जब डोगरी, भोंटी और कश्मीरी जैसी भाषाओं को उनके राज्यों में राजभाषा का सम्मान मिल सकता है,
तो राजस्थानी के साथ यह सौतेला व्यवहार क्यों?
#राजस्थानी भाषा नै राजभाषा बणावो
जै जै राजस्थान 🚩🚩
#Make_Rajasthani_Rajbhasha
गफरुद्दीन मेवाती पांडुन का कड़ा के “इकलौते गायक” को मिलेगा पद्म श्री पुरस्कार
मेवात की समृद्ध लोक परंपरा के संवाहक गफरुद्दीन मेवाती को पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। वे जोगी पांडुन का कड़ा (मेवाती भाषा में महाभारत गायन) के एकमात्र लोक गायक हैं। उनके पास इस परंपरा के 25,000 से अधिक दोहे कंठस्थ हैं, और इन्हें गायन करने वाले वे देश के एकमात्र लोक कलाकार माने जाते हैं।
गफरुद्दीन मेवाती का जन्म डीग ज़िले की पहाड़ी तहसील के गांव कैथवाड़ा में, मेवाती जोगी समुदाय में हुआ। गांव की चौपाल से शुरू हुआ उनका यह लोक-संस्कृति का कारवां लंदन और पेरिस जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचा और अब देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों की सूची में स्थान पाने जा रहा है।
यह सम्मान राजस्थान की धरती में जन्मी लोक संस्कृति के मधुर रागों का सम्मान है। गफरुद्दीन मेवाती उन विरले लोक कलाकारों में से हैं, जिन्होंने लगभग छह दशकों तक बिना किसी प्रतिष्ठा या पुरस्कार की आकांक्षा के, देश और विदेश में लोक कला को जीवंत बनाए रखने के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया।
@narendramodi
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नाम: दुर्गा कँवर w/o रविन्द्र सिंह
#सहयोग #कैंसरमुक्तभारत
श्री क्षत्रिय युवक संघ के परम श्रद्धेय संरक्षक, आदरणीय भगवान सिंह जी रोलसाबसर के निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक एवं अपूरणीय क्षति है।
वे केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि संघ की आत्मा, विचार और जीवंत चेतना थे। अनुशासन, कर्तव्यपरायणता और समाज के प्रति समर्पण उनके जीवन के मूल स्तंभ थे। वे हर स्वयंसेवक के लिए प्रेरणा, विश्वास और ऊर्जा का स्रोत रहे।
जयपुर की राजमाता श्रद्धेय गायत्री देवी जी की जयंती पर शत्-शत् नमन!
एक ऐसी राजकुमारी जो कोच बिहार से निकलकर जयपुर की महारानी बनीं — और फिर लोकसभा में जनता की नेता।
1940 में महाराजा सवाई मान सिंह जी द्वितीय से विवाह कर उन्होंने रियासत की रानी बनना स्वीकार किया, लेकिन उन्होंने केवल महलों तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने पर्दा प्रथा को तोड़ा, महिलाओं की शिक्षा को बढ़ावा दिया और 1943 में महारानी गायत्री देवी गर्ल्स पब्लिक स्कूल की स्थापना की — राजस्थान के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण था।
1962 का लोकसभा चुनाव — जयपुर से स्वतंत्र पार्टी की उम्मीदवार बनीं और 192,909 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल की, जिसे #गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया। वो तीन बार सांसद रहीं और आपातकाल के दौरान भी उन्होंने लोकतंत्र और सिद्धांतों के लिए संघर्ष किया।
वो केवल रानी नहीं थीं — वो एक विचार थीं। एक ऐसी नारी शक्ति जो परंपराओं और आधुनिकता का सेतु बनकर उभरीं। Vogue ने उन्हें विश्व की सबसे सुंदर महिलाओं में गिना, पर उनकी असली सुंदरता उनके विचारों, साहस और सेवा भावना में थी।
उनकी एक पंक्ति आज भी प्रेरणादायक है:
“मैंने एक खुशहाल जीवन जिया है, कोई पछतावा नहीं है। मैं वर्तमान में जीती हूं और दूसरों की मदद करने का प्रयास करती हूं।”
आज उनकी जयंती पर हम उन्हें नमन करते हैं।
उनका जीवन हर भारतीय, खासकर हर नारी के लिए एक प्रेरणा है।@KumariDiya
राजस्थान सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री और जन जन के लोक लाडले नेता आदरणीय प्रताप सिंह जी खाचरियावास को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएँ @PSKhachariyawas