"सभी माननीय सांसदों से विनम्र अपील है कि संसद में 'केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल बिल, 2026' पर चर्चा के दौरान CAPF जवानों की पुरानी पेंशन (OPS) की आवाज पुरजोर तरीके से उठाएं।
जो जवान अपनी जवानी देश की रक्षा में लगा देता है, उसके बुढ़ापे की सुरक्षा करना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है।
इस बिल में OPS का प्रावधान शामिल करवाने में मदद करें।
#पैरमिलिट्री_जवा��ों_को_पुरानी_पेंशन_दो
#RestoreOPSForCAPF
#JusticeForCAPF
आज हम सब एक साथ CAPF जवानों के हक के लिए आवाज़ उठा रहे हैं।
दिल्ली हाई कोर्ट ने CAPF को भारत "संघ का सशस्त्र बल" मानते हुए पुरानी पेंशन (OPS ) देने का फैसला दिया था।
सरकार इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चली गई और जवानों को उनकी पुरानी पेंशन का हक अभी तक नहीं मिल पाया।
सरकार से हमारा अनुरोध है सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका वापस लेकर CAPF जवानों को पुरानी पेंशन(OPS) लागू करें।
@narendramodi@AmitShah
#पैरमिलिट्री_जवानों_को_पुरानी_पेंशन_दो
#RestoreOPSForCAPF
#IndiaStandsWithParamilitary
केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के हक और आठवें वेतन आयोग में उचित हिस्सेदारी के लिए अब हमारे पास केवल कुछ ही घंटे शेष हैं। व्यक्तिगत रूप से सुझाव भेजने की अंतिम तिथि 16 मार्च 2026, रात्रि 11:45 बजे तक ही है।
यदि आप चाहते हैं कि आने वाले समय में आपके वेतन, भत्तों और पेंशन (OPS) पर आपकी बात मजबूती से रखी जाए, तो https://t.co/owZaFQdvP7 पोर्टल पर जाकर अपना सुझा��� तुरंत दर्ज करें।
Check ✅ 🧵
माननीय सांसद महोदय
@raghav_chadha@SwatiJaiHind@hanumanbeniwal
जी से विशेष अपील।।
CAPF जवानों की पुरानी पेंशन (OPS) का मुद्दा पार्लियामेंट में उठाएं।
दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा 2023 में इन बलों को भारत संघ का सशस्त्र बल मानते हुए पुरानी पेंशन (OPS ) लागू करने का महत्वपूर्ण फैसला दिया था।
दिल्ली हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सरकार सुप्रीम कोर्ट में चली ���यी और ये मामला अभी तक सुप्रीम कोर्ट में ही लंबित है।
पैरमिलिट्री के जवान दिन रात देश की चौतरफ़ा सुरक्षा करते हैं चाहे वो देश की सीमाओं की सुरक्षा हो, आतंकवाद, नक्सलवाद, उग्रवाद के खिलाफ लड़ना हो, कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी वो देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देते हैं।
उनके हक़ की आवाज़ भी संसद में उठनी चाहिए।
#Raise_Voice_OPSForCAPF_InParliament
🚨 घोषणा – ट्विटर अभियान 22 मार्च 🚨
जय हिन्द 🇮🇳
अर्धसैनिक बल (BSF, CRPF, ITBP, CISF, SSB) के लाखों जवान वर्षों से पुरानी पेंशन (OPS) की बहाली की मांग कर रहे हैं। देश की सुरक्षा में दिन-रात तैनात इन जवानों को उनका अधिकार दिलाने के लिए अब एकजुट होकर आवाज उठाने का समय आ गया है।
📢 इसी उद्देश्य से 22 मार्च 2026 को एक बड़ा ट्विटर अभियान चलाया जाएगा।
⏰ समय: सुबह 9 बजे से
📍 प्लेटफॉर्म: Twitter / X
हम सभी मिलकर देश के सभी माननीय सांसदों से अपील करेंगे कि CAPF जवानों के पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे को संसद में उठाया जाए।
👉 सभी देशवासियों, पूर्व सैनिकों, CAPF परिवारों और समर्थकों से निवेदन है कि इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपनी आवाज बुलंद करें।
एक आवाज – CAPF के हक के लिए 🇮🇳
@TheLallantop@AmarUjalaNews@news24tvchannel@TV9Bharatvarsh@ZeeNews@ABPNews
#OPSforCAPF
#RestoreOPS
#IndiaStandsWithParamilitary
#JusticeForCAPF
पैरा मिलिट्री फोर्सेस संसद से लेकर सीमा तक और औद्योगिक संस्थानों से लेकर हवाई अड्डों और अन्य सभी महत्वपूर्ण लोगों की सेवा में रहते हैं। लेकिन दुखद बात यह है कि वे अपने जीवन का बलिदान भी देते हैं, तमाम वीर बलिदानी होते हैं, लेकिन उनकी सेवा शर्तें इतनी खराब हैं कि जो असिस्टेंट कमांडेंट हो जाता है, वह दसियों साल तक डिप्टी कमांडेंट नहीं बन सकता।
मजबूरन इन संगठनों को सुप���रीम कोर्ट में जाना पड़ा और सुप्रीम कोर्ट ने 23 मई 2025 को यह फैसला दिया कि ये बल ग्रुप-ए के कार्यकारी कैडर अधिकारी माने जाएंगे और 1986 से संगठित ग्रुप-ए की सेवा में माने जाएंगे।
यह भी कहा गया कि सेवा भर्ती नियमों में सभी परिणामी लाभों सहित छह माह के भीतर आवश्यक संशोधन किए जाएं। छह माह के भीतर कैडर समीक्षा पूर्ण की जाए। दो वर्षों के भीतर महानिरीक्षक स्तर तक प्रतिनियुक्ति पदों में चरणबद्ध तरीके से कमी की जाए।
जब इस पर कुछ नहीं किया गया, तो गृह मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका (Review Petition) डाल दी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत जी की पीठ ने 28 अक्टूबर 2025 को उस याचिका को निरस्त कर दिया। फिर भी सरकार ने कुछ नहीं किया, जबकि यह बाध्यकारी फैसला था। जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू नहीं किया गया, तो फिर इन संगठनों को अवमानना (Contempt) में जाना पड़ा।
पहली तारीख पड़ी 10 फरवरी 2026 को। उसमें सरकार की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने पीठ के सामने यह कहा कि सरकार इस विषय में वैधानिक हस्तक्षेप पर विचार कर रही है। यह पूरी फोर्स के लिए इतना निराशाजनक है - सांसद रामगोपाल यादव
#SaveCAPFCadre
#JusticeForCAPF
#ImplementOGAS
महत्वपूर्ण अपील
सभी साथियों से अनुरोध है कि 12 मार्च सुबह 9 बजे X (Twitter) पर एक पोस्ट जरूर करें।
CAPF (General Administration) Bill 2026 से करीब 13,000 CAPF कैडर अधिकारियों के प्रमोशन और भविष्य पर असर पड़ सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने OGAS का दर्जा देते हुए कहा ��ा कि IG और DIG स्तर पर IPS कोटा कम किया जाए, ताकि CAPF कैडर अधिकारियों को समय पर प्रमोशन मिल सके।
👉 इसलिए सभी आज सुबह 9 बजे के बाद एक ट्वीट जरूर करें
#SaveCAPFCadre
#JusticeForCAPF
#ImplementOGAS