क्या वैवाहिक रे@प सच्चाई है?
बिलकुल है। इससे कोई इनकार नहीं कर सकता।
पर एक वैवाहिक जीवन के कई पक्ष होते हैं और सभी पुरुषों को समान मानसिकता का बता कर माई बॉडी माई रूल का झंडा बुलंद कर लेना बहुत आसान है, बनिस्बत विवाह के समझौतों को स्वीकारने के।
वैवाहिक रे@प की तरह अपनी पत्नियों के द्वारा मारपीट,शारीरिक और मानसिक शोषण को झेलने वाले पुरुष भी समाज में हैं।
अतुल सुभाष का केस ज्यादा पुराना है नहीं।
पर फेमिनाजी समाज और इस्लामवुड इंडस्ट्री इस पर बात करने से कतराएगी।
यही नहीं बालकों के साथ कुकर्म भारतीय समाज की बहुत घिनौनी हकीकत है।
निम्न तबके से उच्च तबके तक सभी बालकों को इससे कभी न कभी दो चार होना पड़ता है।
विशेषतौर पर आवासीय शिक्षण संस्थाओं में निम्न वर्ग के छात्र इसका बहुत शिकार होते हैं।
हर जगह। कोई धर्म अछूता नहीं।
मदरसों में विशेष तौर पर। हर दूसरे दिन खबर आती है।
पर इस पर फिल्म नहीं बनेगी क्योंकि एजेंडा नहीं चला पाएंगे।
मन होने पर शारीरिक संबंध बनाने पर मजबूर होने का रोना रोने वाली औरतों के पतियों को बुखार और थकान के बावजूद घर के लिए चार पैसे कमाने को बाजारों में खटते भी देखा जाता है।
विवाह में अलिखित समझौते होते हैं जो मानने पड़ते हैं।
यहां पर मैं ये बिलकुल नहीं कह रहा कि वैवाहिक बलात्कार सही है।
कुछ मर्द वाकई मानसिक रोगी होते हैं।
पर उनकी आड़ लेकर सभी मर्दों को बलात्कारी बताने वाली,अपना एजेंडा चलाने वाली फेमिनाजी को मैं दूर से ही दुत्कारना चाहता हूं।
पास से जाकर थूकने पर मुझे भी कीटाणु लग सकते न!
@old_cricketer मोदी जी के वर्क एथिक्स में "छुट्टी" जैसी चीज फिट ही नहीं बैठती। वो 18-20 घंटे काम करते हैं, 2-3 घंटे नींद। ये सब पब्लिक रिकॉर्ड और उनके शेड्यूल से साफ दिखता है। कोई दूसरा नेता/मंत्री/CEO ऐसा कर पाए, तो बात अलग। लेकिन उनके सामने तो ज्यादातर टिक भी नहीं पाते।
अगर मयंक यादव की ये स्पीड नेचुरल है, तो ये बंदा मेहनत करके शोएब अख्तर का रिकॉर्ड भी तोड़ देगा।
Vikrant Gupta: आपको पहली बार देख रहा हूं लेकिन अगर कोई कहे कि ये बंदा 156 फेंकता है, तो शायद यकीन न हो, कैसे इतनी तेज फेंकते हैं?
Mayank Yadav: ये God गिफ्टेड है, जो मुझे भी नहीं पता था, जब IPL में आया तो पता चला कि 150 डालता हूं उसके बाद मैंने इसपर काम शुरू किया।
सोचो, अगर मयंक यादव की ट्रेनिंग और फिटनेस मेनटेन रहे तो शोएब अख्तर का रिकॉर्ड भी धुआं हो जाएगा।🔥
भाई साहब आज तो प्रिंसिपल से पंगा हो गया
हुआ यूं आज 19 मार्च तक हमारी सैलरी नहीं आई है
में सीधी प्रिंसिपल ऑफिस में पहुंच गई और उन्हें अच्छी तरह से सुना दिया अभी तक हमारी सैलरी क्यों नहीं आई आप मैनेजमेंट से बात क्यों नहीं करते हो
अगर हमसे छोटी सी गलती हो जाए तो इतना सुना देते हो और बच्चों के पढ़ाने के अलावा मैडम ये फाइल कंप्लीट करो मैडम पेरेंट्स को कॉल करो मैडम ये करो मैडम वो करो
और सैलरी देने का मन नहीं करता है तुम्हारा प्रिंसिपल ने शांति से सारे बाते सुनी फिर बोला मैडम पहले अपना अकाउंट चेक करो
मैने भी जोश में अपना फोन पे से अपना चेक किया तो सैलरी कल ही आ चुकी थी अब तो में चुप हो गई और हंसने लगी बोली sorry सर मैने चेक नहीं किया था
भाई साहब फिर जो प्रिंसिपल ने मेरी क्लास लगाई पूछो मत और में वहां से चुप निकल ली फिर
सीख— किसी पर अपना गुस्सा उतारने से पहले चेक जरूर कर लेना चाहिए 😂😆