महोदय ,
मैं चाहता हूं आप जैसे मार्गदर्शक के साथ जुड़े।आप हमसे जुड़े है इसके लिए धन्यवाद।मुझे नही चाहिए लाइक , कमेंट और शेयर।
बस आपका आशीर्वाद और प्यार चाहिए और आधिकारिक न्यूज चाहिए।विभागीय खबर चाहिए।आपकी गोपनीयता बरकरार रहेगी ये मेरा वादा..
रंजीत कुमार
👉@desitantra 👈 को फॉलो कीजिए।
@samrat4bjp जी..
हर प्रखंड में डिग्री कॉलेज तो खुल गया लेकिन वहां सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है? लड़के और लड़कियां के लेकर कुछ अनबन हुआ। घटना हुई तो क्या होगा? डिग्री कॉलेज का उद्घाटन आसान था लेकिन चुनौती बहुत है। बाकी आगे देखना है क्या होता है..
मुझे किसी धर्म या समुदाय से कोई नाराज़गी नहीं है। मेरा मतभेद कभी व्यक्ति की आस्था से नहीं, बल्कि उसके सार्वजनिक दावों और जवाबदेही से रहा है।
पत्रकारिता का धर्म पक्ष या विपक्ष में खड़ा होना नहीं, बल्कि सच के पक्ष में खड़ा होना है। सवाल धर्म देखकर नहीं, तथ्यों के आधार पर पूछे
"जब पढ़ाई पीछे छूटी और प्रचार आगे निकल गया"
मैं खान का छात्र था लेकिन अचानक क्या हुआ था..
आर्टिकल पढ़े...
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#KhanSir#FactVsEmotion#StudentVsBrand
इस देश में दो तरह के छात्र हैं।एक वो, जो रात-रात भर जागकर किताबों में भविष्य खोजते हैं।दूसरे वो, जो सिस्टम के अंधेरे कमरों में प्रश्नपत्र खोज लेते हैं।
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#NEETPaperLeak#NEETScam#JusticeForStudents#ExamMafia#EducationScam#CBIInvestigation#NEETUG2026 #PaperLeak #StudentFuture #MedicalAspirants #DesiTantra #EducationUnderAttack #StopExamCorruption #SaveStudentsFuture #NEETTruth #PaperMafia #ExamCorruption #IndiaEducationCrisis
@PetroleumMin@narendramodi@samrat4bjp@HardeepSPuri
बिहार राज्य के खगड़िया जिला अंतर्गत रहीमपुर एनएच31 का पेट्रोल पंप है।
जहां प्रतिदिन CNG डलवाने में प्रॉब्लम होता है । कभी लाइट की समस्या तो कभी प्रेसर की समस्या रहती है। लंबी लाइन और लापरवाही के कारण स्थिति दयनीय है।
उत्तर प्रदेश से बीजेपी के एक व्यक्ति ने जानकारी दी है कि मुख्यमंत्री के करीबी लोगों को बिहार में वोटरों के नाम जोड़ने (addition) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
@yadavakhilesh अगर अभी ध्यान नहीं दिया गया, तो चुनाव के समय हार से कोई नहीं बचा पाएगा।
मैंने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी यही बात कही और लिखी थी, लेकिन विपक्षी नेताओं ने इसे नजरअंदाज किया—और परिणाम सबके सामने है।
सावधान रहें। अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में वोटर लिस्ट के addition और deletion पर जरूर नजर रखें।
“वन नेशन, वन इलेक्शन” की बात करने वाली सरकार @narendramodi@mangalpandeybjp
1.इलाज एक, फीस बार-बार क्यों?
एक ही बीमारी का इलाज चल रहा है, फिर 15–20 दिन पर हर बार नई फीस क्यों देनी पड़ती है? क्या मरीज की जेब ही सबसे बड़ा संसाधन है?
2.फीस और जांच का सरकारी रेट तय क्यों नहीं?
जब हर चीज़ का मानक तय हो सकता है, तो डॉक्टर की फीस और मेडिकल जांच का न्यूनतम और अधिकतम रेट क्यों तय नहीं किया जाता?
3.आयुष्मान योजना का रेट और निजी अस्पताल की लूट में इतना फर्क क्यों?
Ayushman Bharat Yojana के तहत इलाज के पैकेज रेट सरकार खुद तय करती है,
तो फिर वही इलाज निजी अस्पतालों में लाखों में क्यों पहुँच जाता है?
4.दवाइयों का खेल कब तक?
एक ही दवा का composition एक, लेकिन ब्रांड बदलते ही कीमत कई गुना क्यों?
क्या मुनाफा मरीज की मजबूरी से बड़ा हो गया है?
5.जिम्मेदारी से बचने का आसान रास्ता—ग्रामीण डॉक्टर?
क्या सरकार हर कमी का ठीकरा सिर्फ ग्रामीण चिकित्सकों पर फोड़कर
पूरी मेडिकल व्यवस्था की खामियों से पल्ला झाड़ना चाहती है?
सवाल सीधा है:
अगर चुनाव “वन नेशन” हो सकता है,
तो इलाज भी “वन रेट – फेयर रेट” क्यों नहीं?
खबर का असर होते ही मधुबनी में सभी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया। Desi Tantra पर सरकारी दफ्तरों के खुलासों को लेकर विभागीय अधिकारियों के बीच चर्चा तेज हो गई है।
कई जगहों पर सरकारी अधिकारियों से बहस भी हुई, लेकिन दुर्भाग्य यह है कि Desi Tantra पर अपलोड होने वाले वीडियो का नोटिफिकेशन आम लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
@Facebook से आग्रह है कि रिच की समस्या को दूर किया जाए, ताकि वीडियो और हमारी बात आम लोगों तक पहुंच सके।
साथ ही, आम लोगों और ग्रामीण चिकित्सकों से अनुरोध है कि अधिक से अधिक संख्या में WhatsApp ग्रुप से जुड़ें, ताकि सच्चाई हर गांव और हर व्यक्ति तक पहुंच सके।
रंजीत कुमार
"DESI TANTRA "
अगली यात्रा की घोषणा
मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा और जमुई —
इन चार जिलों की यात्रा की तैयारी चल रही है।
इस यात्रा के दौरान मैं ग्रामीण क्षेत्रों में रहकर ग्रामीण चिकित्सा व्यवस्था और ग्रामीण डॉक्टरों की वास्तविक स्थिति को ज़मीनी स्तर पर समझने और दिखाने का प्रयास करूंगा।
तारीख जल्द ही निर्धारित की जाएगी। उम्मीद है कि इन जिलों के ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों और आम जनता का पूरा सहयोग मिलेगा, ताकि सच्चाई को सामने लाया जा सके।
अकेला जरूर हूं, लेकिन संकल्प बड़ा है —
पूरे बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था की सच्चाई उजागर करके रहेंगे।
📞 संपर्क: 8406982081
🌐 https://t.co/lbw1udWN3m से जुड़ें और इस मुहिम को आगे बढ़ाने में सहयोग करें।
@BiharHomeDept@mangalpandeybjp
सूत्रों के हवाले -
रिपोर्टिंग को रोका जा सकता है, क्योंकि वह सरकारी दफ्तरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।
लेकिन कान खोलकर सुन लीजिए—
अगर मेरी रिपोर्टिंग में किसी भी तरह की बाधा डाली गई, तो मैं एक-एक दिन के जनरेटर खर्च से लेकर पूरे जिले के खर्च का हिसाब सामने लाना शुरू कर दूंगा।
मुझे सड़क छाप समझने की भूल न करें, अधिकारी महोदय।अन्यथा PMCH घोटाले से लेकर हर सिविल सर्जन (CS) से जुड़े घोटालों की परत-दर-परत सच्चाई उजागर कर दी जाएगी।
मंत्री जी तक यह बात पहुंचा दीजिए—
रंजीत कुमार सिर्फ नाम नहीं है, बल्कि पत्रकारिता के शीर्ष संस्थानों से पांच डिग्रियां रखने वाला व्यक्ति है, और सच सामने लाना ही उसका पेशा भी है और जिम्मेदारी भी।
महामारी के दौर में शहरों के बड़े अस्पतालों में जान बचाने के नाम पर 50 हजार से लेकर लाखों रुपये तक अग्रिम जमा कराए जा रहे थे, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण डॉक्टर आधी रात 12 बजे भी बिना फीस या मामूली रकम में लोगों की सेवा कर रहे थे। उस कठिन समय में पूरे गांव की उम्मीद यही ग्रामीण डॉक्टर बने हुए थे।
मंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक उनकी सराहना कर रहे थे, World Health Organization ने भी माना कि महामारी के दौरान गांवों में इनकी भूमिका बेहद अहम रही।लेकिन जैसे ही हालात सामान्य हुए, अचानक सदन से एक शब्द उछाला गया—“झोलाछाप”!सवाल यह है कि संकट के समय जो “जीवनदाता” थे, वे हालात सुधरते ही “अवैध” कैसे हो गए?क्या व्यवस्था की याददाश्त इतनी कमजोर है, या फिर जरूरत के हिसाब से सम्मान और अपमान तय किया जाता है?बेशर्म सरकारें सब कुछ भूल गईं।
लेकिन जब तक न्याय नहीं मिलेगा, आवाज उठती रहेगी।
प्रिय ग्राम रक्षा दल के साथियों,
आपके कई नेताओं ने हक और अधिकार के लिए आंदोलन किया, लेकिन नीतिगत स्तर पर न तो सही रणनीति बनी और न ही प्रभावी रिपोर्टिंग हो पाई। अब बिहार के विभिन्न जिलों—बक्सर, अररिया, सुपौल, सारण—से लगातार कॉल आ रहे हैं। आप सभी की यह इच्छा है कि पूरे बिहार में आपके अधिकारों के लिए एक मजबूत और संगठित प्रयास किया जाए।
मैंने कई दस्तावेजों का गहन अध्ययन किया, PDF के माध्यम से रिसर्च किया और इस निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि ग्राम रक्षा दल की मांगें पूरी तरह जायज हैं।
आपका साथ और सहयोग बना रहे, इसी अपेक्षा के साथ आगे बढ़ रहे हैं। निश्चिंत रहें, हम सब मिलकर इस व्यवस्था को आपको अधिकार देने के लिए मजबूर करेंगे। वर्षों तक सेवा देना आसान नहीं होता, और सेवा के बदले सुविधा व वेतन न मिलना प्राकृतिक न्याय के भी खिलाफ है।
#DesiTantra_Media_Foundation
#DESITANTRA
#RanjeetKumar
8406982081
प्रिय ग्राम रक्षा दल के साथियों,
आपके कई नेताओं ने हक और अधिकार के लिए आंदोलन किया, लेकिन नीतिगत स्तर पर न तो सही रणनीति बनी और न ही प्रभावी रिपोर्टिंग हो पाई। अब बिहार के विभिन्न जिलों—बक्सर, अररिया, सुपौल, सारण—से लगातार कॉल आ रहे हैं। आप सभी की यह इच्छा है कि पूरे बिहार में आपके अधिकारों के लिए एक मजबूत और संगठित प्रयास किया जाए।
मैंने कई दस्तावेजों का गहन अध्ययन किया, PDF के माध्यम से रिसर्च किया और इस निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि ग्राम रक्षा दल की मांगें पूरी तरह जायज हैं।
आपका साथ और सहयोग बना रहे, इसी अपेक्षा के साथ आगे बढ़ रहे हैं। निश्चिंत रहें, हम सब मिलकर इस व्यवस्था को आपको अधिकार देने के लिए मजबूर करेंगे। वर्षों तक सेवा देना आसान नहीं होता, और सेवा के बदले सुविधा व वेतन न मिलना प्राकृतिक न्याय के भी खिलाफ है।
#DesiTantra_Media_Foundation
#DESITANTRA
#RanjeetKumar
8406982081
#Desitantra ने जो ग्रामीण चिकित्सक के लिए मुहिम शुरू किया। आपके दृष्टिकोण से अबतक कैसा रहा? क्या बदलाव होना चाहिए? कमेंट में बताए.
बिहार में ये मुहिम तबतक चलेगी जब तक कानूनी मान्यता प्राप्त नहीं हो जाए। ग्रामीण चिकित्सक पर बहस हो सकता लेकिन उनके कार्य को इग्नोर नहीं किया जा सकता.
WhatsApp से जुड़े
8406982081