दिमागी नक्सल की परिभाषा....
हर वो शख्स जो देश के प्रति वफादार नही है दिमागी नक्सल है,वो शख्स जो देश के टुकड़े करने की दुर्भावना रखता है दिमागी नक्सली है,जो देश का नमक खाकर भी जहर उगलता है दिमागी नक्सली है,जिसे राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान से दिक्कत है वह दिमागी नक्सल है ! जय हिंद,
@aajtak दिमागी नक्सल की परिभाषा....
हर वो शख्स जो देश के प्रति वफादार नही है दिमागी नक्सल है,वो शख्स जो देश के टुकड़े करने की दुर्भावना रखता है दिमागी नक्सली है,जो देश का नमक खाकर भी जहर उगलता है दिमागी नक्सली है,जिसे राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान से दिक्कत है वह दिमागी नक्सल है ! जय हिंद,
@SainiS92853 दिमागी नक्सल की परिभाषा....
हर वो शख्स जो देश के प्रति वफादार नही है दिमागी नक्सल है,वो शख्स जो देश के टुकड़े करने की दुर्भावना रखता है दिमागी नक्सली है,जो देश का नमक खाकर भी जहर उगलता है दिमागी नक्सली है,जिसे राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान से दिक्कत है वह दिमागी नक्सल है ! जय हिंद,
#PMAtRozgarMela
आज गांवों में भी बदलाव तेजी से दिखाई दे रहा है। Connectivity बढ़ने से किसानों, छोटे व्यापारियों, विद्यार्थियों के लिए नए रास्ते खुले हैं: PM Modi
via NaMo App
##12YearsOfGaribKalyan
पीएम आवास के अंतर्गत 4 करोड़ घरों का निर्माण हो या उन्हें शौचालय, एलपीजी और नल से जल जैसी सुविधाओं से सुसज्जित करना - पीएम मोदी की अगुवाई में आज भारत में एक ऐसी आवास क्रांति का जन्म हुआ है, जिसने करोड़ों लोगों को नई उम्मीद दी है।
via NaMo App
##12YearsOfGaribKalyan
किसी दौर में दुनिया में चर्चा होती थी कि करोड़ों भारतीयों के पास बैंक खाते तक नहीं हैं, लेकिन आज पीएम मोदी की सोच ने पूरी तस्वीर बदल दी है और हर नागरिक के पास अपना बैंक खाता है, जिससे वे अनगिनत सरकारी योजनाओं का लाभ भी सीधे उठा सकते हैं।
via NaMo App
सावरकर माने त्याग,
सावरकर माने तप,
सावरकर माने तत्व,
सावरकर माने तर्क,
सावरकर माने तारुण्य,
सावरकर माने तीर,
सावरकर माने तलवार…
श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की इस कविता में सुनिए, सावरकर का असल अर्थ और उस व्यक्तित्व की पुकार, जिसने जीवनभर राष्ट्र को ही अपना धर्म माना।
आपके एक वोट की ताकत!
2025 में कोलकाता के रेड रोड पर नमाज पढ़ते लोगों की भीड़ देखिए!
सत्ता बदल गयी...
अब 2026 में उसी रेड रोड की स्थिति देखिए, बकरीद के दिन पूरी तरह खाली!
BJP की सरकार आते ही बांग्लादेशी वापिस जा रहे हैं …. पर इनको अंदर किसने आने दिया था ?
क्या कभी भी राहुल गाँधी, ममता बनर्जी या अखिलेश यादव ने अवैध घुसपैठियों के ख़िलाफ़ कुछ बोला ? कभी नहीं ! क्यों ?
राष्ट्र की स्वतंत्रता हेतु कठोरतम अमानवीय यातनाएं सहकर अपना जीवन मातृभूमि के चरणों में अर्पित करने वाले माँ भारती के अमर सपूत, महान स्वतंत्रता सेनानी ‘स्वातंत्र्यवीर’ विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर सादर नमन।
उनकी क्रांतिकारी चेतना और संघर्षपूर्ण जीवन हमें सदैव राष्ट्रहित में समर्पण, साहस और अटूट संकल्प का अमूल्य संदेश देता रहेगा।
मेरे प्यारे बच्चों,
गर्मी की छुट्टियां आप सभी के लिए आनंद, उत्साह और नए शोध का समय लेकर आती हैं। किशोर एवं युवा इन छुट्टियों में नई भाषा या नया कौशल सीख सकते हैं।
प्रिय अभिभावकों, मेरा आपसे आग्रह है कि इन छुट्टियों में बच्चों को ननिहाल-ददिहाल अवश्य ले जाएं। उन्हें परिवार के साथ समय बिताने दें, ताकि वे अपने संस्कारों और परंपराओं को निकट से जान सकें। ग्रीष्मावकाश में आप बच्चों को प्रकृति से जोड़ने का भी प्रयास करें।
मेरी आप सभी से अपील है कि इन छुट्टियों को प्लास्टिक मुक्त बनाने का भी संकल्प लें। छोटे-छोटे प्रयास ही भविष्य के बड़े परिवर्तन का आधार बनते हैं।