Amit Shah on :
CWC decision on two-stanza Vande Mataram
Calls it “…anti-national”
My question :
Did:
BJP in private or official functions sing all stanzas since 1950 ?
Modiji as Gujarat CM ?
PM Vajpayee ?
You anti-national then ?
Exposing your vote-bank politics !
जो अभिषेक उपाध्याय के साथ हो रहा है, वो सभी भाजपा समर्थकों के लिए एक सबक भी होना चाहिए। जो आदमी भाजपा के लिए नाले में भी कूद जाता था, उसने थोड़ी सी आलोचना की तो दर्जनों मुकदमे लगवा दिये गए।
भाजपा सत्ता का साँप है, इसको आप जितना दूध पिलाओगे, ये वापिस आपको उतने ही जहर से डसेगा। अभिषेक के साथ हमारी संवेदनाएं हैं।
एक बार Rofl भाई ने अभिषेक उपाध्याय को ‘नाले का नोलन’ नाम दिया था। उसके बाद हमारे और अभिषेक के बीच वैचारिक मतभेदों के चलते अक्सर नोकझोंक होती रही।
लेकिन आज समय पूरी तरह बदल चुका है। अभिषेक भी वही लड़ाई लड़ रहे हैं, जो हम लड़ रहे हैं। उन्हें हराने के लिए योगी सरकार हर हथकंडा अपना रही है और अब उन्हें जेल में डालने की तैयारी की जा रही है।
हम इस लड़ाई में अभिषेक उपाध्याय के साथ है।
पारिवारिक संस्कारों से अछूते भाजपाई 20वीं सदी की सबसे सशक्त महिला नेत्री पर घटिया टिप्पणी कर रहे हैं। अमेरिका के डर से घुटनों पर टिके हुए लोग, चीन को क्लीन चिट देने वाले लोग, उस आयरन लेडी पर टिप्पणी करने लायक नहीं हैं, जिसने पाकिस्तान के दो टुकड़े करके अमेरिका की बोलती बंद कर दी थी।
फिदेल कास्त्रो ने इंदिरा जी को बहन कहकर गले लगाया था, लेकिन भाजपा और संघ के लोग उस भावना को समझ ही नहीं पाएंगे।
संघ की शाखाओं में किस तरह का चरित्र निर्माण किया जाता है, उसी का परिचय निशिकांत दुबे दे रहे हैं।
CPP Chairperson Smt Sonia Gandhi ji’s column in The Indian Express today -
The allegations against Dr Manmohan Singh’s integrity have been exposed as hollow, and his record as PM is increasingly being recognised for what it was - a period of decisive economic, political, and social advancement in Indian history.
रचनात्मक कांग्रेस एक ऐसा मंच है, जहां सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी आवाज़ उठाने वाले लोग एक साथ आ सकते हैं।
यहां हमारा संवाद उन लोगों से होता है, जो लोगों के जीवन में बदलाव लाने के लिए संघर्षरत हैं और जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं।
हमारा राष्ट्रीय अधिवेशन दो दिवसीय होगा, जिसमें हम शिक्षा, सामाजिक न्याय, आर्थिक न्याय, बेरोजगारी और पर्यावरण जैसे आम जनता से जुड़े विषयों पर चर्चा करेंगे।
पहले दिन देशभर से करीब 400 और दूसरे दिन करीब 600 डेलिगेट्स शामिल होंगे
oपहले दिन संगठन पर चर्चा होगी, उसके बाद रचनात्मक कांग्रेस की रणनीति पर बातचीत होगी
oदूसरे दिन पहले दिन की चर्चा की समीक्षा की जाएगी, और कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी अपने विचार रखेंगे
दोनों दिन खुला सत्र (ओपन सेशन) रखा जाएगा, क्योंकि यह मंच लोगों का है — इसमें हम उनके सवाल सुनेंगे और उस पे चर्चा करेंगे ।
इस कार्यक्रम में श्री राहुल गांधी जी भी शामिल होंगे और लोगों से संवाद करेंगे।
: रचनात्मक कांग्रेस, अध्यक्ष संदीप दीक्षित
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#RachnatmakCongress #NationalConvention #RahulGandhi #MallikarjunKharge #SandeepDikshit
देश का युवा जाग चुका है, उपचुनाव के नतीजे से साफ़ है BJP की लंका में आग लग चुकी है।
दतिया उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी ने ज़बरदस्त प्रदर्शन किया है।
BJP अपने गढ़ नहीं बचा पा रही!
यूथ और GenZ भाजपा भगाओ मिशन पर लग चुका है।
भगवान को नचाने का अहंकार रखनेवालों को भगवान ने ही नचा दिया। अपने को भगवान से ऊपर समझनेवालों को भगवान ने चलती गाड़ी से नीचे उतार दिया है और साथ ही उनके घमंड का बुख़ार भी।
ये युवाओं की एकता और उनके अभिभावकों के आक्रोश का संयुक्त परिणाम है क्योंकि:
- ‘वोट चोरी’
- ‘पेपर चोरी’
- ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरी’
- ’नौकरी चोरी’
- ’आरक्षण चोरी’
- ‘कमीशनख़ोरी’
- ’पीडीए पर अत्याचार’
- ’घोर भ्रष्टाचार’
- ‘महंगाई की मार’
- ’मिलावट के सरकारीकरण’
- ‘माताओं-बेटियों तक का अपमान’
- ’देश के जेन ज़ी पर हर तरह से प्रहार’
भाजपा ने इन सभी तरीक़ों से जनता के विश्वास और आस्था तक को ठगा है।
अब तो भाजपावाले भी अपने ही ‘किसी’ का इस्तीफ़ा माँगेंगे क्योंकि जो अपनी ही विधानसभा हार गये उनके भरोसे नाव कैसे पार होगी। दरअसल ये हार उनकी है जिन्होंने उनको चुना था या कहें संगठन पर अपनी मर्ज़ी की तरह थोपा था। अब तो कोई ये भी नहीं कह सकता है कि ‘भाजपा में इस्तीफ़े नहीं होते हैं।’
सबसे ज़्यादा खुश तो उप्र में ‘वो’ हैं, जिनको ‘पीडीए’ समाज का होने की वजह से राष्ट्रीय स्तर का पद न देकर जानबूझकर राज्य स्तर का पद दिया गया था। आज तो वो भी मुस्कुराकर पूछ रहे हैं : ‘5 बड़ा या 7’। वैसे जनता ये भी कह रही है कि जब राष्ट्रीय अध्यक्ष विधानसभा नहीं जिता पाये तो राज्य-अध्यक्ष तो विधानसभा लड़वा भी नहीं पाएंगे।
ये डबल इंजन की डबल हार है।
भाजपा की हार मतलब बदलाव की शुरुआत! भाजपा की सबसे सुरक्षित और परंपरागत सीटें भी अब उनकी हार नहीं बचा पाएंगी। अब भाजपा का संकट हार से बढ़कर इस बात का होगा कि उनका टिकट लेनेवाला ‘ड्रोन और दूरबीन’ से भी ढूंढे नहीं मिलेगा।
सभी विजयी उम्मीदवारों को जीत की बधाई और नई उम्मीदों पर खरे उतरने के लिए सजग-सचेत और संविधान के प्रति वचनबद्ध रहने की अपेक्षा।
(कोष्ठक में विशेष : लड्डू तो भाजपा के अंदर भी बँट रहे हैं…)
विशेष चेतावनी: बहरूपिये भाजपाई बहेलियों से दूर रहें !
सत्ताधारियों के साथ सिर्फ़ अंधेरे में रहने वाले भूमिगत, अनरजिस्टर्ड संगी-साथी ही नहीं हैं, बल्कि इस बहु-भुजाओं वाले _‘ऑक्टोपस गिरोह’_ के और भी कई हाथ हैं, जो चमचमाती लाइट में बैठकर और अपने ‘कुविचार-वंशियों’को आसपास बैठाकर ‘खुली साज़िश’ करते हैं, लोगों को किसी और बहाने से बुलाकर फँसाते हैं और दिनदहाड़े घेरकर शिकार करने की कोशिश करते हैं। ये ‘बहरूपिये बहेलिये’ हैं, जिनका भंडाफोड़ अब सरेआम हो गया है।
मूल रूप से ये वो ‘सुरंगजीवी गिरोह’ है जो अकेले को देखकर भीड़ बनाकर घेरकर शिकार करता है, लेकिन भीड़ को देखकर अलग-अलग होकर अंडरग्राउंड हो जाता है।
अपने आस-पास के घरों में गहराई से तलाशें! ये बिना KYC वाले लोग कहीं आपके आस-पड़ोस के किसी घर में प्रवास-वास न कर रहे हों। इनकी पहचान ये है कि ये थोड़े संदिग्ध टाइप का व्यवहार करते हैं। मन के मैले ये लोग साफ़-सुथरे, साधारण कपड़ों में रहते हैं। निकलते अकेले हैं लेकिन किसी ख़ुफ़िया जगह पर एक-दूसरे से अंजान बनकर अख़बार के पीछे मुँह छिपाकर फुसफुसाते हैं। बच्चों को अपना शिकार बनाते हैं, बड़ों पर झूठे इल्ज़ाम लगाते हैं, चरित्रहीनों को माला पहनाते हैं, अपने पुरुषवादी तंग नज़रिये के कारण नारी का अपमान करते-करवाते हैं, बहन-बेटियों और दुखी माँ तक को सरेआम धमकाते हैं, नारी की आज़ादी पर नैतिकता के नाम पर पाबंदियाँ लगाते हैं। धन-लोलुपता, बदज़ुबानी, दग़ाबाज़ी, धोखे और षड्यंत्र के साथ-साथ बेशर्मी और बेरहमी इन स्वार्थियों की सबसे बड़ी पहचान है, जिसके लिए ये इंसान क्या, भगवान तक को ठग लेते हैं।
अपने तन-मन का रखें विशेष ध्यान : ख़तरे से रहें सावधान!
#CC_to_CC
#जो_भाजपा_का_साथी_वो_रामघाती_महापापी
गलियों की बात चली है, तो मोदी जी अपने सामने आईना रखे!
मिक्स ब्रीड, 50 करोड़ की गर्लफ्रेंड, जर्सी गाय जैसी अनगिनत गालियाँ हमारे महामानव के शब्दकोष में है।
सिर्फ मोदी जी की माँ देश की मां तो नहीं है! तेजस्वी जी, राहुल जी की माँ भी देश की मां है।
संसद और विधानसभाओं में गाली देने का रिकॉर्ड भाजपाई रखते है, भाषा के इस स्तर को किसने गिराया?