मोबाइल वाला बचपन
बच्चे के हाथ में मोबाइल हो ही क्यों? क्या कर रहा है? क्या सीख रहा है ऐसा कि उसके हाथ में मोबाइल देना ज़रूरी है। और अगर कोई ऐसी बात है ही YouTube पर जो उसको दिखानी है, तो माँ-बाप खुद उसको टीवी पर प्रोजेक्ट करके दिखा दें। अपने मोबाइल से कनेक्ट कर दें टीवी पर। दिखा दें कि बच्चे, आ बैठ आधे घंटे के लिए, तुझे यह दिखाना चाहता हूँ। मोबाइल क्यों उसको मिल रहा है छूने के लिए?
माँ-बाप स्वार्थी हैं। और माँ-बाप आलसी हैं। बच्चा जब मोबाइल में लगा होता है ना, बाप को और बाप से ज़्यादा माँ को बड़ा आराम हो जाता है। मोबाइल में मुँह डालकर बैठा है। अब परेशान नहीं करता। बस यह बात है। नहीं तो क्या करेगा?
शोर ही तो मचाएगा। मचा ले। और शोर भी बहुत नहीं मचता है। शोर भी तभी तक मचता है जब यह आशा होती है बच्चे को कि शोर मचा करके कुछ मिल जाएगा। जब समझ जाता है, शोर मचाते रहो, कुछ मिलना नहीं है, तो शोर मचाना बंद कर देता है।
Agar mera aaj accident ho jaye toh aap kya karoge?"
Most families don't have an answer.
We spend months planning weddings, vacations, and festivals. But when it comes to medical emergencies, many of us are completely unprepared.
A medical emergency doesn't just test your finances. It tests your preparation.
That's why every family should have:
A Medical Emergency Folder with insurance papers, important documents, emergency contacts, hospital details, family doctor details, and ambulance numbers.
The confidence to ask doctors simple questions:
What is the problem?
What treatment is being done?
Why is it needed?
Are there other options available?
A one-page medical summary for every family member mentioning allergies, ongoing medicines, major illnesses, and medical history.
Because during an emergency, people often suffer less because of money and more because of confusion.
The best time to prepare for a medical emergency is before it happens.
Spend 10 minutes today. It could save hours of panic tomorrow
देखो यार
ऐसा नहीं हैं कि
हमें महंगी चीजे पसंद नहीं
या हमको शोक नहीं हैं..
दरअसल..
हमने कम उम्र से ही जिम्मेदारियां देख ली हैं
इसलिये, झूठी शान से अच्छी हमको
अपनो के खुशियाँ अच्छी.....😊
CJP प्रोटेस्ट खत्म धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी
हो गया पर आंदोलन में GenZ का खास तौर पर
लड़कियों का एक नया ही रूप देखने को मिला
अब हर मां बाप से सवाल आपको आपने घर
किस तरह की बेटी चाहिए वीडियो में देंखे ??
कीमत नहीं, कृत्य मायने रखते हैं।
वरना ₹1 की बिंदी माथे पर और ₹1000 की पायल पैरों में न होती। कड़वा सच ही अक्सर सबसे बड़ा ज्ञान होता है, क्योंकि सम्मान कीमत से नहीं, योगदान और चरित्र से मिलता है। 🫰✨
ऐसी शिक्षिका देश में होनी चाहिए जो पढ़ाई के साथ साथ बच्चों को जीवन के मूल्यों को भी समझा सके!
जीवन बार बार नहीं मिलता।
20 साल से 25 साल तक का समय आपका करियर बिल्डिंग का भी टाइम होता है ऑपोजिट चीजें भी आपको पसंद आएंगी लेकिन आपको बैलेंस बना कर चलना है...
यह सलाह जवान लड़के-लड़कियां की जिंदगी बदल देने वाला वीडियो है।
बहुत प्रेरणा स्त्रोत है🙏