@kkjourno "स्याही से न आवाज़ दबती है, न विचार झुकते हैं,
सच के रास्ते पर चलने वाले हर वार सहते हैं।
मतभेद हो तो तर्क से मुकाबला कीजिए,
स्याही उछालने से नहीं, विचारों से इतिहास बनते हैं।"
बनाने चले Brand, बज गया Band!
अब 7000 करोड़ एक साल में भी खर्च कर दें तो भी कुछ बदलनेवाला नहीं।
डबल इंजन के आपसी कम्पटीशन में गुरु गुड़ रह गया, चेला शक्कर हो गया… ये बात अलग है कि ज़्यादा मीठे के चक्कर में सब कड़वा हो गया।
अच्छे व्यवहार, अच्छे करम और जन हित के काम से बड़ा कोई और प्रचार नहीं होता है।
इनके अत्याचार, अन्याय, महिलाओं-अधिकारियों-पत्रकारों-प्रोफ़ेसरों से दुर्व्यवहार, दुर्वचन, सजातीय पक्षपात, पीडीए पर प्रहार, ‘हाता नहीं भाता’ के फ़ार्मूल के विस्तार, महा-भ्रष्टाचार के द्रव्य के स्वर्ण-ठोसीकरण, मंदिर चोरी के आरोपियों को दोषपूर्ण SIT से बचाने व प्रतिशोध की राजनीति के कारण घर-मकान-दुकान से लेकर यूनिवर्सिटी तक गिराने जैसी नकारात्��क-संकीर्ण राजनीति के कारणवश इनकी इमेज का एनकाउंटर हो गया है और उसके ऊपर से बुलडोज़र भी गुज़र गया है। इनकी छवि तो बनी नहीं, अधिकारियों के घर-महल ज़रूर बन गये।
जनता पूछ रही है लखनऊ से गोरखपुर कोई डाइरेक्ट ट्रेन है क्या क्योंकि अपने बनाए भाजपाई एक्सप्रेसवे से जाने का जोखिम तो वो उठाएंगे नहीं। ‘एक-दो’ आइटम छोड़कर बाक़ी सब वैध सामान ले जाने के लिए मूवर्स एंड पैकर्स भी तैयार बैठे हैं।
संसद में औरतों से डरता है
संसद के बाहर छात्रों से डरता है
सड़क पर किसानों से डरता है
विदेश में ट्रंप से डरता है
सपने में नेहरू से डरता है
मेरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक डरपोक है।
दिल्ली पुलिस का आदर्श वाक्य ‘शांति, सेवा, न्याय’ है, लेकिन कल जंतर-मंतर पर वर्दीधारी द्वारा मासूम बेटियों की ��स्मिता पर किया गया हमला इस आदर्श वाक्य को विडंबना बना देता है।
देशवासियों ने जो शेर पाला था वो शेर अब उनके बच्चों का ही खूsन पी रहा है.
आज बच्चे सड़क पर पीsटे जा रहे हैं उसकी जिम्मेदार सिर्फ सरकार नहीं बल्कि बच्चों के माँ-बाप भी हैं जिन्होंने इस भस्मासुर सरकार को खड़ा किया है.
मोदी जी, ये देश आपके पिता जी का नहीं है। धमकियाँ देना बंद करो, नहीं तो देश के लोग ऐसा सबक सिखाएंगे कि इतिहास याद रखेगा कि एक तानाशाह का कैसा हाल हुआ था।
कृपया अपने बयान की विश्वसनीयता सिद्ध करने के लिए, आप अपने द्वारा खाली कराई गई ‘तथाकथित 64000 एकड़’ ज़मीन के क्षेत्रफल और भू-लेखा विवरण की ज़िलेवार सूची भी ज़ारी करें।
अयोध्या के मंदिर में हुई चोरी के बाद, आपने झूठ-मूठ की SIT बनाकर और उससे मनमानी रिपोर्ट लिखवाकर जो लीपा-पोती की है उससे आपके कथन-वचन से समाज का विश्वास पूरी तरह उठ गया है। आपके द्वारा बताए गये, कुंभ मेले के मृतकों के आँकड़े जिस प्रकार झूठे साबित हुए थे, वो आज भी जनता के मानस में अंकित हैं।
जन-प्रश्न : जब बोले गये और लिखे गये आँकड़े में ही अंतर होगा, तो जनता भरोसा किस पर करे?
जो राम को लाए थे, वो चंदा खाए हैं...
2 करोड़ की भूमि से 18 करोड़ बनाए ���ैं...
सरदार छोड़ के बस चमचे धारवाए हैं..
भोली जनता को फिर गोला पकड़ाए हैं...
जो राम को लाए थे, वो चंदा खाए हैं...
@zoo_bear @yadavakhilesh @RahulGandhi
मोदी जी ने खुद ट्रस्ट बनाया और एक-एक व्यक्ति को खुद चुना। अपने खास चंपत राय को मंदिर का सर्वेसर्वा भी बनाया।
क्या आपको भरोसा है कि मोदी जी असली चोरों को सजा दिलवा पाएंगे? पूरा घटनाक्रम तो यही दिखाता है ���ि मोदी जी मामले को रफ़ा-दफ़ा करने और दोषियों को बचाने में लगे हुए हैं।