@swati_mishr सरकारी नौकरी में पुलिस के अलावा ज़्यादा काम करने वाला कोई है तो वे रेलगाड़ी चालक हैं, उनसे इतना काम करवाया जा रहा है कि उन्हें अपने घर भी जाने का वक्त नहीं मिलता।
@swati_mishr मैं लोको पायलट हूं गोरखपुर जोन NER मे, हमसे हफ्ते में 60 घंटे से ज्यादा काम लिया जाता है महीने में 230-240 घंटे।अधिकारियों और सरकार द्वारा यूनियन को निष्क्रिय बना दिया गया है।यूनियन के चुनाव 7-8 सालों से नही हुआ है। ओवरटाइम का पैसा भी नही मिलता.विरोध करने पर ट्रांसफर हो जाता है ।
★ नेहरुजी कितना जीते और कितना हारे इसका हिसाब लगना जरूरी है..
- नेहरु-पटेल ने 540 रियासतें जोड़ी
- नेहरुजी के नेतृत्व में लगभग 30 लाख स्क्वायर किलोमीटर जोड़ कर भारत का निर्माण हुआ था..
- आज भारत की जमीन लगभग 32,27,263 स्क्वायर किलोमीटर है..पर आजादी के वक्त भारत की जमीन इससे काफी कम थी..आजादी के बाद क्या क्या जोड़ा गया (स्क्वायर किलोमीटर)
● जम्मू काश्मीर : 1,00,000
● गोवा जीता : 3702
● चंदननगर : 19
● दादरा नगर हवेली : 491
★ ये सारे हिस्से आजादी के वक्त भारत का हिस्सा नही थे..इन सारे हिस्सो के लिए नेहरुजी को युद्ध लड़ना पड़ा..
★ ये कवायत यहाँ नही रुकी..भारत की सीमाओं का विस्तार शहीद इंदिरा गांधी और शहीद राजीव गांधी ने भी किया..
- सिक्किम विजय : इंदिराजी ने 7096 स्क्वायर किलोमीटर जोड़ा
- अरुणाचल : राजीवजी ने 83,740 स्क्वायर किलोमीटर जोड़ा..
- सियाचेन : राजीवजी ने 700 स्क्वायर किलोमीटर जोड़ दिया..सियाचेन लद्दाख में ही है..
◆ गांधी परिवार ने लगभग 2 लाख स्क्वायर किलोमीटर जमीन पर भारत की सीमाओं का विस्तार किया..आजादी की लड़ाई आजादी के बाद भी जारी रही..
◆ 32 लाख किलोमीटर जोड़ने में हम 38,000 किलोमीटर हारे यानी लगभग 1% जमीन हारे जोकि आजादी के वक्त हमारा हिस्सा नही थी..कही मैं गलत हूँ तो सुधार दीजिये और देश के गद्दारो को मुंहतोड़ जवाब दीजिये..
#krishiyer
4 दिसंबर को लोकसभा में सरकार ने बताया है कि मोदी के दूसरे कार्यकाल में 2019 से अबतक उद्योगपतियों के 10.09 लाख करोड़ कर्ज़ माफ़ किए गए है। यह भी बताया गया कि, मोदी के दस साल के कार्यकाल में बैंकों का NPA 25 लाख करोड़ है। पर अनुमान है कि NPA की कुल रकम, 30-35 लाख करोड़ होगी।
यूपी पुलिस हेल्पलाइन की लड़कियां 5 दिन से धरना दे रही हैं.
इनकी मांग है कि इन्हें 9 घंटे काम करने का सिर्फ 12 हजार रु. मिलता है, इसे बढ़ाया जाए.
सैलरी तो नहीं बढ़ी, लेकिन मुकदमा जरूर हो गया. फिलहाल शहर से बाहर इको गार्डन में धरना दे रही हैं.
In the past week,
• CAG has flagged irregularities in Bharatmala bidding.
• CAG has highlighted undue benefits to contractors in the Ayodhya development project.
• CAG has raised concerns about the 'very high' project cost of Dwarka Expressway, ranging from ₹18 Cr to ₹250 Cr per km.
• CAG has reported 7.5 lakh recipients linked to a single number and other major flaws in PMJAY.
• CAG has exposed HAL for serious design lapses in an engine that resulted in a loss of ₹3159 crore.
• CAG has uncovered violations of toll rules, with NHAI wrongly collecting ₹154 Cr from commuters.
#CAG has only scratched the surface of corruption. The more you dig, the uglier it will become.
Amidst these glaring irregularities, don't expect debates or investigations. Welcome to the era of #AmritKaal, where such issues are conveniently embraced!
एक किलोमीटर द्वारका एक्सप्रेस-वे बनाने का खर्च 250 करोड़ रुपए आया जबकि CCEA अप्रूवल है 18 करोड़ रुपए का. मतलब 18 करोड़ की जगह 250 करोड़ खर्च.
CAG ने अपनी रिपोर्ट में ये खुलासा किया. इतना ही नहीं प्रोजेक्ट बिना किसी DPR के अप्रूव कर दिया गया
अलग ही खेल चल रहा है #DwarkaExpressway
अयोध्या डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया है.
ऐसा CAG ने अपनी रिपोर्ट में बताया है.
अब कठोर कदम उठाने होंगे. रिपोर्ट बनाने वालों को जेल भेजा जाए, घर पर बुलडोजर चले.
The Supreme Court has observed today that there has been a complete breakdown of Constitutional machinery in Manipur since May 3rd. But the PM continues to be everywhere else other than Parliament, where he refuses to speak on this collapse.
https://t.co/xlHa07UEdc
वो जो चुप हैं आज की लपटों में हम तो नहीं… समय करेगा उनका भी हिसाब!
भीड़ विचारधारा नहीं देखती। और जिस तरह हस्ते-खेलते इंसानों को नफ़रती भीड़ में बदला जा रहा है… वो ख़ौफ़नाक है! टीवी देखना बंद करिए!
इस देश के हजारों लाखों लड़कों ने लड़कियों के साथ बेवफाई की होगी। शादी के बाद दूसरी लड़कियों से अफेयर चलाया होगा। अपनी पत्नी को छोड़ दिया होगा। लेकिन वे बेवफा नहीं कहे गए, उनके खिलाफ ट्वीटर पर ट्रेंड नहीं चलाया गया।
उत्तर प्रदेश की एक लड़की शादी के बाद एसडीएम बन गयी। किसी अन्य पुरुष के साथ उसके अफेयर की ख़बरें आयीं। लोगों ने उसके खिलाफ मुहिम चला दी।
इस एक घटना ने बताया कि हिंदुस्तान का समाज किस हद तक सामंती मनोदशा और पुरुष वर्चस्व का शिकार है।
पुरुष को सबकुछ करने की आजादी और महिला पर पाबन्दी, ये कैसे सम्भव है? आप लोकतंत्र, समता, न्याय, संविधान की जितनी बातें करें वे सभी तब तक एकतरफा हैं जब तक आप बराबरी का व्यवहार नहीं करते।
एक लड़की के गलत होने पर सभी लड़कियों को शक भरी निगाहों देखना
सभी लड़कियों को एक ही तराजू में रखना ये दर्शाता है कि इस देश में लड़की के चरित्र पर उंगली उठाना बहुत आसान है
पितृसत्ता सोच वाली पीढ़ी ने एक बार भी उस इंसान का नाम नही लिया जिससे मौर्य जी का अफेयर चल रहा है।