@mnsadhikrut विरोधकांना बदनाम करणे, खोट्या नरेटिव्ह तयार करणे आणि विरोध मोडून काढण्यासाठी कोणत्याही थराला जाणे हाच भाजपच्या राजकारणाचा खरा चेहरा आहे! कायदा आणि नैतिकतेशी यांना काहीही देणं-घेणं नाही. फक्त बदनामीच गलिच्छ राजकारण!
#MaharashtraPolitics
महाराष्ट्रातील सध्याचे राजकारण आणि गृहमंत्र्यांचे निर्णय पाहता, त्यांनी स्वतःचे पद 'गृ��मंत्री' ऐवजी 'SIT मंत्री' म्हणूनच घोषित करायला हवे. काहीही घडलं की लावा SIT! या तथाकथित अभ्यासू SIT मंत्र्यांनी बाकी कशाचा अभ्यासच केलेला दिसत नाही
#Maharashtra
अमित शाह की दिल्ली पुलिस खुद तो गुंडागर्दी पर उतर ही आई - RSS-BJP के असली गुं���ों को भी महिलाओं और युवाओं पर हिंसा करने की खुली छूट और बढ़ावा दे रही है।
जैसा मैंने कहा था, Mogambo Modi और उसकी सरकार जितना दबाएगी, Gen Z और छात्रों का गुस्सा उतना ही बढ़ेगा।
सोमवार, 12 अक्टूबर को कांग्रेस, पूरा INDIA गठबंधन और देश के युवा बड़ी संख्या मे�� एक बार फिर सड़कों पर उतरेंगे। और इस बार भी आवाज़ पूरे देश में गूंजेगी - पहले से कहीं ज़्यादा।
@AmitShah, जितनी पुलिस लानी है, 10 हज़ार, 20 हज़ार, 40 हज़ार, ले आइए। BJP-RSS के जितने गुंडे बुलाने हैं, बुला लीजिए।
हम डरने वाले नहीं हैं। पीछे हटने वाले नहीं हैं। ये लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है!
सोमवार को हम मुख्य न्यायाधीश से भी मिलेंगे और मांग करेंगे कि जब दिल्ली की सड़कों पर संविधान को तार-तार किया जा रहा है और ल��कतंत्र को कुचला जा रहा है, तब कानून के संरक्षक आंखों पर पट्टी डाल कर नहीं बैठ सकते।
संविधान की धज्जियां उड़ेंगी और हम चुप बैठेंगे? ऐसा हरगिज़ नहीं होगा। जवाबदेही तय करवाकर रहेंगे!
The online Form 6 was changed illegally - as the EC's own Commissioners have recorded.
Who at the ECI ordered Tata Consultancy Services to make that change?
Who at TCS signed off on it? And were they pressured into doing it?
@kanishkajadhav ही योजना फक्त नेत्यांचे खिसे भरण्यासाठी आणि स्वतःचा फायदा करून घेण्यासाठीच राबवली गेली. प्रत्यक्ष ग्राउंडवर याचा काहीही सकारात्मक परिणाम झालेला नाही.
पाऊस कमी पडो की जास्त, या योजनेचा पाणीसाठ्यावर किंवा दुष्काळ निवारणावर १% देखील फरक पडलेला नाही. परिस्थिती जिथे होती तिथेच आहे.
Yesterday, @IndianExpress reported an unprecedented rupture inside the Election Commission: TWO of its three members objecting on record, 14 times in 10 months, to decisions taken without their knowledge.
Today, the second part of our investigation looks at the concern Election Commissioners Sukhbir Singh Sandhu and Vivek Joshi flagged most often: Who really controls our electoral rolls?
We followed that question to Goa, where we found something deeply concerning.
Stay with me....
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Vote chori is a crime against the Indian people and a direct attack on our constitution.
The BJP, RSS and EC who organised it have committed an act of treason.
Justice will be served.
Gyanesh Kumar is the enemy of India.
More than 12 crore names have reportedly been deleted from electoral rolls.
That is roughly 12.4% of the 97 crore registered electorate around the 2024 Lok Sabha election.
The gap between the BJP-led NDA and the opposition was just 2%.
Gyanesh Kumar isn’t conducting elections, he is scripting them.
हर बार BJP सरकार का वही शर्मनाक पैटर्न - हादसों से पहले रोकथाम नहीं, उनके बाद बयानबाज़ी होती है, कुछ छोटे अफ़सरों पर ज़िम्मेदारी मढ़ दी ज��ती है, और असली गुनहगार जवाबदेही मुक्त रहते हैं।
सत्य निकेतन में छात्रों से भरी इमारत का गिरना कोई अकेली त्रासदी नहीं है। पिछले 4 महीनों में सैदुलाजाब में ऐसी त्रासदी में 6 लोगों की मौत हुई, हौज़ रानी में आग ने 22 जानें ले लीं। हर बार जिंदगियां, सपने और अरमान मलबे में दबते हैं - और हर बार कार्रवाई गायब रहती है।
और जवाबदेही मांगने पर प्रधानमंत्री खुद आपको “दिमागी नक्सल, नाराज़ फूफा” जैसे अपमानजनक तमगे दे देते हैं - मकसद, सवाल पूछने वालों को शर्मिंदा करो, बदनाम करो और चुप करा दो।
12 साल में ये सरकार दुनिया भर की बातें कर के आपको गोल-गोल घुमाती रही, लेकिन मुद्दे की बात नहीं की। दिल्ली में "ट्रिपल इंजन" सरकार है, तो अब किस बात से लाचार है?
लाचारी है नीयत की - क्योंकि जहां नीयत नहीं होती, वहां जवाबदेही भी नहीं होती।
There Is No Accountability.
#TINA
सोचिए, ऐसा क्या गुनाह किया था इन बच्चों ने कि इन्हें गोली मार दी गई?
इन्होंने सरकार से सिर्फ़ तीन चीज़ें माँगी थीं - शिक्षा, रोज़गार, और जवाबदेही।
एक छात्र के पैर की हड्डी AK 47 की गोली से टूट गई। सेना में जाकर देश की सेवा करने का उसका सपना भी उसी के साथ चला गया। दो और छात्रों के कंधों को गोली चीरती हुई निकल गई।
ये अपराधी नहीं थे��� ये ग़रीब घरों के वो बच्चे थे जो अपने परिवार के सपने लेकर पढ़ने निकले थे - किसी को अच्छी नौकरी चाहिए थी, किसी को अपने घर के हालात बदलने थे।
गोली के घाव भर जाएंगे - पर जो डर इन बच्चों के भीतर बैठ गया है, उसका इलाज किस अस्पताल में होता है?
प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी - इनकी टूटी हड्डी तो जुड़ जाएगी। क्या इनका टूटा हुआ सपना आप लौटा सकते हैं?
This is torture on live TV
If @Subhashgarg1960 had thrown any more facts at her - this @ndtv intern-anchor would have burst out in tears.
Imagine, trying to counter the former Finance Secretary, by lecturing him on the 'sanctity' of Govt numbers🤦🏻♂️
भाजपा और 'वोट चोरी आयोग' के तरीके बदलते रहते हैं, और बदलते रहेंगे - मकसद बस एक ही है: किसी भी क़ीमत पर BJP की जीत, और भारत के लोकतंत्र का अंत।
महाराष्ट्र 2024 - लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच अचानक 39 लाख नए वोटर जुड़ गए। मैंने तब भी कहा था, आज भी कहता हूँ: यह वोट चोरी थी।
बंगाल 2026 - SIR में जिन नामों को काटा गया, उनमें से 91% नाम अपील के बाद वापस जोड़ने पड़े। यानी हर 10 में से 9 नाम गलत तरीके से काटे गए, और नाम चुनाव के बाद ही जोड़े गए। मैंन��� तब भी कहा था, आज भी कहता हूँ: यह वोट चोरी थी।
और अब महाराष्ट्र में 2.07 करोड़ मतदाताओं को ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर कर दिया गया है - यानी हर पांचवां वोटर।
लोक सभा 2024: 9.29 करोड़
विधान सभा 2024: 9.7 करोड़
SIR 2026: 7.78 करोड़
कौन सी लिस्ट सही थी?
वोट चोरी से बनी सरकार के लिए जनता ज़रूरी नहीं है - यही कारण है कि ये BJP न जनता की सुनती है, न उनका आदेश मानती है।
चुनावी राहत खत्म, महंगाई की गर्मी तैयार!
29th April के बाद देखिए - पेट्रोल, डीज़ल, सब महंगे होंगे।
जब तेल सस्ता था, मोदी सरकार ��े अपना मुनाफ़ा रखा। अब महंगा है, तो बोझ आप पर डालेगी।
सस्ते की लूट मचाती सरकार - जनता को बस महंगाई की मार।
संशोधन विधेयक गिर गया।
उन्होंने महिलाओं के नाम पर, संविधान को तोड़ने के लिए, असंवैधानिक तरकीब का इस्तेमाल किया।
भारत ने देख लिया।
INDIA ने रोक दिया।
जय संविधान।
महाराष्ट्राच्या राजकारणाचा गेल्या काही काळात पार विचका झाला आहे त्यावर खरंतर भाष्य पण करावं असं वाटत नाही. पण तरीही आज दिवसभर ज्या घडामोडी सुरु आहेत त्यावर बोलावंच लागेल.
राष्ट्रवादी काँग्रेस पक्षासारख्या अस्���ल मराठमोळ्या मातीतला, आणि रांगड्या पक्षाचा अध्यक्ष हा कोणीही मराठी असावा, पाटील असावा पण पटेल नाही !