राम मंदिर का प्रधानमंत्री जी ने ट्रस्ट बनाया और खुद के आदमियों को ट्रस्ट के अंदर बैठाया।
चम्पतराय खुद प्रधानमंत्री का आदमी है,
और इस मंदिर में सर्वेसर्वा खुद चम्पतराय था।
अगर जमीन घोटाले की बात करे तो इस मंदिर ट्रस्ट को 2021 में एक जमीन बेची गई थी,
उस जमीन को इनकी पार्टी के एक आदमी ने 10 मिनट पहले 2 करोड़ में खरीदा था फिर मंदिर ट्रस्ट को 18 करोड़ में बेचा गया।
कितना बड़ा फ्रॉड चल रहा है देश में, किसको बचा रहे हैं मोदी जी।
#KiskoBachaRaheModiJi
धर्मेंद्र प्रधान के अनुसार जो भी पेपर लीक का विरोध कर रहे हैं वो "देशद्रोही" हैं।
नितिन गडकरी के अनुसार जो इथेनॉल का विरोध कर रहे हैं वो "लॉबीज" हैं।
मतलब इन स्वघोषित ईमानदारों के अनुसार, विरोध करने वाली कोई भी "आम जनता" नहीं है।
अभी तो बारिश ठीक से शुरू भी नहीं हुई है
और हर तरफ से नए नए एक्सप्रेसवे और हाईवे पर सड़कें धसने के वीडियो आ रहे हैं
यह दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे का हाल है
पंजाब में पर्दे के पीछे भी एक गजब खेल हुआ....सब चन्नी और रंधावा में से किसी एक के पीसीसी चीफ बनने में उलझे रहे....दोनों नेता तो बहुत पहले ही रेस में पिछड़ गए थे....सारा खेल हो रहा था विजय इंदर सिंगला के लिए....सिंगला अपने दिल्ली कनेक्शन और राहुल गांधी के करीबी नेताओं की लॉबिंग से जबरदस्त दबाव बनाए हुए थे....एक बार तो ऑर्डर निकलते-निकलते रह गए थे....लेकिन वेणुगोपाल ने प्रभारी बघेल के जरिए बदलावों की उथल पुथल को अपनी प्लानिंग से शांत कर दिया....मतलब वेणुगोपाल भारी पड़े....
हद हो गई किसान को अपने खेत में घुसने नहीं दिया जा रहा हैं कंपनी की दादागिरी देखिए खेत मालिक को पूछा तक नहीं अनुमति तक नहीं ली खेत मालिक को मुआवजा तक नहीं दिया सीधा कम शुरू कर दिया किसान बात करने गया तो उसको अपने खेत में नहीं घुसने दिया
महात्मा गांधी नरेगा ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार और आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार बनी अशोक गहलोत सरकार ने इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने ग्रामीण विकास को गति देने और जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराने का प्रयास किया
@BharatP92900148@ashokgehlot51 घुमंतू समाज को गहलोत सरकार ने 'कल्याण बोर्ड' बनाकर विशेष योजनाएं दीं ।
बाकि कुछेक को MBC आरक्षण भी गहलोत साहब ने ही दिया था ।
गरीब को 25 लाख का स्वास्थ्य बीमा
बिजली फ्री
किसानो को 2000 यूनिट बिजली फ्री
ना जाने कितने ही फायदे दिये गहलोत सरकार ने
@sejalsaini3104@ashokgehlot51 गहलोत सरकार मे गरीब दलित मजदूर वर्ग को भरोसा था कि प्रदेश मे सरकार है और उस सरकार के मुखिया गहलोत साहब है ।
लेकिन वर्तमान मे पर्ची सरकार पर खुद के विधायको को ही भरोसा नही है जनता को कहा से होगा ।
हा अंधभक्त धूर्त होते है उन्हे अंधभक्ति और चाटना बेहद पंसद है ।
घुमंतू समाज हमारे सबसे कमजोर वर्गों में से एक है। इनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के बजाय, पुलिस द्वारा इन पर आंसू गैस के गोले छोड़ना और लाठीचार्ज करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है। राज्य सरकार यह समझने में विफल रही है कि विवादों और समस्याओं का वास्तविक हल केवल बातचीत से ही निकलता है।
प्रशासनिक अधिकारियों को इनके प्रतिनिधिमंडल से मिलकर समय रहते बात करनी चाहिए थी, ताकि ऐसी नौबत ही न आए कि उनका यह आंदोलन बेकाबू हो जाए। जयपुर में होने वाले इस प्रदर्शन की सभी को पूर्व जानकारी थी; इसके बावजूद ऐसी अप्रिय स्थिति का उत्पन्न होना सीधे तौर पर सरकार की अनुभवहीनता को दर्शाता है।