'लल्लनटॉप अड्डा सजेगा, झामफाड़ भौकाल कटेगा'
इस बार प्रयागराज में
दिन रविवार, तारीख़ 31 अक्टूबर
शाम 3:30 बजे से, जगह- एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज
'मजा आईगा गुरु जबराट, यही लिए आना है'
किताबें कभी भी-आई रिपीट कभी भी-इंसानी जान से बढ़कर नहीं हो सकतीं. भले ही वो पवित्रतम किताब हो, आसमानी किताब हो, आख़िरी किताब हो या सीधे ईश्वर के हाथ से लिखी गई किताब हो. एक जीवन तमाम चीज़ों से बढ़कर है. किताबें और धर्म/मज़हब व्यक्तिगत रखिए. सड़क पर उतरता है, तो घिनौना दिखता है.