घायल हुए आंदोलनकारियों से अस्पताल जा कर सब दलों के नेता मिल आए हैं --- ये अच्छा कदम है ----लेकिन अब घायल हुए पुलिसकर्मियों की भी कुछ सुध ली लेनी चाहिए ----वे भी इस देश की संतानें हैं ----
प्रिय @dpradhanbjp जी, आपका इमरजेंसी वाला वीडियो देखा। कब तक 'किशोर कुमार को गाने नहीं दिया' बेचते रहोगे? थोड़ी भी लज्जा है या नहीं? यहाँ बच्चे मरे, CBSE में जो आपकी कृपा से हुआ, UGC को तो आप विस्मृत ही कर चुके होंगे, पर हम स्मरण कराते रहेंगे।
@narendramodi जी, कब तक इस गधे को घोड़ा बना कर दिखाते रहेंगे? क्या आपकी पार्टी में एक योग्य व्यक्ति नहीं है शिक्षा मंत्रालय को आपकी ही पार्टी और संघ के 'पुराने विचारों' के अनुसार चलाने वाला?
और हाँ, ऐसे समय में PR मत करवाओ प्रधान जी, बहुत ही घटिया लगता है। आप लोग नई चीजें करो जैसे कि कॉकरोच गिरोह को कोई सड़क दे दो घेर��े के लिए, फिर सारी बात उन्हीं की होगी। ये आईडिया अच्छा है।
अगर जरा भी शर्म बची हो तो चुल्लुभर पानी लेकर उसमें डूब मरो @samrat4bjp
अंतिम यात्रा देख लीजिए एक मानसिक विक्षिप्त और खूंखार अपराधी की..ऐसा खूंखार अपराधी जैसा भारत के इतिहास में अभी तक कोई नहीं हुआ था..जिसको तुरंत न मारा जाता तो न जाने कितने बड़े बड़े अपराध इस धरती पर हो जाते, ऐसे अपराध जो आज तक किसी ने देखे और सोचे तक नहीं होंगे..इसलिए उसका तुरंत मर जाना बहुत जरूरी था..
है न!
भरत तिवारी...
हिंदू था... तिवारी था... सिस्टम से नाराज़ था
इसलि�� 4 गोली मार कर मार दिया
खान होता...या भीम होता तो... जिन्दा होता✍️
आतंकवादी सरेंडर करे तो माफ़ी
तिवारी करेंगे तो बिहार पुलिस 4 गोली मारेगी
ई बिहार है बबुआ... इहाँ एही चलत बा 🚨
Note - शायद किसी ने भी नहीं कहा होगा कि
भरत ने गलती नहीं की थी, गलती भी की अपराध भी किया... और सरेंडर भी....
एक भी ऐसा कारण नहीं है जहाँ भरत के इनकाउंटर को जस्टिफाई किया जा सके....
गोली मारने वाले सस्पेंड किये गए...
जबकि गोली मारने का आदेश देने वाला हत्यारा है
और उसपर टार्गेटेड हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए....
सहमत हैं तो शेयर करें... और आवाज
हत्यारे सिस्टम तक पंहुचायें ✊
प्रयागराज में गजबे खेल हो गया!
ट्रैफिक पुलिस ने एक लड़के का बिना हेलमेट और नंबर प्लेट की में ₹6000 का चालान काट दिया ।
लड़का जेब ढीली करके आगे बढ़ा ही था कि आगे वही साहब खुद बिना हेलमेट के बाइक चमकाते हुए जाते दिखे
लड़के ने रोक कर पूछ लिया— सर, आपका हेलमेट कहाँ है...?
साहब बोले— छूट गया है!
लड़के ने कहा....
वाह साह��� वाह! जनता का भूल जाए तो जुर्माना, और आपका भूल जाए तो बहाना..?
ऊपर से मोबाइल छीनने की कोशिश भी हुई।
मोटर वाहन कानून की धारा 210B कहती है कि अगर नियम तोड़ने वाला पुलिसवाला हो, तो जुर्माना दोगुना होना चाहिए।
अब देखते हैं प्रयागराज पुलिस इस भूलक्कड़ साहब का ₹12,000 का चालान काटती है या स्टाफ को छोड़ देगी l
कानून सबके लिए बराबर है साहब, वर्दी नियमों को तोड़ने का लाइसेंस नहीं देती।
@prayagraj_pol
बिहार में जब से राज्यपाल सैयद अता हसनैन साहब आए हैं, विश्वविद्यालयों में विचित्र समस्याएँ होने लगी हैं। पहले की एड-हॉक नियुक्तियाँ रद्द की जा रही हैं, और उनकी जगह पर किसे रखा जाएगा यह पता नहीं है।
लेकिन मुख्य समाचार वह नहीं है। हाल ही में बिहार में 'डिग्री कॉलेज' खुले हैं और उसमें नियुक्तियाँ होनी थी। चूँकि कॉलेज है तो, अर्हता कॉलेज स्तर के प्रोफेसर की होनी चाहिए, परंतु इन्होंने कह दिया कि स्कूल के जिन शिक्षकों के पास पीएचडी है, वो इन डिग्री कॉलेजों में पढ़ा सकते हैं। कोई लॉजिक नहीं है इस बात का।
इन्होंने विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों के लिए जितनी बार ड्राफ्ट नियम निकाले, हर बार वो UGC के विरोध में थे। जैसे कि MPhil का कॉन्सेप्ट अब नहीं है, पर इन्होंने वो भी जोड़ा। पीएचडी सर्वोच्च डिग्री है, पर वेटेज JRF का 18, पीएचडी का 10 किया है।
डिग्री कॉलेज का सत्र 1 जुलाई से आरम्भ होना है और आज यह अधिसूचना आई है कि 9-12 तक को पढ़ाने वाले शिक्षक, इन कॉलेजों में पढ़ाएँगे। गवर्नर साहब यह तो बताएँ कि 7 दिनों में शिक्षक से प्राध्यापक व�� कैसे बन जाएँगे और विषय की गहराई कैसे माप लेंगे?
और, ये नियुक्तियाँ आप प्राध्यापक के पदों पर पूरे राज्य में एड-हॉक पर पढ़ाने वाले युवा प्रत्याशियों को नहीं दे सकते थे? इतने दिन से विभाग कर क्या रहा था? क्या UGC की गाइडलाइंस पढ़ने वाला कोई नहीं मिला या अपने विवेक से ऐसे निर्णय लिए गए?
आपने PET के माध्यम से जो बच्चे नियुक्ति पाते थे, उसे किस कारण से निरस्त कर दिया गया? अब बिहार के बच्चे क्या करेंगे जो NET की जगह PET के माध्यम से आया करते थे? आप बिहार में एकरूपता कैसे ला सकते हैं जहाँ बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में कॉलेज ३ महीने चल ही नहीं पाते?
राज्यपाल महोदय से आग्रह है कि थोड़ी प्रैक्टिकैलिटी लाएँ, CM @samrat4bjp इसे देखें कि उच्च शिक्षा विभाग कर क्या रहा है। बिहार आख़िर UGC रेगुलेशन को क्यों फॉलो नहीं कर रहा? बच्चे NET क्वालीफाई कर के बैठे हुए हैं और आप स्कूल के शिक्षकों को किस आधार पर प्रमोट कर रहे हैं?
@ABVPVoice आप ��ोग क्या कर रहे हो? सड़कों पर उतरो ये आप ही लोगों के अधिकार की बात है।
यदि चंपत राय दूध के धुले हैं तो उनको पद से, जाँच होने तक, हट कर जाँच में सहयोग देना चाहिए न कि पद पर बने रह कर जाँच को प्रभावित करना चाहिए।
पूर्व में किए गए सत्कर्म, वर्तमान में हो रहे दुष्कर्म पर हावी नहीं हो सकते। ये कुतर्क है। मैं चंपत राय को दोषी नहीं मान रहा, मैं कह रहा हूँ कि दो कौड़ी के घटिया भित्तिचित्रों से ले कर ‘ज्योति स्वरूप’ जैसे आँखों क�� काँटा सदृश हुए कार्य इसी महानुभाव के समय में हुए हैं।
दो तिहाई जीवन राम मंदिर के लिए समर्पित करने का तात्पर्य यह नहीं है कि बचे जीवन में लूट को देखते रहें। उनमें थोड़ी भी नैतिकता है, तो @ShriRamTeerth से हट कर निष्पक्ष जाँच में सहयोग देना चाहिए।
बाकी हर बात छलावा है।
थप्पड़ मारने का अधिकार किसने दे दिया? अरे पुलिस में है तो क्या किसी को भी मारेगा? वर्दी का घमंड है वह तो वर्दी उतरने के ब��द चला जाएगा? फिर जब नौकरी जाएगी फिर बोलेगा हम पर अत्याचार हो रहा है? वैसे ऐसे गुंडों को नौकरी में नहीं रखना चाहिए।
हैलो
माननीय मुख्यमंत्री @vishnudsai जी
ऐसे रोड पर खड़े होकर आम नागरिकों से धन उगाही करने वाले पुलिसकर्मी सिर्फ पुलिस ही नहीं, सरकार की छवि भी खराब करते हैं।
वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि छत्तीसगढ़ पुलिस का एक अधिकारी रात में अपनी पत्नी और बच्चों के साथ मूवी देखकर लौट रहे युवक को अंधेरे में रोककर परेशान कर रहा है। युवक का आरोप है कि उसे मारा-पीटा गया और दबाव बनाय��� गया।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि वीडियो वायरल होने के बाद कार्रवाई की जगह पुलिस उसके बचाव में उतरती दिख रही है। आरोप है कि युवक जिस मकान में किराये पर रहता है, उसके मकान मालिक तक पर दबाव बनाया जा रहा है ताकि उसे घर से निकाल दिया जाए।
वीडियो में युवक पुलिस के सामने कहता है कि उसे मुक्के मारे गए। इसके बावजूद कैमरे के सामने ही उसके साथ आक्रामक व्यवहार किया जा��ा है।
अगर वाकई पुलिस का पक्ष सही है तो निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। लेकिन अगर कोई नागरिक सिर्फ इसलिए संदिग्ध मान लिया जाए कि वह "लोकल नहीं लग रहा था", तो यह बेहद गंभीर सवाल खड़े करता है। कानून का काम नागरिकों की सुरक्षा करना है, उन्हें डराना नहीं।
@ChhattisgarhCMO @vishnudsai @CGPoliceDept
जिस देश में...... एक नेता बलात्कार की घटना पर ये कहे कि जब रेप होना टाला न जा सके तो लेटे रहो 😥..... और बाकी नेता इस बात पर हसने लगें...
जहां गांधी के उपर निबंध लिख देने पर एक बलात्कारी की उम्र कैद की सजा को कम करके 12 साल कर दिया जाए..
जहां बलात्कारी को यह कहकर छूट द�� जाए कि दे दी जाए कि "पापी का भी भविष्य होता है"
वहां एक बच्ची के बलात्कार पर ठहाके लगा देना कोन सी बड़ी बात है..
जिस दिशा में ये देश आगे बढ़ रहा है कोई बड़ी बात नहीं भविष्य में बलात्कार को अपराध भी न माना जाए
दिल्ली की हालत देखो @gupta_rekha जी,
जो शौचालय DDA ने जन–सुविधा के उद्देश्य से निशुल्क इस्तेमाल करने हेतु बनवाया था, उस पर कब्जा कर लिया गया है। अब उसी फ्री टॉयलेट के लिए पैसे देने पड़ रहे हैं। अगर कोई विरोध करे, तो पैसे के लिए झगड़ा करने लगते हैं।
ये सरासर दिनदहाड़े गुंडागर्दी है,
इस पर सख्�� कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ तुरंत कदम उठाए जाने चाहिए।
@ajeetbharti@Katevaria भैया दिल्ली पुलिस इतनी नकारा और भ्रष्ट हो चुकी है की पूछो मत मेरी गाड़ी कल एक सफेद गाड़ी ने ठो�� दी उपर से मुझे वकील होने की धमकी देने लगा वहाँ तीन पुलिस वाले खड़े थे एक उनमे SHO भी था पर किसी ने अभी तक मेरी मदद नहीं की ना इस गाड़ी वाले पर कोई कार्यवाही हुई अभी तक क्या उम्मीद करे
दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के पुलिसकर्मी ने दारू पी कर, सड़क के पार जन्मदिन पर उत्सव कर के, घर जाते बिहार के नवयुवकों से पहले बाता-बाती की, फिर सर्विस रिवॉल्वर निकाला, उन्हें बिहारी होने के कारण गालियाँ दी और छाती से बस कुछ इंच दूरी से गोली मारी, जो ��हले व्यक्ति को चीरते हुए, दूसरे को लगी।
पहला व्यक्ति मर गया, दूसरा गंभीर स्थिति में है। बिहारी है, तो बिहारी होने मात्र के कारण पुलिस वाला उन्हें मार सकता है। दिल्ली पुलिस को कोई प्रशिक्षण आदि मिलता भी है या नहीं?
ये लोग चलते-फिरते घृणा से भरे बम हैं जो अपने पूर्वग्रह के कारण लोगों की हत्या कर रहे हैं। यह स्पष्ट रूप से एक हेट क्राइम है, जिस पर किसी नेता का वक्तव्य नहीं आया है।
बिहार के सांसद-विधायक मुँह में दही जमाए बैठे हैं कि भाजपा कार्यालय से व्हाट्सएप आए तो इस पर कुछ बोलेंगे। भाई नेता हो, तुम्हारा एक ही कार्य है: अपने क्षेत्र के लोगों का प्रतिनिधित्व। यदि वह भी नहीं हो रहा है तो तौलते रहो।
ममता मिश्रा पर फर्जी SC/ST एक्ट लगाया गया है।
अगर इसी मानसिक दबाव में आकर ममता मिश्रा कोई गलत कदम उठा लें, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
क्या हरदोई पुलिस की?
या @myogiadityanath की?
या फिर उस सरकार की, जिसने इस कानून को और मजबूत किया @narendramodi की?
भाई माधव खट्टर जी की ��मानत प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले आदरणीय श्री संजीव पुनालेकर जी, श्री अमय प्रभुदेसाई जी, श्री योगेश देशपांडे जी, बहन काजल हिंदुस्तानी जी, श्री नागेश जोशी जी, श्री घनश्याम उपाध्याय जी और वह सम्माननीय सहयोगी, जिन्होंने इस टीम के संपूर्ण प्रयास में विशेष सहयोग प्रदान किया, आप सभी के प्रति हृदय की गहराइयों से हार्दिक आभार एवं साधुवाद व्यक्त करता हूँ।
हम सभी आगामी न्यायिक प्रक्रिया के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध एवं तत्पर हैं।