@neha_laldas चाची वहां जातिवादी कीड़े भी तो नहीं होते जब जाति ही नहीं है तो जातिगत वेलफेयर पर खर्चा भी नहीं होगा सीधे कान पकड़ना शुरू कर दे अब बहुत घुमा ली
@kalisenachief साधु भेष आत्मा में मैल
जान लो भाइयों असली साधु वो ही है जो ज्यादा समय एक स्थान पर न रहे जो किसी एक मठ पर कब्जा कर AC कमरों में बैठे नफरत फैला रहे है ये समाज द्रोही है
@ParamveerS36404 ये ढोला मारू अपनी फजीहत खुद करवाता है
किलो में राजाओं के मंत्री संतरी रहते थे वो आज भी अच्छी जिंदगी की रहें है बाकी आम राजपूत पहले भी किसान सैनिक मजदूर व्यापार आदि काम करते थे आज भी कर रहे है लेकिन ऐसे नफरत के बीज समाज को खराब कर रहें है
भाईचारा ऑन द टॉप ऑलवेज साथियों