आजकल मार्केट में 'राष्ट्रवाद' का एक नया सर्टिफिकेट बिक रहा ह।
जिसके प्रिंटर वो लोग हैं जिनका खुद का इतिहास आज़ादी के आंदोलन में 'नॉट रीचेबल' था।
आइए, आज इन स्वघोषित देशभक्तों की असलियत का एक क्विक रीकैप करते हैं,
जिसे ये लोग इतिहास की किताबों से मिटाना चाहते हैं:👇
1. अंग्रेज़ों के सामने 'साइलेंट मोड' 🤫
जब देश का बच्चा-बच्चा इंकलाब के नारे लगा रहा था और भगत सिंह, बिस्मिल, और गांधी जैसे लोग जेलें भर रहे थे, तब इन महापुरुषों का राष्ट्रवाद 'वर्क फ्रॉम होम' कर रहा था।
अंग्रेज़ों से लड़ना तो दूर, इनके बड़े नेता समझा रहे थे कि अपनी ऊर्जा अंग्रेज़ों के खिलाफ बेकार मत करो।
मतलब, अंग्रेज़ों से इतनी हमदर्दी कि उनके खिलाफ एक शब्द नहीं फूटा!
2. तिरंगे को देखकर 'अशुभ' वाली फीलिंग 🚩
आज जो लोग दूसरों की देशभक्ति का मीटर चेक करते फिरते हैं, उनके नागपुर वाले हेडक्वार्टर को तिरंगे से पूरे 52 साल तक 'एलर्जी' रही।
इनके ऑफिशियल अखबार ने छापा था कि "तीन रंगों का झंडा मनोवैज्ञानिक रूप से खराब असर डालेगा और हिंदुओं के लिए अशुभ है।
भाई साहब, देश आज़ाद हो गया, झंडा तय हो गया, लेकिन इनका नखरा अलग ही लेवल पर चल रहा था!
3. बाबासाहेब का संविधान? "ना, हमें तो पुराना वाला चाहिए
जब बाबासाहेब आंबेडकर देश को एक आधुनिक, सेक्युलर और बराबरी का संविधान दे रहे थे, तब इनका दिल प्राचीन 'मनुस्मृति' के लिए धड़क रहा था।
इन्हें लोकतंत्र से ज़्यादा दिलचस्पी इस बात में थी कि समाज में ऊंच-नीच का पुराना सिस्टम कैसे बना रहे।
आज उसी संविधान की कुर्सी पर बैठकर जो ये देशप्रेम का लेक्चर देते हैं, उसे देखकर पाखंड शब्द भी शरमा जाए!
4. क्रोनोलॉजी का मास्टरक्लास 🤡
स्टेप 1: आज़ादी की लड़ाई से दूरी बनाओ।
स्टेप 2: आधे दशक (50+ साल) तक देश के तिरंगे को भाव मत दो।
स्टेप 3: देश के संविधान की जगह पुरानी किताबों की वकालत करो।
स्टेप 4: और आज अचानक टीवी पर आकर पूरे देश को देशभक्ति का सर्टिफिकेट बांटो!
क्या गज़ब की रीब्रांडिंग है भाई! WhatsApp यूनिवर्सिटी में चाहे जितना नैरेटिव बदल लो।
लेकिन इतिहास के पन्ने जब भी खुलेंगे, तुम्हारी हाफ पैंट का रंग सफेद ही रहेगा (अंग्रेज़ों के सामने सरेंडर वाला)! 😂
गज़नवी तो बाहरी लुटेरा था...
असली लुटेरे उस्ताद तो अब आए हैँ 😡
महमूद गज़नवी ने सोमनाथ को सिर्फ
एक बार लूटा था. लेकिन आज धर्म के
स्वयंभू ठेकेदारों ने करोड़ों सनातनी हिंदुओं के 'रामतीर्थ' को ही अपनी सात पीढ़ियों की तिजोरियां भरने का धंधा बना लिया हैँ.
महालूट की क्रोनोलॉजी समझिए:
आंकड़ा 200 करोड़ पार कर चुका है.
लेकिन अब 1400 करोड़ बताया जा रहा है.
रामलला की सोने-चांदी की ईंटें, भक्तों के गहने और नगद चढ़ावा गायब हैँ.
अयोध्या की बेशकीमती जमीनों पर बाहर से आए वीआईपी 'डकैतों' का कब्जा हो चुका हैँ.
कारपोरेट स्टाइल में 'टूरिज्म हब' बनाकर रियल स्टेट, होटल्स और मॉल्स के नाम पर अरबों का खेल चल रहा हैँ. पूरे रामलला तीर्थ ओर अयोध्या को एक संगठित राजनीतिक गिरोह की जागीर बना दिया हैँ.
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एक कड़वा सवाल—दिल पर हाथ रखकर सोचिएगा:
अगर आज केंद्र में विपक्ष की सरकार होती, यूपी में समाजवादी पार्टी का मुख्यमंत्री होता और ट्रस्ट में उनके लोग होते... तो ये फर्जी ठेकेदार आज पूरे भारत में कैसा नंगा नाच कर रहे होते?
सुबह से शाम तक प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांगा जा रहा होता, और गलती से भी अगर आरोपियों में कोई एक 'दीनी' नाम निकल आता, तो ये पूरी कौम को देशद्रोही घोषित कर चुके होते!
लेकिन आज?
आज राम को लाने का दावा करने वाले इन पाखंडी चोरों के मुंह में दही जम चुका हैँ. जुबान से एक शब्द नहीं फूट रहा है.
लीपापोती का कुकर्म चालू है:
बिना FIR के, सिर्फ SIT के नाम पर मामले को रफा-दफा करने का खेल शुरू हो चुका हैँ। सच को दफन करने के लिए पिछले 8 महीनों के CCTV फुटेज तक डिलीट कर दिए गए. जिन 'जॉम्बीज' ने अंधभक्ति में अपने दिमाग को गटर बना लिया है, वे इस डकैती को भी सही ठहराने के कुतर्क ढूंढ रहे हैँ।
सनातन का सबसे बड़ा अपमान:
हजारों सालों से सनातन की रक्षा करने वाले पूज्य शंकराचार्यों को इस तीर्थ से दूर रखा गया. शास्त्र सम्मत निर्माण न होने की उनकी चेतावनियों को लात मारकर इसे सिर्फ एक 'चुनावी इवेंट' बनाया गया। मर्यादा पुरुषोत्तम रामलला को एक पार्टी विशेष की बपौती बना दिया गया.
आज राम मंदिर आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले उन सैकड़ों कारसेवकों की आत्माएं रो रही होंगी. भक्तों का भरोसा इस कदर टूटा है कि रामलला का चढ़ावा घटकर सिर्फ 10% रह गया है—90% की सीधी गिरावट.
सुन लो चढ़ावा चोरों !!
करोड़ों हिंदुओं की आस्था को कुचलने
वालों, तुम्हें नरक में भी जगह नहीं मिलेगी।
हो सकता है मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम तुम्हें
एक बार के लिए क्षमा भी कर दें, लेकिन बाबा हनुमान महाप्रभु की गदा और उनके भयंकर कोप से तुम पाखंडी किसी जनम में नहीं बच पाओगे!😐🙄
- अज्ञात
650 में से 411 सीटें जीतने के बावजूद— कीर स्टार्मर ने अपने वादे पूरे न कर पाने के कारण UK के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया है।
और यहां कई देशों के PM लगातार वादे पूरे न कर पाने और विदेश में देश की बेज्जती करवाने के बाद भी बेशर्मी से गद्दी पर बैठे रहते हैं।
इन चारों ब्राह्मणों ने ऐसा काम किया कि किसी न्यूज चैनल वालों में नहीं दिखाया, ये मामले ज्यादा दिन पुराने नहीं हुए....
👉 जितेंद्र पाठक में 1.5 साल के बच्चे को पटक पटक कर बेरहमी से मार डाला !
👉 डॉ शैलेंद्र शर्मा ने हॉस्पिटल में ईलाज कराने आई , एक नाबालिक लड़की का रेप किया!
👉 अभिषेक मिश्रा ने लड़की को नसीली दवा देकर ,ब्लैकमेल किया, अश्लील वीडियो बनाया, रेप किया!
👉 विनय पंडित पुजारी ने मंदिर के अंदर 10 साल की लड़की का रेप करने को कोशिक की , जब गिरफ्तारी हुई तो ब्राह्मणों ने प्रोटेस्ट किया !
ब्राह्मण जाति की वज़ह से , न्यूज चैनलों में बैठे जाति वादी ब्राह्मण न्यूज एंकर ऐसे खबर नहीं दिखाते!
मुलायम सिंह यादव जी को आज मरणोपरांत अफ़सोस हो रहा होगा कि इतना सारा केस होने के बावजूद भी उस छोटे फेंटा का हमने एनकाउंटर नहीं किया,अगर कर दिया होता तो, आज समाज में इतना द्वेष नहीं फैलता।
राहुल गांधी जी पर फिल्म आ रही है।🔥⚡️✊
RT रुकनी नहीं चाहिए साथियों ताकि राहुल गांधी पर आधारित यह मूवी तहलका मचा दे...🙌🏻
देखता हूं राहुल गांधी को कितने लोग पसंद करते हैं।
"चंपत राय चोर नही हो सकता। चोर होता तो विश्वस्त नहीं होता। विश्वस्त लोग अपने लिए चोरी नहीं करते, अपने आका के लिए चोरी करते हैं। जिन्होंने उनको वहां बैठाया, वे कौन हैं? चंपत राय ने जो किया होगा, उनके लिए किया होगा।"
- शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
जरा ठहरो और सोच पर बताओ की अगर इन पुलिस वालों भाई हमला करने वाला कोई मुसलमान होता तो अबतक उसके साथ क्या होता ?
क्या इतनी ही नर्मी उनके साथ बर्ती जाती जितना इन भगवा दंगाइयों के साथ बर्ती जा रही है ?
भावुक कर देना वाला ये विडियो मप्र के विदिशा का है 😢💔
NEET पेपर में जरा सी देरी से पहुंची छात्रा जब पेपर नही दे सकी तो
जीवन भर की कमाई लगा देने वाला एक गरीब किसान पिता के पास अब खोने को कुछ नहीं बचता तो जोर जोर रोने लगता है परीक्षा केंद्र के बाहर और बच्ची भी रोने लगती है अपने पिता को देखकर रोने लगी !
“40₹ पाकिस्तान से आए तो मेट्रो लिया
20₹ अमेरिका से एक तो रिक्शा लिया…”
क्या ज़बरदस्त जवाब है!
इस जवाब को सुनने के बाद तो उन नामुरादों को अपना चेहरा रेत में गोत लेना चाहिए जो किसी भी असंतोष और प्रदर्शन के पीछे विदेशी फंडिंग देखते हैं
VC @Nher_who
मज़ेदार है कि अपनी नफ़रत में भाजपा ने उस गोपाल मुखर्जी उर्फ़ गोपाल पाठा को अपना हीरो बनाया है जो पेशे से कसाई थे।
शाकाहार का ज्ञान देते-देते यहाँ पहुँच गए!
अब तो इस्तीफ़ा दे दो!
NEET की परीक्षा में फिर से धोखाधड़ी बताती है कि भाजपाई गैंग इस बार किसी और के लिए पेपर सॉल्व करने का मुखौटा लगाकर आई, क्योंकि नीचे-से-ऊपर तक सब मिले थे, इसीलिए बायोमेट्रिक की जाँच में भी घपला किया गया। ये तो एक जगह है जहाँ बात खुल गई, बाक़ी न जाने और कितनी सेंटरों पर ये हुआ होगा।
युवाओं के साथ हो रहा ये धोखा तभी बंद होगा जब भाजपा के ख़िलाफ़ इस देश का हर छात्र, उनके माता-पिता, उनका संपूर्ण परिवार एकजुट हो जाएगा।
भाजपा अपराध और नाउम्मीदगी का दूसरा नाम बन गई है।
वोट की लूट से बनी सरकार, पेपर धांधली से लेकर चढ़ावा-चंदा-दान चोरी तक पहुँच गई है। भाजपा और उनके अनरजिस्टर्ड संगी-साथियों ने सरेआम-बेईमानी के अपने ही बनाए रिकॉर्ड तोड़ दिये हैं।
#NEET
#NEET_REEXAM
अब से गणित के सवाल कुछ इस तरह के हो सकते हैं -
अगर 2 मंदिरों का सोना बेच कर 6 विधायक खरीदे जा सकते हैं तो बताओ 48 विधायक खरीदने के लिए कितने मंदिर लूटने पड़ेंगे?
🤣🤣🤣🤦
“आप ज़बरदस्ती मेरे मुंह पे माइक लगा रहे हो, मेरी परमिशन ली आपने”
ये शब्द उस आदमी के मुंह से निकल रहे है जो खुद हर जगह ज़बरदस्ती मुसलमानो के मुंह में माइक ठूँसता हुआ दिखाई पड़ता है.
आज इसको पता लगा होगा जब ज़बरदस्ती किसी के मुंह में माइक ठूँसा जाता है तो कैसा महसूस होता है.