हिरासत में लो..थाने में बिठाओ..जो सच दिखा रहे हैं..उनको रोको..लोकतंत्र के चीरहरण की तस्वीरें बाहर मत जाने दो..दिल्ली पुलिस इसी एजेंडे पर काम कर रही है...मेरे पास माइक है..माइक आईडी है...सब कुछ है लेकिन बेहद अपमानजनक तरीके से दिल्ली पुलिस ने जानबूझकर मुझे बस के भीतर फेंक दिया..और डिटेन कर लिया..ये देश की राजधानी दिल्ली है...अंधेर नगरी.. अंधी पुलिस और चौपट राजा...
#Jantarmanatar
अभिजीत दीपके,सौरव दास, आशुतोष रांका आदि लोगो को दिल्ली पुलिस flite से ही डिटेन कर ली ?
इतना तानाशाही की सरकार सोचने पर मजबूर कर दी? 1975 की कहानी दोहराई जा रही है ?
#Jantarmanatar
हम देश के नागरिक है तो दिल्ली जंतर मंतर पर क्यों रोका जा रहा है ,हमे जानवर समझा जा रहा है ?
दिल्ली जंतर मंतर की भीड़ अब भी रुकेगी मोदी शाह
#dhruvrathee
📍 जंतर-मंतर, दिल्ली
10 अक्टूबर के प्रदर्शन को लेकर अभिषेक ठाकुर के कथित बयान पर विवाद।
उसने कहा “अगल-बगल देख के आना… तुम्हें कहाँ मिट्टी में मिला देगा, तुम्हें पता भी नहीं चलेगा।”
फिर कहा “आज से ही तुम्हारी फील्डिंग सेट हो गई है और पहला विकेट बहुत जल्दी गिरेगा।”
और आखिर में “सिक्योरिटी बढ़ा लेना, टाइम खराब है तुम्हारा।”
ये शब्द धमकी हैं या नहीं, फैसला जांच का विषय है।