सरकार को महिपाल सिंह मकराना की ये बात सुनना चाहिए। जल्दी ही इसका हल निकालना चाहिए।
UP में विधानसभा के चुनाव हैं, राजस्थान में निकाय चुनाव हैं, उसके बाद MP राजस्थान में भी विधानसभा होने हैं। इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
समय रहते ध्यान दें। अगर ये प्रदर्शन तेज हुआ तो विधानसभा चुनाव में नुक़सान होगा।
देश में एक नए जनआंदोलन का बिगुल बज चुका है।
महिपाल सिंह मकराना एक बार फिर पदयात्रा में शामिल हो चुके हैं। 3 अगस्त को जयपुर की सड़कों पर सामान्य वर्ग का जनसैलाब उमड़ेगा।
अगर सरकार अभी भी इस आंदोलन को हल्के में लेने की भूल कर रही है, तो अपना यह भ्रम समय रहते दूर कर ले।
#UGC
अगर सोनम वांगचुक के लिए आँसू बहाए थे, तो एक बार महिपाल सिंह मकराणा के बारे में भी सोचिए।
वह पिछले 20 दिनों से नंगे पाँव, भूखा-प्यासा लगभग 600 किलोमीटर की पदयात्रा पर है। वह दावा करता है कि यह संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए है।
#UGC_काला_कानून_वापस_लो
#mahipalsinghmakrana @mahipalmakrana_
🚨 Unbelievable 👇
RHA अब जमीन पर उतर चुका है... 👇
शुरुआत महाराष्ट्र से हुई है।
उम्मीद से बहुत जल्दी शुरू हो गया है... यह तो...
महाराष्ट्र के बाद गुजरात और दिल्ली में बड़ी संभावना है।
RHA - Reservation Hatao Aandolan
जो हमारा है, वह हमारा है, चाहे किसी भी पार्टी का हो।
शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के आनंद दुबे ने आशुतोष को कांशीराम की अहिंसक याद दिला दी।
अपनी आदत के अनुसार @ashutosh83B हजारों साल के शोषण की कहानी बताकर सवर्णों को जलील कर रहा था।
इस पर आनंद दुबे ने कहा, "हमारे पास जो भी है, वह हमारी मेहनत का नतीजा है। किसी ने हमें भीख में कुछ नहीं दिया। हम दिन-रात आँखें फोड़कर प��़ते हैं, मेहनत करते हैं, तब आज इस मुकाम पर हैं।"
अगर सोनम वांगचुक के लिए आँसू बहाए थे, तो एक बार महिपाल सिंह मकराणा के बारे में भी सोचिए।
वह पिछले 20 दिनों से नंगे पाँव, भूखा-प्यासा लगभग 650 किलोमीटर की पदयात्रा पर है। वह द���वा करता है कि यह संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए है।
#Reservationhatao
#Reservationend
@abhishek_nefowa@CP_Noida@noidapolice@Uppolice@DCPCentralNoida Thank you Sir but this is not the complete truth.Our primary concern is getting the NCR converted into FIR. Despite severe injuries. Request concerned authorities to register the FIR immediately without any delay so that the victim can get justice. @Uppolice IO Sunil is delaying
आदरणीय @CP_Noida मैम, @noidapolice@Uppolice@DCPCentralNoida, निवेदन है कि चौकी इंचार्ज द्वारा इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई न करके मामले को दबान��� अथवा लीपापोती करने का प्रयास किया जा रहा है। हम सभी नागरिकों को @CP_Noida मैम, आप पर पूरा विश्वास है कि आप इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाकर सत्य के आधार पर उचित एवं सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश देंगी।
पीड़ित की पीड़ा:
“दिनांक 19 जुलाई 2026 को हुई मारपीट की घटना में गंभीर कान की चोट, पुलिस एवं चिकित्सीय लापरवाही तथा निष्पक्ष जांच एवं न्याय हेतु प्रार्थना।
माननीय पुलिस आयुक्त महोदया,
सविन��� निवेदन है कि दिनांक 19 जुलाई 2026 को मेरे साथ गंभीर मारपीट की घटना हुई, जिसके परिणामस्वरूप मुझे गंभीर शारीरिक चोटें आईं, विशेषकर मेरे बाएं कान में गंभीर क्षति हुई। घटना के पश्चात पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले जाया गया। दुर्भाग्यवश, थान��� पहुंचने पर मेरी चोटों की गंभीरता को समझे बिना दोनों पक्षों को लॉकअप में बंद कर दिया गया।
मैंने बार-बार पुलिसकर्मियों को बताया कि मुझे अत्यधिक दर्द हो रहा है तथा मेरे बाएं कान से सुनाई नहीं दे रहा है, इसलिए तत्काल चिकित्सा सहायता और मेडिकल परीक्षण की आवश्यकता है। काफी अनुरोध के बाद मुझे बिसरख प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉ. अमित कुमार टोंक द्वारा प्राथमिक परीक्षण किया गया�� मैंने डॉक्टर को स्पष्ट रूप से बताया कि मुझे बाएं कान से सुनाई नहीं दे रहा है तथा कान के अंदर लगातार सीटी जैसी आवाज आ रही है। मैंने ईएनटी विशेषज्ञ के पास रेफर करने का अनुरोध किया, किंतु अस्पताल में विशेषज्ञ एवं आवश्यक जांच सुविधाएं उपलब्ध न होने की बात कहकर मुझे जिला अस्पताल, सेक्टर-39, नोएडा जाने की सलाह दी गई।
जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने मामले को MLC बताते हुए रेफरल ले��र की मांग की। जब मैंने इस संबंध में थाने के एसआई राहुल से सहायता मांगी, तो मेरी गंभीर स्थिति को संवेदनशीलता से लेने के बजाय उन्होंने मेरी शिकायत को हल्के में लेते हुए कहा कि मैं “राई का पहाड़ बना रहा हूं” और सामान्य ओपीडी में उपचार कराने की सलाह दी। इसके बाद भी मुझे रेफरल उपलब्ध नहीं कराया गया, जिसके कारण मुझे अस्पताल और थाने के बीच बार-बार भटकना पड़ा।
अंततः मैंने स्वयं ओपीडी पर्चा बनवाकर जि���ा अस्पताल में जांच कराई। जांच के दौरान चिकित्सक ने स्पष्ट रूप से बताया कि मेरे बाएं कान का पर्दा (Eardrum) फट चुका है तथा कान के अंदर रक्त जमा हुआ है। चिकित्सक ने भविष्य में ऑपरेशन की संभावना भी व्यक्त की तथा आगे की विस्तृत जांच के लिए मुझे अली यावर जंग अस्पताल, सेक्टर-12, नोएडा रेफर किया।
अली यावर जंग अस्पताल में कराए गए सभी परीक्षणों में यह स्पष्ट रूप से प्रमाणित हुआ कि मेरे बाएं कान की सुनने की क्���मता प्रभावित हुई है तथा मुझे Hearing Loss हुआ है। चिकित्सकों ने कान का पर्दा फटने और अंदर रक्त के पैच होने की पुष्टि भी की।
सभी मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उन्हें थाने में जमा कर दिया गया। इसके पश्चात लगभग चार-पांच दिन बाद जांच अधिकारी श्री सुनील कुमार के साथ संबंधित अस्पताल में रिपोर्टों का सत्यापन भी कराया गया, जहां चिकित्सक ने जांच अधिकारी के समक्ष भी मेरे कान का पर्दा फटने तथा अंदर रक्त के पैच होने की पुष्टि की।
इतने गंभीर एवं स्पष्ट चिकित्सीय प्रमाण उप���ब्ध होने के बावजूद आज तक इस मामले में कोई प्रभावी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है। घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद मुझे न्याय दिलाने के बजाय लगातार थाने और अस्पतालों के चक्कर लगाने के लिए विवश किया जा रहा है। यह स्थिति केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि पीड़ित को न्याय से वंचित करने का प्रयास प्रतीत होती है।
स्थिति और भी चिंताजनक तब हो गई जब जिस अस्पताल में मेरी जांच हुई थी, वहां से मुझे पु��ः जांच करवाने हेतु फोन किए जाने लगे। इससे मुझे आशंका है कि पहले से सत्यापित मेडिकल रिपोर्टों को प्रभावित करने, कमजोर करने अथवा संदेह के घेरे में लाने क��� प्रयास किया जा रहा है। आरोपियों की प्रभावशाली पहुंच के कारण पूरे मामले को दबाने एवं निष्पक्ष जांच को प्रभावित करने की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
मेरे कान का पर्दा फट चुका है, मेरी सुनने की क्षमता प्रभावित हुई है तथा भविष्य में ऑपरेशन की आवश्यकता पड़ सकती है। इसके बावजूद पुलिस द्वारा समय पर उचित धाराओं में कार्रवाई न करना, उपलब्ध मेडिकल प्रमाणों के बावजूद मामले को लंबित रखना तथा एक पीड़ित को लगातार भटकाना अत्यंत गंभीर विषय है।”
CP Ma'amपर मुझे पूरा भरोसा हैं कि इस मामले मैं निष्पक्षता से कार्यवाही कर उचित न्याय दिलाएंगी।
भवदीय,
जयप्रकाश शर्मा
मोबाइल: 9910693312
अगर सबसे ज्यादा सीट लानी एले पार्टी को सरकार बनाने का हक है तो सबसे ज्यादा अंक लाने वाली व्यक्ति को सबसे पहला नौकरी का हक होना चाहिए
आरक्षण हटाओ देश बचाओ सीधी बात नो बकवास
अगर सेना में आरक्षण नहीं है क्योंकि वह एक संवेदनशील पेशा है, तो जो इंज��नियर पुल बना रहा है, जिसमें बाद में 50 लोग मर जाते हैं, क्या वह संवेदनशील नहीं है?
डॉक्टर, जिसके हाथ में लोगों की जान होती है, क्या वह संवेदनशील नहीं है?
कसम से, देश में विपक्ष कितना जाहिल है।
@INCIndia @RahulGandhi @AamAadmiParty @yadavakhilesh
#EndReservation
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर 3 मिलियन और X Twitter पर 40 हजार जुड़ने वाले सभी युवा साथियों का बहुत बहुत धन्यवाद 🙏
Thank you all friends 🇮🇳♥️
#reservationhataomovement#EndReservation