ये रोज़ अली है
मतलब था....
नलबारी, असम में एक तरफ़ा प्यार रिजेक्ट होने पर ये ज@ हादी असल वृति पर आया
इसने हिन्दू लड़की पर चाकू से ह# मला किया
और बचाव में आये अन्य हिन्दू युवा को मा@ डाला.....
पुलिस ने इसे गिरफ्तार किया और जब अपराध में प्रयुक्त हथियार बरामद करने इसे लेकर गयी... इसने पुलिस पर हमला कर भागने का प्रयत्न किया (ऐसा पुलिस का कहना है 😊)
खैर आत्मरक्षा में पुलिस को गो@ ली चलानी पड़ी.... और रोज़ मिया फुर्र निकल लिए
योगी जी के यहां फैसला ऑन द स्पॉट 🔥🤟
सूर्या चौहान का हत्या किया था
फैसला ऑन द स्पॉट हुआ
अपराधियों का पुराना भरोसा था कि कहीं न कहीं खिड़की जरूर मिल जाएगी, इनाम लग जाए तो भी समय मिल जाएगा, दोस्त मदद करेंगे
मोहम्मद असद भी उसी सोच के साथ खोडा में घूम रहा था लेकिन योगी जी ने पूरे सिस्टम को बदल दिया
अब खुफिया नेटवर्क तेज है, रात में भी एक्शन होता है और न्याय परिवार तक खुद पहुंचता है।
DCP धवल जायसवाल ने कैमरे पर खुलकर सब कुछ बताया, कोई बात छिपाई नहीं गई, यही जवाबदेही नई यूपी की पहचान है
सूर्या प्रताप चौहान के परिवार को न्याय मिल गया
#zerotoleranceoncrime
बकरीद को लेकर माहौल टाइट हैं 🔥🤟
मुस्लिम एरिया में पुलिस का फ्लैग मार्च
गलती से भी सड़कों पर नमाज मत पढ लेना
यदि गाय की कुर्बानी को सोचा तो फैसला ऑन द स्पॉट
यही तो BJP सरकार के फायदे हैं।
चुनाव हारने के बाद "ममता बनर्जी" की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं⚠️
"ममता बनर्जी" के खिलाफ सिलीगुड़ी साइबर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है
आरोप है कि उन्होंने 2025 में कोलकाता में ईद के एक कार्यक्रम के दौरान और फिर 2026 चुनाव के पहले विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंदू धर्म के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी.
यह शिकायत BJP कार्यकर्ता और वकील "रिंकी चटर्जी" ने दर्ज कराई है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि 2025 में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश के दौरान उन्हें उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था.
ऋषिकेश में गंगा नदी में कुछ हिंदू राफ्टिंग कर रहे थे जब उन्होंने नदी के बीच में तेज धारा में फंसकर डूब रही एक गाय को देखा।
वे हिंदू तुरंत गाय को बचाने के लिए आगे बढ़े, उसकी जान बचाई, उसे नदी से बाहर खींच लिया और अपनी राफ्टिंग बोट पर बिठा लिया।
बाद में, उन्होंने इसे नदी किनारे एक सुरक्षित स्थान पर सुरक्षित छोड़ दिया।
यह हिंदू धर्म की सुंदरता है - हिंदू जानवरों के प्रति क्रूरता नहीं दिखाते, बल्कि उनका संरक्षण करते हैं और उन्हें अपने परिवार का हिस्सा मानते हैं।