पिछड़ा, दलित, दिव्यांग शिक्षक अभ्यर्थियों को सड़क पर अपनी नियुक्ति की मांग के लिए प्रदर्शन करने पर मजबूर करना असंवेदनशील भाजपा सरकार की हृदयहीनता व विफलता का एक और उदाहरण है।
भाजपा सरकार ने अपनी नीतियों से शिक्षक समुदाय के मान-सम्मान को सार्वजनिक रूप से अपूरणीय ठेस पहुँचाई है।
कल दिनाक 31/5/2022 को मैं अंबुज पाल ट्विटर पर #मां_देवी_अहिल्या_बाई_जयंती की सुभ अवसर पर ट्विटर पर उनके नाम से एक पैनल बनूंगा, आप सभी लोगो से निवेदन है की शाम 7:00 बजे इस पैनल को शुरू किया जायेगा, आप सभी लोग अपनी उपस्थिति देकर देवी अहिल्या बाई जयंती उनके जीवन पर प्रकाश डाले।
शिक्षा, संस्कृति,मानवसेवा की सर्वोच्च प्रतीक मातु अहिल्या। निपुण प्रशासक,दानशूर, पुण्य श्लोक,अतुलित कौशल्या।।
३१ मई,,, अहिल्या जयंती। कोटि कोटि नमन
#देवी_अहिल्या_जयंती#देवी_अहिल्या_जयन्ती