कोषाध्यक्ष स्वयं नैतिकता के किस मानदंड के आधार पर बैठे हुए हैं? कोष में ही डाका पड़ा और वह वक्तव्य-वक्तव्य खेल रहे हैं?
पूरा बोर्ड भंग होना चाहिए क्योंकि ये सब के सब चोर हैं या अंधे हैं। यदि चोर नहीं हैं तो पद पर रहने के योग्य नहीं हैं क्योंकि यह डकैती चलती रही और ये सोते रहे।
ये होती है असल वॉन्डरलस्ट स्पिरिट। ससुर घूमने के लिए देश खत्म हो जाएँ तो भले ही अटाल-झँटाल टापुओं को देश बनाना पड़े, पर घुमाई नहीं रुकनी चाहिए।
वैसे IT सेलियों की पोस्ट्स आती ही होंगी कि Seychelles जिसका नाम इन्हें कल ही पता लगा, वो भारत के लिए कितना जियोपोलिटिकली महत्वपूर्ण है।
🚨 #ExpressInvestigation | The Union Minister of State for Agriculture Bhagirath Choudhary received a ₹99.03 lakh subsidy for a commercial cucumber farming project under a scheme run by the ministry he serves in.
While the final approval was granted by an NHB project approval committee that does not include the minister, Choudhary is the ex-officio Vice-President of the NHB board that oversees its functioning.
The project, worth ₹1.99 crore, was among 467 approved under the scheme in 2025.
Express Investigation by: Harikishan Sharma
छोटी गालियों और छोटे कमरों में मानकों को ताक पर रखकर लाइब्रेरी चल रहीं
जब पत्रकार कवर करने पहुँचा तो उसे भगा दिया अभी कोई घटना घट जाएगी तो छाती पीटेंगे
चंपत राय के इस्तीफे की खबर अफवाह! कोई लिखित इस्तीफा नहीं। कोई आधिकारिक बयान नहीं। ट्रस्ट ने कोई बयान नहीं दिया। चंपत के करीबियों ने इस्तीफे की अफवाह उड़ाई। राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, चंपत राय ने कोई इस्तीफा नहीं दिया है और न ही उनके इस्तीफे का अभी तक कोई अधिकृत एलान हुआ है।
सूत्रों का दावा है कि चंपत राय और अनिल मिश्रा के करीबियों ने इस्तीफे की खबर उड़ाई है। चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की तरफ से अभी तक कोई लिखित इस्तीफा नहीं दिया गया है।
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण और SIT जांच के बीच इस्तीफे की चर्चा ने अयोध्या से लेकर लखनऊ तक हलचल बढ़ा दी है। फिलहाल ट्रस्ट या संबंधित पक्ष की तरफ से इस्तीफे को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
#Ayodhya #RamMandir #UPNews @ChampatRaiVHP@dmayodhya@UPGovt@CMOfficeUP@ShriRamTeerth@ayodhya_police@Adv_Anil_Mishra@Uppolice@LucknowDivision
रत्ती भर भी लज्जा नहीं आई ये ट्वीट लिखते हुए? कब तक इस पतित को बचाते रहोगे? कौन सी विवशता है सिवाय इस ईगो बैटल के कि जनता के दवाब में तो नहीं हटाऊँगा?
समाज में इस व्यक्ति को ले कर जो भाव हैं, और @narendramodi का जो यह इंडोर्समेंट है, वह बताता है कि इस सरकार ने शिक्षा को अपनी अंतिम प्राथमिकता बना रखा है।
सरकार तुम्हारी, प्रधानमंत्री-गृहमंत्री तुम्हारे, ED-CBI तुम्हारी, फिर भी माइक लगाए बातों के बताशे फोड़ रहे हो।
यदि खड़गे ने भी गाँधी-वाड्रा परिवार जैसा भूमि घोटाला किया है तो खड़गे को भी उसी कालापानी जेल में डलवा दो जिस जेल में सालों से गाँधी-वाड्रा को डाल रखा है।
मुज़फ्फरनगर में मजदूरों की बंधुआ मजदूरी का मामला बेहद चौंकाने वाला है।
बिना मज़दूरी दिए काम करवाने के अलावा, मजदूरों को कुत्तों से कटवाया गया, भाले से गोदा गया, कोड़े मारे गए, और उन्हें मवेशियों का चारा खिलाया गया। यह इंसानी गरिमा पर हमला है - पीड़ितों को न्याय के साथ पुनर्वास और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
साथ ही हमें यह भी पूछना ज़रूरी है कि मज़दूर ऐसी खतरनाक परिस्थितियों में किन मजबूरियों में फंस जाते हैं।
जब रोज़गार ख़त्म हो जाते हैं, आमदनी ठहर जाती है, और सबसे कमज़ोर वर्गों के लिए बने मनरेगा और श्रम कानूनों जैसी सुरक्षाएं कमज़ोर कर दी जाती हैं, तो हताशा बढ़ती जाती है। जिन लोगों के पास कोई और विकल्प या सुरक्षा नहीं होती, वो ऐसे शोषण का आसान शिकार बन जाते हैं।
यह कोई आम आपराधिक घटना नहीं है - यह एक धराशाई हुई अर्थव्यवस्था का मलबा है।
Dear @PMOIndia you conducted the rituals in Ram mandir Ayodhya. Can you please tell us what action you plan to take if any against Champat Rai & company who looted the temple for six years?
PS any action planned against another “gem” you appointed as CM of Madhya Pradesh who has set a new record in grand corruption?
मोहनजी के सम्मान में, अखलेस भैया मैदान में। एक भाई बस अपना कर्तव्य निभा रहे हैं
उत्तर प्रदेश में आए दिन मुसलमानों को निशाना बनाया जाता है, उन पर झूठे इल्ज़ाम लगाकर उन्हें जेल भेजा जाता है। अखिलेश उनके लिए कभी कुछ नहीं कहते, लेकिन भाजपा के एक मुख्यमंत्री के लिए देखिए कितनी हमदर्दी है।
सपा का "समाजवाद" असल में यादव समाजवाद है।
रामनाथ का पोता अनंत संघ में गहरी आस्था रखता है, दादा जी के दिखाए रास्ते पर चल रहा है। मोहन भागवत और नरेंद्र मोदी की साल में 2-3 बार व्यक्तिगत आवभगत करता है।
अगर इसके अखबार ने भाजपा के मुख्यमंत्री के खिलाफ कुछ छापा है तो सिर्फ दो ही कारण हो सकते हैं:
A) मोहन ने अपनी माखन चोरी से संघ परिवार के किसी बड़े का हिस्सा मार लिया या फिर शाखा के लिए 5-7 प्लॉट मांगे हों, वो भी ना दिए हों । धर्म के धंधे का खेल बड़ा है, शायद कोई और 200-400 करोड़ की कुंडली फंस गई हो।
B) मोहन को चैन की बंसी बजाते देख किसी कंस मामा को बहुत पीड़ा हो रही हो। कोई कैलाशी परेशान हो, किसी की ज्योति बुझ रही हो। उसने अनंत के कारोबार में थोड़ा छींटा लगा दिया हो। सबूत तो पक्के हैं ही।
ये विशुद्ध रूप से संघियों की आपसी बंदरबांट का नतीजा है। आम जनता का इससे कोई सरोकार नहीं है, 500-700 एकड़ की जनता वैसे भी परवाह नहीं करती, देश में मीलों तक जंगल और खाली जमीन पड़ी हुई है।
जय महाकाल 🙏🏼
चंपत राय ट्रस्ट का गिरोह ऐसा अनैतिक है कि इन लोगों ने अभी तक मंदिर परिसर से स्वयं को अलग नहीं किया है। ये वहीं जमे हुए हैं।
हर दिन ऐसी कहानियाँ आ रही हैं कि हमारी चाँदी की 200 ईंटें रख लीं, रसीद नहीं दिया; हमारी कागभुशुंडी की मूर्ति ले ली, रसीद नहीं दिया; हमारे सोने की मूर्ति ले ली, रसीद नहीं दिया…
ये लोग इतने आरोपों के उपरांत भी न तो ट्रस्ट से सांकेतिक रूप से हट रहे हैं, न इसका खंडन कर रहे हैं। पर हाँ, भाजपा-संघ आदि ने अब त्यागपत्र, पद से हटने की परंपरा समाप्त कर दी है।
चार छोटे लोग हटा दिए जाएँगे, सही जवाबदेही कभी तय
नहीं हो पाएगी।