकी है, हाउस अरेस्ट कर चुकी है और पुलिस भेज कर धमका चुकी है।
मैं वह अदना सा पत्रकार हूँ जिसके पीछे पूरी IT सेल लगी रही, दो-दो चुनाव कैंपेन मैनेजमेंट कंपनियों के लोग लगे रहे, तीन मंत्रियों ने जबरदस्त ट्रोल अटैक करवाए और BJP देखती रही।
तो मुझे यह कन्फ्यूज़न कैसे हो जाएगा कि मैं योगी आदित्यनाथ जी को हरा दूँगा? पिछले १० वर्षों में उनकी नीतिगत आलोचना भी संभवतः १० बार भी नहीं मिलेगी मेरी टाइमलाइन पर।
मैं एक क्षुद्र मनुष्य हूँ, चुनाव जनता हराती है, जनता के विषय ��रिणाम तय करते हैं। मैं इस राजनैतिक स्कीम ऑफ़ थिंग्स में नगण्य हूँ, मित्र!
Junta ne bjp ko kitni seats de thi up modi 240 seat me rah gaye they kitna khula haath de rakha yogiji ko bjp ne modi insecurity unke do baishaki laga rakhi hai health minister kaam up junta dekh rahi kgmu me love jihad chal raha hai majar per majar ban rahi hai road ki haal
क्या किसी एक व्यक्ति की यह औक़ात है कि योगी जी या BJP को चुनाव हरा दे? मैं ऐसे भ्रम में नहीं जीता। मैं एक ऐसा पत्रकार हूँ जिस पर BJP/NDA (३ बार), AAP (२ बार), काँग्रेस (२ बार), TMC एक बार केस कर चुकी है, हाउस अरेस्ट कर चुकी है और पुलिस भेज कर धमका चुकी है।
मैं वह अदना सा पत्रकार हूँ जिसके पीछे पूरी IT सेल लगी रही, दो-दो चुनाव कैंपेन मैनेजमेंट कंपनियों के लोग लगे रहे, तीन मंत्रियों ने जबरदस्त ट्रोल अटैक करवाए और BJP देखती रही।
तो मुझे यह कन्फ्यूज़न कैसे हो जाएगा कि मैं योगी आदित्यनाथ जी को हरा दूँगा? पिछले १० वर्षों में उनकी नीतिगत आलोचना भी संभवतः १० बार भी नहीं मिलेगी मेरी टाइमलाइन पर।
मैं एक क्षुद्र मनुष्य हूँ, चुनाव जनता हराती है, जनता के विषय ��रिणाम तय करते हैं। मैं इस राजनैतिक स्कीम ऑफ़ थिंग्स में नगण्य हूँ, मित्र!
वैसे बाँकीपुर के चक्कर में दतिया मत भूमिएगा। वही दतिया, जहाँ से दिग्गज नेता नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटा गया था। वो रो पड़े थे। CM मोहन यादव ने भोपाल बुलाकर मनाया था।
दतिया से भाजपा हार रही है। आशुतोष तिवारी के रूप में संगठन का एक पुराना चेहरा उतारा गया था, लेकिन ये दाँव काम नहीं आया। यादवों ने भाजपा की जगह 'आज़ाद समाज पार्टी (कांशी राम)' के दामोदर यादव को प्राथमिकता दी। मध्य प्रदेश में भी जाति को ध्यान में रखकर ही मुख्यमंत्री बनाया गया था। काम नहीं आया।
मोहन यादव अपनी जाति का वोट भी नहीं दिला पाए पार्टी को। कुछ हफ़्तों पहले ही 'इंडियन एक्सप्रेस' में ख़बर छपी थी कि कैसे उज्जैन में उनके परिवार-रिश्तेदारों की ज़मीनों में बेतहाशा वृद्धि हुई है उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद। कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब दतिया से कांग्रेस के घनश्याम सिंह जीत रहे हैं।
हालाँकि, ये तर्क दिया जा सकता है कि ये सीट तो कांग्रेस की ही थी। पिछले चुनाव में वही जीती थी। फिर भी, नरोत्तम मिश्रा वाला मामला मिसहैंडल हुआ। चुनाव परिणाम यही कह रहे हैं।
Why are all the female cockroaches playing victim and crying about how ‘they are being abused’ now? Abuse and threats were fine and covered under ‘freedom of speech’ as long as they were the ones doing it?
Tabhi koi vampanthi dhaplibaaj koi bollywoodiya gang shabana naseer javed Jeetanjum nahi dikh raha kyoki koi gaali nahi de raha na abhinav maths dikh raha hai na alak pandey agar ab students nahi samjenge to bhavish i in sabhi ke haatho khelte rahenge
झारखंड के छात्र आंदोलन और राजनीतिक रूप से प्रायोजित अभियानों का अंतर देखिए।
यहाँ जुनैद की बिरयानी नहीं,
मंदिर का लंगर है।
यहाँ फाइव-स्टार टेंट नहीं,
टूटी-फूटी तिरपाल है।
यहाँ पेशेवर आंदोलनजीवी नहीं,
यही असली छात्र हैं।
यह आंदोलन कैमरों और प्रायोजकों के भरोसे नहीं, बल्कि अपने भविष्य, मेहनत और न्याय की लड़ाई लड़ रहे युवाओं के संकल्प पर खड़ा है।
झारखंड के छात्र आंदोलन और राजनीतिक रूप से प्रायोजित अभियानों का अंतर देखिए।
यहाँ जुनैद की बिरयानी नहीं,
मंदिर का लंगर है।
यहाँ फाइव-स्टार टेंट नहीं,
टूटी-फूटी तिरपाल है।
यहाँ पेशेवर आंदोलनजीवी नहीं,
यही असली छात्र हैं।
यह आंदोलन कैमरों और प्रायोजकों के भरोसे नहीं, बल्कि अपने भविष्य, मेहनत और न्याय की लड़ाई लड़ रहे युवाओं के संकल्प पर खड़ा है।
The person who filed the RTI isn't even a BJP member🤦🏻
Yet according to these Naxalites supporters anyone who questions them is BJP member 🤣
Btw, please Demand resignation of Jharkhand CM
Kyo yeh bhi zenz kam se naach rahe hai na gaali de rahe na police waalo per paather fenk rahe na sansad me gusne andolan ker rahi tum to rahno do gaalibaaj ke saath tum ho
"Mummy beemar hai, Instagram pe account hai uska, chhoti se baat se ghabra jaati hai"
"Maine RAF ko Neela-Harpic kaha, Modi ko gaaliya di" tab "Mummy pareshaan nhi hui, lekin jab logo ne tag Kiya toh wo depression mai chali gayi"
A kinner arrived at the stage of Jharkhand students protest and gave 50000 rupees for the food of the students 🙌
This is a perfect example of what a social inclusion looks like and not those abuses from LGBT we saw from Jantar Mantar the other day.
Also, if you see the stage carefully there is a photo of Shibu Soren (father of Hemant soren).
This is perfect example of what a Respect means and not the abuses to father and mother of leaders we saw the other day at Jantar Mantar.
This is how nationalist do protest, culture CJP could never adopt.
@Saurabh_Pinch@Abhinavpinch@TheNewspinch Tum jis josh me modi se accountability mang rahe the kya vo josh rahul gandhi se accountability mangne me khatam ho gyi??
@Saurabh_Pinch@Abhinavpinch@TheNewspinch अरे वामप��थी पालतू पत्रकार..जिस तरह से अपना पिछवाड़ा खुजा खुजा के जंतर मंतर पर जहर उगल रहा था। उस तरह झारखण्ड में जाने पर तेरी गांव फैट रही है???
Inse umeed ker rahe ho dallantop ke branches hai training saurabh se mili ek plan ke tahat yeh alag hue hai tab iske pass paise they jub shuru me bihar me ghoom raha tha rjd ki hawa banane ki liye s ek ulta chasme waali bhi thi
@Saurabh_Pinch@Abhinavpinch@TheNewspinch अरे वामप��थी पालतू पत्रकार..जिस तरह से अपना पिछवाड़ा खुजा खुजा के जंतर मंतर पर जहर उगल रहा था। उस तरह झारखण्ड में जाने पर तेरी गांव फैट रही है???
@Saurabh_Pinch@Abhinavpinch@TheNewspinch जब किसी के पालतू बन जाते हो तो ऐसे ही सफाई देनी पड़ती है दूसरों को गोदी पत्रकार कहना आसान है ज��� खुद पर आती है तो पता चलता है बड़ा क्रांतिकारी बन रहे थे जंतर मंतर आंदोलन के बाद इतना अहम आ गया कि तुमसे बड़ा पालतू कोई और नहीं है अब निकल गई हवा