संघर्ष ही जीवन हैं।
आत्महत्या करने या जिंदगी को समाप्त करना मात्र जिंदगी की सफलता नहीं हैं और न ही असफलता जिंदगी का अंत हैं।
असफलता एक चुनौती हैं इससे स्वीकार करो और अगली बार उससे भी अच्छा करने का प्रयास करो।
भाई लक्ष्मण बिश्नोई का हृदय को छू लेने वाला वीडियो अंत तक जरूर सुनें।
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कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय (St John's College) की दीवारों पर सुशोभित भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी का यह चित्र।
दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में से एक मे�� उनका यह पोर्ट्रेट भारत की उस बौद्धिक विरासत और विद्वता का प्रतीक है,
जिसने वैश्विक मंच पर देश का मान बढ़ाया।
शिक्षा, सादगी और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। 🙏🇮🇳
#BreakingNews: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है. NEET-UG परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर देशभर में जारी विवाद और जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच उन्होंने यह फैसला लिया. धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर एक इसका ऐलान किया और इस्तीफा देने की वजह भी बताई.
अपने चिट्ठी में उन्होंने लिखा कि पिछले चार दशक से अधिक समय से वह छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं. उनका हमेशा से मानना रहा है कि मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ��ी किसी भी राष्ट्र के विकास की आधारशिला होती है.
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आते ही सरकार ने तुरंत कार्रवाई की. मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई, परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया और अगले साल से NEET को पूरी तरह कंप��यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित करने की घोषणा की गई."
धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा निष्पक्ष और सुचारु रूप से कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता थी. इसके लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, छात्रों और अभिभावकों के सहयोग से 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की गई. 16 जुलाई को घोषित परिणामों में गरीब और वंचित परिवारों के कई प्रतिभाशाली छात्रों को ���फलता मिली, लेकिन कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की, जिससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा.
#DharmendraPradhanResigns #NEETExamProtest #ATCard #AajTakSocial
@Barmer_Police
रोडवेज बस का नियंत्रण खोने से चालक गिरा नीचे। बाड़मेर पुलिस के धनाऊ थाने के कानि��्टेबल जेठाराम ने सम्भाली अनियंत्रित बस की स्टेरिंग।
ख��द की जान जोखिम में डालकर बचाई 40 से अधिक सवारियों की जान । बस को खाई में गिरने से बचाया
@RajPoliceHelp
@RajCMO
@RSRTC_OFFICIAL
आज मैंने पुष्कर मेले में वीर तेजाजी महाराज की दुनिया की सबसे बेहतरीन सैंड आर्ट बना�� ,इस कलाकृति को बनाने में मुझे एक मही��े की मेहनत और एक लाख टन बालू रेत लगी आप पुष्कर मेले में दर्शन करने पधारे और कला का अवलोकन कर मेरा उत्साहवर्धन करे जय वीर तेजाजी महाराज #tejaji #tejajimaharaj
अजय रावत ने पुष्कर मेले में यह श्री वीर तेजाजी की बेहतरीन सैंड आर्ट से तस्वीर बनाई है। ��क महीने की मेहनत से बनाई इस आर्ट का पुष्कर मेले में जाने वाले जरूर दर्शन करें और कलाकार का उत्साहवर्धन अवश्य करें।
जय वीर तेजाजी महाराज की 🚩
@sandartistajay
तमाशबीनों की दुनिया…
महीपाल सिंह — एक साध���रण युवक, पर सपनों से भरा हुआ।
एयरफ़ोर्स में जाने का सपना लेकर वह जैसलमेर आया था।
परीक्षा दी, मन में उम्मीद थी कि अब घर लौटकर मां-बाप को खुशख़बरी सुनाएगा…
लेकिन किसे पता था — लौटने का यह सफ़र, उसकी ज़िंदगी का आख़िरी सफ़र बन जाएगा।
��ैसलमेर से बस चली ही थी कि कुछ किलोमीटर दूर अचानक बस में आग लग गई…
कुछ ही पलों में बस धू-धू कर जलने लगी, चारों ओर चीख़-पुकार मच गई।
30 से ज़्यादा यात्री उस आग में झुलस गए,
कई वहीं जलकर राख हो गए,
कई ज़ख़्मी होकर तड़पते रहे…
महीपाल भी 35% तक जल चुका था,
पर हिम्मत नहीं हारी — वह लड़खड़ाते हुए बाहर निकला,
ज़िंदा रहने की आख़िरी उम्मीद लिए सड़क पर दौड़ा।
वह एक कार के पास गया — मदद की गुहार लगाई,
लेकिन ड्राइव��� ने दरवाज़ा खोलने के बजाय, उसे धक्का देकर दूर कर दिया।
वह दूसरी कार की ओर भागा —
पर इस बार दरवाज़ा खुला ही नहीं।
तीसरी, चौथी, पाँचवीं कार…
हर बार वही नज़ारा —
लोग देख रहे थे, पर किसी ने हाथ नहीं बढ़ाया।
महीपाल की आँखों में दर्द था, शरीर जल रहा था,
लेकिन शायद उस ��ल सबसे ज़्यादा जल रहा था उसका विश्वास इंसानियत पर…
आधा घंटा तपती धूप में, तिल-तिल कर तड़पने के बाद
एक मोटरसाइकिल सवार ने आखिर दया दिखाई,
उसे जैसलमेर के अस्पताल पहुँचाया।
वहाँ से जोधपुर रेफर किया गया —
पाँच घंटे की लंबी पीड़ा भरी यात्रा के बाद इलाज शुरू हुआ।
पर अब महीपाल थक चुका था…
उसके शरीर के साथ शायद उसकी आत्मा भी जल चुकी थी।
और बीती रात — महीपाल ने दुनिया छोड़ दी।
बस, एक अधूरा सपना, कुछ जलते हुए सवाल और तमाशबीनों की भीड़ पीछे छोड़ गया।
कभी सोचना…
अगर उस वक़्त किसी एक इंसान ने इंसानियत दिखा दी होती,
तो शायद आज महीपाल ज़िंदा होता।
पर अफ़सोस…
हम सब सिर्फ़ तमाशा देखने वाले बन गए हैं।
@Satya_Jaat77 @ashokshera94@madandilawar शिक्षक है वह भी घर पर बैठे रहते हैं इन्होंने ���ो घर पर डेरा डाल दिया है एक नया शिक्षक आया उसको भी अपने जैसा कर दिया कि इनकी इतनी पहुंच है कि झंडारोहण नहीं करवा सकते इसे कहते हैं पावर राजनीतिक छत्रछाया है कुछ नहीं बिगाड़ सकती सरकार नए आएंगे वह क्या सुधार करेंगे
@devhooda352307@ashokshera94@madandilawar 35 साल आपके पिता ने यहां सर��विस किया सब लोगों ने भगवान के भरोसे छोड़ दिया जो भगवान ने किया वह सब कुछ अच्छा किया अब आप भगवान से भी ऊपर हो चुके हो आपका घड़ा भर चुका है
@devhooda352307@ashokshera94@madandilawar कार्यालय आदेश तो हम दे चुके हैं कि 15 तारीख को सत्ता राम जी ने किसी को सूचना दी कि मैं नरेंद्र मीणा आ चुका ह��� मैं बिनढाणी स्कूल जा रहा हूं यह सूचना PEEO को दी है क्या नहीं फिर आप कैसे झूठा साबित कर सकते हैं आप मौके पर थे आपके पिताजी टीचर होने से हम गलत साबित नहीं हो सकते
@devhooda352307@ashokshera94@madandilawar हुडासर विद्यालय में दो अध्यापक पदस्थापित है,एक सताराम जो प्रतिनियुक्ति पर चल रहे थे,नरेंद्र मीणा के अवकाश पर जाने पर दिनांक 11.08.2025 से 14.08.25 तक मूल पदस्थापन पर ड्यूटी काआदेश था,14.08.25 को वापस रिलीव हुए तब किसी को तो चार्ज दिया होगा,बताया जा रहा है विद्यालय कोई नहीं आया
@ManzuDinesh हुडासर विद्यालय में दो अध्यापक पदस्थापित है,एक सताराम जो प्रतिनियुक्ति पर चल रहे थ��,नरेंद्र मीणा के अवकाश पर जाने पर दिनांक 11.08.2025 से 14.08.25 तक मूल पदस्थापन पर ड्यूटी काआदेश था,14.08.25 को वापस रिलीव हुए तब किसी को तो चार्ज दिया होगा@madandilawar @RajCMO @dabi_tina
@devhooda352307@ManzuDinesh हुडासर विद्यालय में दो अध्यापक पदस्थापित है,एक सताराम जो प्रतिनियुक्ति पर चल रहे थे,नरेंद्र मीणा के अवकाश पर जाने पर दिन��ंक 11.08.2025 से 14.08.25 तक मूल पदस्थापन पर ड्यूटी काआदेश था,14.08.25 को वापस रिलीव हुए तब किसी को तो चार्ज दिया होगा@madandilawar @RajCMO @dabi_tina
ध्वज संहिता की धज्जियां उड़ाने वालों पर सत्ता का मौन — शिक्षा व्यवस्था के पतन का जीता-जागता सबूत
स्वतंत्रता दिवस के दिन जब देश के कोने-कोने में तिरंगा लहराकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी जा रही थी, तब बाड़मेर जिले के चौहटन ब्लॉक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय हुडासर, शोभाला जैतमाल में न तो तिरंगा फहरा और न ही शिक्षक समय पर विद्यालय पहुँचे।
सुबह 9 बजे तक ग्रामीण और मासूम बच्चे विद्यालय के द्वार ��र खड़े रहे, लेकिन शिक्षक मानो “कर्तव्य” शब्द को ही भुला बैठे। यह केवल ध्वज संहिता का अपमान नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और शिक्षा के मंदिर में जिम्मेदारी की हत्या है।
ग्रामीणों ने PEEO शोभाला के माध्यम से सीबीओ चौहटन और डीईईओ को रिपोर्ट सौंपी, परंतु शिक्षा विभाग ने अब तक कान पर जूं तक नहीं रेंगने दी। सवाल यह है कि जब दोषी शिक्षक सत्ता संरक्षण में हों, तो क्या नियम-कानून केवल आम जनता के लिए ह���ं?
यह घटना साफ दिखाती है कि सत्ता और प्रशासन की चुप्पी ही लापरवाह अधिकारियों की सबसे बड़ी ढाल है। अगर राष्ट्रध्वज के सम्मान और बच्चों की शिक्षा जैसे मुद्दों पर भी सरकार आंख मूंदे रहे, तो यह केवल शिक्षा विभाग की नाकामी नहीं, बल्कि राजनीतिक नेतृत्व की विफलता है।
@madandilawar @RajCMO @BarmerDm @AduramMeghwal01 @alokrajRSSB @8PMnoCM @khurpenchh @arvindchotia @PMOIndia @RajGovOfficial @hanumanbeniwal @UmmedaRamBaytu